How to become Pesticide Scientist – पेस्टीसाइड वैज्ञानिक कैसे बने?

पेस्टीसाइड वैज्ञानिक कैसे बने – How to become Pesticide Scientist, (एग्रोकेमिकल इंजीनियर कैसे बने) Agrochemical engineer kaise bane, पेस्टीसाइड इंडस्ट्री (Pesticide industry me career kaise banaye), (पेस्टीसाइड इंजीनियर) Pesticide Engineer kaise bane, पेस्टीसाइड इंडस्ट्री नौकरी कैसे पाए – How to find a Pesticide Industry job, कृषि वैज्ञानिक कैसे बने, एग्रोकेमिकल की पढाई कैसे करे – How to study Agrochemical, पेस्ट कंट्रोल की पढ़ाई कैसे करे – How to practice paste control सभी जानकारी हिंदी में.

नमस्कार, apnasandesh.com पर आप सभी का स्वागत है. दोस्तों आज के लेख फिर एक बार Agricultural Technology के संबंधित एग्रोकेमिकल इंजीनियर (Agrochemical Engineer) कैसे बने तथा पेस्टीसाइड इंडस्ट्री (Pesticide Scientist) में नौकरी कैसे पाए इसके बारे में जानकारी प्रस्तृत की जा रही है.

Agrochemical, engineer पेस्टीसाइड वैज्ञानिक kaise bane - How to become Pesticide Scientist

 

How to become Pesticide Scientist – पेस्टीसाइड वैज्ञानिक कैसे बने?

भारत के ग्रामीण समुदायों में, कृषि गतिविधि अधिक मात्रा में पाई जाती है, इसलिए भारत को भारत की कृषि भूमि का खिताब मिलता है. लगभग 70% भारतीय लोग किसान हैं. वे भारत की रीढ़ की हड्डी के समान हैं. खाद्य फसलों और तिलहन का उत्पादन करें. वे व्यावसायिक फसलों के उत्पादक हैं. वे हमारे उद्योगों के लिए कुछ कच्चे माल का उत्पादन करते हैं, इसलिए वे हमारे राष्ट्र का जीवन रक्त हैं.

भारत के लगभग 60% लोग, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, दिन-रात मेहनत करने वाले भारतीय किसानो पर निर्भर हैं. इसलिए किसानो को कम समय में अच्छी लागत तथा खाद्य में बढोत्तरी के बारे में अब भारतीय कृषि विद्यापीठों में शिक्षा दी जाती है. इससे आधुनिक तरीके से तथा तकनीक के साथ खेती में किए जाने वाले अन्य प्रकार के Fertilizer बारे में शिक्षा अवगत कराई जाती है. साथ ही कृषि संबंधी अधिक जानकारी दी जाती है.

 

वर्तमान में होने वाले किटकनासको का उपयोग :-

कीटनाशक उद्योग आर्थिक रूप से बहुत बड़ा है. अर्थशास्त्र में अनुसंधान और विकास, योगों का उत्पादन और विपणन शामिल हैं; नियमों का प्रवर्तन; और रसायनों की वास्तविक खरीद, फसल सुरक्षा और रोग में कमी के कारण आर्थिक बचत दुर्जेय है. दूसरी ओर, कीटनाशक पर्यावरण के विभिन्न घटकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कीटनाशक अर्थशास्त्र के समग्र मूल्यांकन में इस क्षति पर विचार किया जाना चाहिए.

चाहे खेत खलियान हो या गोदाम, इसके फसलें और अनाज कैसे सुरक्षित रहे इसके बारे में जानकारी एग्रोकेमिकल और पेस्ट कंट्रोल पढ़ाई द्वारा सही तरीके से सिखाते हैं. यह कुछ ऐसा है कि छात्रों को दिल्ली और देश के अन्य कृषि संस्थानों से संबंधित शिक्षण संस्थानों में जाना पड़ता है. इस कोर्स में छात्र को कीटों की पहचान और सुरक्षा के विभिन्न तरीकों से अवगत कराया जाता है और प्रदूषण को कैसे नियंत्रित करे इसके बारे में शिक्षा दी जाती है.

