How to cultivate mushrooms – (Agri form) मशरूम की खेती कैसे करें?

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मशरूम की खेती कैसे करें - How to cultivate mushrooms

नमस्कार, apnasandesh.com पर आप सभी का स्वागत है. दोस्तों आज के लेख में हम प्रकृति के बेहत ही गुणकारी तथा खाने योग्य दवा के बारे में जानकारी बताने जा रहे है.

 

How to cultivate mushrooms – (Agri form) मशरूम की खेती कैसे करें?

मशरूम एक अच्छा खाद्य पदार्थ है और यह एक अच्छी दवा भी है. इसके सेवन से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं. इसमें एंटीबायोटिक एजेंट होते हैं जो शरीर में बैक्टीरिया को बचाने में मदद करते हैं, जिसमें एंटीवायरल तत्व होते हैं जो हमारे शरीर को वायरल बुखार से बचाने में मदद करते हैं.

रक्त में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है. अंत में इसे हृदय रोगों से भी सुरक्षा मिलती है, जिसमें फोलिक एसिड पाया जाता है. यह ब्लड ल्यूकेमिया के शिकार लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है, खासकर महिलाओं के लिए. इसके सेवन से कब्ज दूर होती है, पेट साफ होता है और भूक अधिक लगती है. यह प्रोटीन और विटामिन B-12 का एक अच्छा स्रोत है, केवल 3 ग्राम चूर्ण एक व्यक्ति कीविटामिन B-12 की दैनिक आवश्यकता को पूरा करता है, इस प्रकार मशरूम स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है, जिसके बारे में आपको इस लेख के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की जा रही है.

 

भारत में मशरूम की खेती की शुरुआत :-

मशरूम की खेती पहली बार 1961 में हिमाचल प्रदेश में की गई थी. तब से, 1980 से इसका प्रसार बढ़ गया है. मशरूम की खेती 1980 से पहले केवल पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित थी, लेकिन अब इसे किसी भी क्षेत्रों में भी पूरा किया जाता है. मशरूम खेती की ट्रेनिंग Read More

दुनिया में मशरूम की लगभग 10000 प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें 70 प्रजातियाँ कृत्रिम रूप से खेती के लिए उपयुक्त हैं. भारत में मशरूम की कई प्रजातियों की खोज की गई है, लेकिन भारतीय वातावरण में आमतौर पर तीन प्रकार की प्रजातियाँ उपलब्ध हैं. मशरूम की खेती कैसे करें – How to cultivate mushrooms

1. Button Mushroom

2. Oyster Mushroom

3. Paddy Casserole Mushrooms

 

बटन मशरूम की खेती :-

बटन मशरूम की खेती के लिए विशेष विधि से तैयार की गई कंपोस्ट खाद्य की आवश्यकता होती है. और इस कंपोस्ट खाद को साधारण विधि अथवा निर्जीवीकरण विधि से बनाया जाता है. कंपोस्ट खत तयार करने के बाद लकड़ी की पेटी में इसकी 6 से 8 इंच मोटी परत या बिंदा बिछा देते हैं. यदि बटन मशरूम की खेती पॉलिथीन की थैलियों में करना हो तो कंपोस्ट खाद्य को बिजाई या स्पानिंग के बाद ही थैलियों में भरते हैं. थैलियों में 2 मीटर Diameter के छेद थोड़ी दूरी पर कर देते हैं.

1. मशरूम के बीज को स्पान भी कहा जाता है.

2. बीज के गुणवत्ता का उत्पादन पर बहुत असर होता है. जैसे खुंबी का बीज अच्छी भरोसेमंद दुकान से ही लेना जरूरी है.

3. बीज 1 माह से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए.

4. बीज की मात्रा कंपोस्ट खाद के वजन के 2 से 2 पॉइंट 25% के बराबर होना जरूरी है.

