How to do a nursery business – Agri नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे?

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नमस्कार, apnasandesh.com आप सभी का स्वागत है, दोस्तों आज के इस लेख में हमारी टीम द्वारा कृषि Technology से संबंधित नर्सरी तकनीक और नर्सरी के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है.

नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे - How to do a nursery business

 

नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे – How to do a nursery business :-

नर्सरी का परिचय – Introduction to nursery –

Nursery पौधों को लगाने के लिए एक उपयुक्त जगह है. नर्सरी एक अंग्रेजी शब्द है जिसका आसान अर्थ है की जहां फसलों की देखभाल के लिए झाड़ियों तथा पौधों को रखा जाता है. जिस क्षेत्र में पौधों का निर्माण, पेड़ो को कलम और पेड़ फसलों की देखभाल करते है उसे आसान शब्द में नर्सरीकहा जाता है. जहा अनेक पेड़ पौधों का रोपण तथा बीज प्रक्रिया की जाती है.

नर्सरी टेक्नोलॉजी ने दुर्लभ प्रजातियों की किस्मों को संरक्षित करने में मदद की है. नर्सरी में विभिन्न प्रकार की पेड़ प्रजातियों का अध्ययन किया जाता है. कम जगह और आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए, रोपवे से भविष्य की खेती का उत्पादन वैज्ञानिक रूप से किया जाता है.

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भारत में नर्सरी का व्यवसाय बहुत पुराना है. नर्सरी में देहाती बीजों और बीजों की खेती भी वैज्ञानिक तरीके से की जाती है. फूलों के पौधे, फलों के पौधे उगाने और समृद्ध करने में वैज्ञानिक तरीके किफायती हैं, क्योंकि व्यवसायिक रूप से इसकी मांग बढ़ रही है. नर्सरी की संख्या और गुणात्मक वृद्धि इस संभावना के कारण कि नर्सरी के माध्यम से एक ही समय में अधिक बीज पैदा कर सकते हैं.

 

नर्सरी का महत्व :-

नर्सरी का महत्व यह है कि बढ़ती पौधों की संख्या बेहतर खेती के लिए उपयोग किया जा सके और कृषि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

1. कम जगह में बड़े पौधे उगाए जाते हैं,

2. रोपाई बेहतर बनाई जाती है, नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे – How to do a nursery business

3. यह किड और बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए सुविधाजनक है, जिसे रोपाई के रूप में वर्गीकृत किया जा जाता है,

4. जैसे कि टोपियां भरना, गुथना कलम आदि.

5. पौधों को समय पर उर्वरक प्रदान करके पौधों की वृद्धि को बढ़ाया जाता है, और उत्पादक सफल हो सकता है.

 

नर्सरी प्रस्तापित करने से पहले :-

Nursery अवधारणाओं को समझना,

नर्सरी के कामकाज और लाभों को समझना,

अनुभाग और उसके तरीकों को समझना, आदि

1. रोपाई का चयन सोच समझकर किया जाना चाहिए, रोपाई की भविष्य की मांग के बारे में सोचकर रोपाई का चयन करना जरुरी है.

2. नर्सरी के लिए कितनी जगह चाहिए, नर्सरी के लिए कितनी जमीन उपयुक्त होनी चाहिए, यह देखा जाता है तथा मिट्टी की जांच की जानी चाहिए, इससे नर्सरी लागत फायदेशीर होगी,

3. पानी की उपलब्धता देखनी चाहिए, नर्सरी के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति होनी चाहिए.

4. उपलब्ध मजदूरों को संख्या यह जानना जरुरी है, नर्सरी का कामकाज समय निश्चित करना चाहिए, तथा नर्सरी का कार्य, नर्सरी देखभाल, आदि के लिए स्थायी – मौसमी कौशल अध्ययन, पर्यवेक्षण, कार्यालय कार्य आदि के लिए आवश्यक श्रमशक्ति की संख्या पता होनी चाहिए. नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे – How to do a nursery business

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5. नर्सरी में मातृवृक्ष का एक बड़ा महत्व है, मातृवृक्ष के बिना नर्सरी का उत्पादन नहीं हो सकता इसलिए एक अलग विभाग रखें.