Agrochemical engineer kaise bane

एग्रोकेमिकल :-

एग्रोकेमिकल एक कृषि पारिस्थितिकी तंत्र, या एक कृषि क्षेत्र में जीवों के समुदाय का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कोई भी पदार्थ है. एग्रोकेमिकल्स में शामिल हैं:-

1. Fertilizer,

2. Limiting and acidifying agents,

3.Soil conditioner,

4.Insecticide, और

5. रसायनों का उपयोग पशुपालन में किया जाता है, जैसे कि एंटीबायोटिक्स और हार्मोन.

 

भोजन के लिए उगाई जाने वाली फसलों के लिए एग्रोकेमिकल्स का उपयोग महत्वपूर्ण होता है. इन रसायनों में से कुछ पर्याप्त पर्यावरणीय और पारिस्थितिक क्षति का कारण बनते हैं, और उनके लाभों को बहुत कम करते हैं

B.Sc  इन Agrochemical एंड पेस्ट कंट्रोल की पढ़ाई विभिन्न विश्वविद्यालयों में अप्लाइड लाइफ साइंस के तहत होती है इसमें पहले साल में छात्रों के पेपर साइंस के अन्य कोर्स की तरह ही कॉमन होते हैं जिसमें छात्र केमिस्ट्री बायोलॉजी मैथ और फिजिक्स आदि के बारे में पढ़ते हैं वैपेस्ट एनीकट संबंधी चीजों की पढ़ाई करते हैं छात्रों को इस कोर्स के तहत पेश की गई पहचान वह उस पर नियंत्रण कैसे करें इसके बारे में जानकारी दी जाती है. उसके बाद छात्रों को इस्तेमाल में लाई जाने वाली विभिन्न तरह के खाद्य के बारे में जानकारी दी जाती है.

Agrochemical engineer kaise bane

B.Sc इन Agrochemical एंड पेस्ट कंट्रोल की पढाई संबंधी जानकारी :-

1. बीएससी Agrochemical और पेस्ट कंट्रोल के ये अध्ययन विभिन्न विश्वविद्यालयों में एप्लाइड लाइफ साइंस के तहत किए जाते हैं.

2. पहले वर्ष में, छात्रों का पेपर विज्ञान के अन्य पाठ्यक्रमों के समान होता है, जिसमें छात्र जीव विज्ञान, गणित और भौतिकी आदि के बारे में तथा रसायन विज्ञान का अध्ययन करते हैं.

3. जो छात्र पेस्ट से संबंधित किट का अध्ययन करते हैं, वे पाठ्यक्रम के तहत प्रस्तुत चीजों की पहचान करते हैं और उन्हें नियंत्रित करना सीखते हैं.

4. खेतों में गोदाम की दुकानों और आवासीय स्थानों में संग्रहीत खाद्य को कैसे संग्रहीत किया जाए, इसके बारे में जानकारी दी जाती है. स्वाभाविक रूप से, छात्रों को विभिन्न प्रकार के खाद्य के बारे में जानकारी दी जाती है.

5. फसलों के स्थान पर जंगली पौधों और वंचित पौधों को नष्ट करने का एक तरीका तकनीक के तहत पढ़ाया जाता है.

6. इस सब के बाद, पौधों के उत्पादन को इसके विकास और इन सभी जानकारी के बारे में भी बताया जाता है.

7. पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के रसायनों से छात्रों को अवगत किया जाता है. पेड़ों के अंदर इन सभी घटकों का उपयोग करने के तरीके के बारे में जानकारी दी जाती है.

8. तथा छात्र को केमिकल्स के विश्लेषण की विधि उसका फॉर्मूलेशन ठीक बना है कि नहीं जैसी जानकारी के बारे में पढाई दी जाती हैं.

9. रसायनों का उपयोग कैसे करें, ताकि प्रदूषण न फैले, इसकी जानकारी भी छात्रों को दी जाती है.

10. छात्रों ने 3 साल में थ्योरिटिक और प्रैक्टिकल दोनों से संबंधित पेपर होते है. कोर्स के दौरान फील्ड सर्वे और कीटनाशक तैयार करने के लिए छात्रों की मदद ली जाती है.