5. बीज को पेटी में भरी कंपोस्ट पर बिखर दे तथा उस पर 2 से 3 सेंटीमीटर मोटी कंपोस्ट की एक परत और चढ़ा दे

6. पहले पेटी में कंपोस्ट की 3 इंच मोटी परत लगाए और उस पर बीच की आधी मात्रा विकार दे

7. तत्पश्चात उस पर फिर से 3 इंच मोटी कंपोस्ट की परत बिछा दे और बाकी बच्चे बीज उस पर बिखर दे

8. इस पर कंपोस्ट की एक पतली परत और बाद में बिछा दें.

 

कवक जाल बनाना :-

1. बिजाई के पश्चात पति अथवा थैलियों के मशरूम कक्ष में रख दें तथा इन पर पुराने अखबार बिछाकर पानी से भीगा दे

2. इसके बाद कमरे में पर्याप्त नमी बनाने के लिए कमरे के फर्श पर दीवारों पर भी पानी छिड़काव करें.

3. इस समय कमरे का तापमान साधारण 22 से 26 डिग्री सेंटीग्रेड तथा नमी 80 से 85% के बीच होनी चाहिए,

4. अगले 15 से 20 दिनों में खुंबी का कवक जाल पूरी तरह से कम्पोस्ट में फैल जाएगा इन दिनों खुंबी को ताज़ी हवा नहीं चाहिए इसलिए कमरे को उस समय तक बंद ही रखो.

 

परत चढ़ाना या Casing करना :-

1. गोबर की सड़ी हुई खाद्य एवं बाकी मिट्टी की बराबर मात्रा को छानकर अच्छी तरह से मिला लें इस मिश्रण का 5% फॉर्मलीन या भाप से निर्जीवीकरण कर ले.

2. इस मिट्टी को परत चढ़ाने के लिए प्रयोग करें.

3. कम्पोस्ट में जब कवक जाल पूरी तरह फैल जाए तो उसके ऊपर उपरोक्त विधि से तैयार की गई मिट्टी की 4 से 5 सेंटीमीटर मोटी परत पीछा दे.

4. परत चढ़ाने के 3 दिन बाद से कमरे का तापमान 14 से 18 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच और नमी 80 से 85% के बीच में ही रखें.

5. अब आपको इस समय मशरूम को तेजी से बढ़ाने के लिए ताजी हवा और प्रकाश की जरूरत होती है. इसलिए अब आप कमरे की खिड़कियां या रोशनी का दार खोल सकते हैं.

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खुंबी फलन का चक्र :-

1. मशरूम की बिजाई के 35 से 40 दिन बाद या मिट्टी चढ़ाने के 15 या 20 दिन बाद कंपोस्ट के ऊपर मशरूम के सफेद फलनकाय दिखाई देने लगते हैं, जो अगले 4 – 5 दिनों में बटन के आकार में बढ़ जाते हैं.

2. जब खुंबी दिखाई देने लगती है तब खुंबी को हाथ की उंगलियों से हटा कर, या फिर दबाकर तथा घुमाकर तोड़ सकते है.

3. खुंबी को चाकू से काट कर निकाल भी सकते हैं.

4. सामान्यता मशरूम के एक फसल चक्र को 6 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है.

मशरूम का उत्पादन और भंडारण आमतौर पर 8 से 9 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर में किया जाता है. लगभग 100 किलोग्राम खाद, लगभग 12 किलोग्राम खुंबी आसानी से प्राप्त हो जाती है. खुंबी तोड़ने के बाद, इसे साफ पानी में साफ करें और 25 से 30 मिनट के बाद इन्हें ठंडे पानी में भिगो दें.

खुम्बी का ताजा उपयोग करना सबसे अच्छा है. इसे फ्रिज में 5 डिग्री तापमान पर 4 से 5 दिनों के लिए भी स्टोर किया जा सकता है. लेकिन अगर आप इसका अधिक भंडारण करते हैं, तो यह उपयुक्त नहीं हो सकता है,  इसलिए इस खुंबी का प्रयोग ताजा ही करें.

 

How to cultivate mushrooms – (Agri form) मशरूम की खेती कैसे करें?

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