6. पौधों के निर्माण के लिए, आश्रय शेड, नेट हाउस, ग्रीन हाउसिंग उपकरण की आवश्यकता होनी चाहिए,

7. पौधों को रोपने के लिए बहुत सारी रोपाई की आवश्यकता होती है, इसके लिए खूंट पौधे बनाना आवश्यक है.

8. बिजली, टेलीफोन, आदि साधने आमतौर पर आसपास होनी चाहिए, ग्राहकों तक पौधों का आयात – निर्यात करने के लिए उपयुक्त सड़क परिवहन प्रणाली आवश्यक है.

9.  नर्सरी के व्यवसाय के लिए अनुमति प्राप्त करने के लिए शासकीय कार्यालयों की अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है.

10. तकनीकी सलाह प्रदान करें – रोपाई विकास में कई समस्याएं निर्माण होती हैं। वित्तीय प्रबंधन में मुश्किल या तकनीकी समस्याएं की जानकारी प्राप्त करे, आदि.

 

नर्सरी के प्रकार :-

नर्सरी अवधि की मुख्यता दो प्रकार में विभागणी की गई है,

✤ मौसमी नर्सरी,

✤ स्थायी नर्सरी,

Plants नर्सरी ट्रेनिंग प्रक्रिया के लिए यहाँ क्लिक करे,

 

मौसमी नर्सरी :-

इस प्रकार की नर्सरी का उपयोग मौसमी सब्जी, वनस्पतियों की रोपाई के लिए किया जाता है, जो 6 से 8 महीने की होती है. उदाहरण के लिए, प्याज, बैंगन, फल-फूल आदि.

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स्थायी नर्सरी :-

इस प्रकार के नर्सरी में विभिन्न प्रकार के पत्तेदार पौधों लगाए जाते हैं, जो केवल नर्सरी में उपलब्ध होते हैं. स्थायी कलम करने के लिए स्थायी जाल और हथियार रखने के लिए एक अलग स्थान उपलब्ध होता है.

यह नर्सरी बहुत सारे व्यवसायिक रूप में होती हैं, जिसका अर्थ है कि वयस्क और स्थायी रोपाई बनाकर मांग की जाती है. और किसान तथा ग्राहकों को बेचा जाता है.

उदा. फल के पौधे , जंगली वृक्षों के पौधे,आम, पेरू, आवला, पलस, मोगरा, कुसुम आदि की बिक्री होती है.

 

नर्सरी में बीज की बुवाई –

सीधे रेष में बीज बोने की प्रक्रिया – इस विधि में, फल-सब्जी या फूलों के बीजों को बुवाई मशीनरी की मदद से या हाथ के माध्यम से संरेखित किया जाता है, उदा. गेहूं, बाजरी, फूलपौधे,

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प्लास्टिक की एक सपाट ट्रे में बीज बोने की प्रक्रिया – एक सपाट ट्रे में बीज की बुवाई, मिट्टी और उर्वरकों को इकट्ठा करके किया जाता है. बोया गया बीज ट्रे में पानी के वाष्पीकरण से बचने के लिए, उसपर वृत्तपत्र लगाया जाता है.

प्लास्टिक के बैग में पौधों का रोपण – पौधों को एक विशिष्ट आकार के प्लास्टिक बैग में लगाया जाता है, जिसमें मिट्टी और उर्वरकों का मिश्रण मिलाया जाता है. यह प्लास्टिक एक वृक्ष रोपाई के लिए और उन्हें चार से पांच सेंटीमीटर तक छेद रहते है ताकि पानी जमीन में जा सके और पौधों की बाढ़ हो सके.

 

बीज प्रक्रिया मिट्टी में बीज लगाना :-

इस प्रक्रिया में सीडिंग ट्रे का उपयोग करके रोपाई तैयार करते है. सीडिंग ट्रे को पानी से धोया जाता है, इसे एक कॉकपिट में मिलाते हुए सीलिंग ट्रे में बीज को बोया जाता है और फिर उसे दबाया जाता है. इस प्रकिया में फलों और सब्जियों के बीज उपचारित करने के लिए सीडिंग ट्रे का उपयोग करते है. नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे – How to do a nursery business

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