Pesticide Engineer kaise bane

कीटनाशक उद्योग (Pesticides industry) में प्रवेश कैसे प्राप्त करें :-

1. प्रवेश आमतौर पर योग्यता के आधार पर दिया जाता है.

2. कटऑफ लिस्ट को हटाकर आवेदकों को कॉलेज सर्टिफिकेट दिया जाता है.

3. लेकिन कई संस्थान प्रवेश परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों का चयन करते हैं, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और किसी भी भाषा के साथ 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है.

Read More – Agronomy me career kaise banaye

Pesticide Engineer kaise bane

Pesticides से जुड़े उद्योग :-

Pesticides कोर्स को पूरा करने के बाद एक छात्र एमएससी करते हैं. कुछ है जो उसके बाद रिसर्च करने लगते हैं. शास्त्रों के बाद कई छात्रों की मांग पेस्टिसाइड से जुड़े उद्योगों में होती है. आज इससे जुड़े उद्योग मुंबई, गुड़गांव, उदयपुर, बेंगलुरु और केरल आदि जगहों पर काफी मशहूर है. यहां कई कंपनियां उन्हें फॉर्मूलेशन के काम के लिए नियुक्ति करती है.

शोध के लिए छात्र कीटनाशक संबंधित कंपनियों में आते हैं. Fertilizer बनाने वाली कंपनियों के अलावा, कृषि से संबंधित उत्पादों, रासायनिक उद्योग उद्योगों आदि से संबंधित कंपनियां कृषि के संस्थानों में रोजगार के लिए छात्रों को अवसर उपलब्ध होता हैं, उन्हें आगे वैज्ञानिक पदों पर काम करने का अवसर भी मिलता है.

 

पेस्टिसाइड इंडस्ट्री में वेतन प्रक्रिया :-

1. जो छात्र बीएससी करने के बाद आगे नौकरी में जाते हैं उन्हें आसानी से 25-30000 प्रतिमाह की नौकरी मिल जाती है.

2. इससे आगे बढ़ने या अनुसंधान के क्षेत्र में रिपोर्टर या वैज्ञानिक के रूप में काम करना है तो वेतनमान लगभग 50000 हजार होता है.

3. इससे ऊपर वैज्ञानिक या कृषिशिक्षण संस्थान में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी पाना है तो शुरुआती वेतनमान 45 से 50 हजार तक हो सकता है.

4. अनुसंधान के लिए छात्र पेस्टिसाइड संबंधी कंपनियों में आते हैं. छात्रों को उर्वर कंपनियां कृषि संबंधी उत्पाद से जुड़ी कंपनियां केमिकल बनाने वाली उद्योग धंधों आदि के अलावा कृषि से जुड़े संस्थानों में रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं जो छतरी करते हैं उन्हें आगे वैज्ञानिक पद पर भी काम करने का मौका मिलता है

5. इस तरह कृषि वैज्ञानिक के रूप में इस क्षेत्र में करियर बनाया जाता है.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको पेस्टीसाइड वैज्ञानिक कैसे बने – How to become Pesticide Scientist यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

धन्यवाद….

हसते रहे – मुस्कुराते रहे…..

 

यह भी जरुर पढ़े 

1. नीबू के महत्वपूर्ण गुण

2. पुदीना के जबरदस्त फायदे

3. पनीर सलाद कैसे बनाए

4. रक्त और हिमोग्लोबिन

5. विटामिन के लाभ

6. संतुलित आहार के फायदे

7. 5 ” S ” का महत्व

8. नए आविष्कार वाले हेलमेट

9. BS-4 वाहन के स्ट्रोंग फीचर्स

10. इलेक्ट्रिकल कैसे कम करती है

11. रस्ता संकेत

12. वाहनों का आविष्कार

13. पहिए का आविष्कार

14. पढाई कैसे करे

15. ट्रांसफोर्मर का कार्य

16. मल्टीमीटर का उपयोग

Post Comments

error: Content is protected !!