PUC Certificate कैसे बनाए [How to create a PUC certificate] ?

PUC Certificate कैसे बनाए – PUC Certificate kaise banaye, पीयूसी प्रमाणपत्र क्या है – PUC certificate kya hai, PUC certificate ke fayde.


नमस्कार दोस्तों apna sandesh  वेब पोर्टल पर आप सभी का स्वागत है. दोस्तों आज के इस लेखन टिप्स में हम  “PUC सर्टिफिकेट कैसे बनाये [How to create a PUC certificate] ?” जानने वाले है. अगर आप भी PUC certificate से जुडी जानकारी के बारे में जानना चाहते है, तो आप इस लेख को पूरा जरूर पढ़े.

दोस्तों आप जानते है की वातावरण में दिन प्रतिदिन प्रदुषण बढ़ रहा है. वाहनों की बढ़ती संख्या , औद्योगिक कम्पनी, आदि के कारण वातावरण में प्रदुषण बढ़ रहा है. आज हम वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कैसे रोके और वाहनों में PUC सर्टीफिकेट का काम क्या है, PUC certificate कैसे बनाये , इन सब के बारे में सविस्तार जानकारी जानने वाले है.

वाहनों की मिलावट दहन प्रक्रिया को कम करती है और इससे प्रदूषण होता है. आपने समाचार , वृत पत्र में पढ़ा होगा की कुछ पेट्रोल पंप पर पेट्रोल के साथ केरोसिन आदि का मिलाव करते है. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे ईंधन का अधूरा दहन होता है, यही वजह है कि वाहनों से वायु प्रदूषण होता है.

 

PUC Certificate कैसे बनाए

दोस्तों हमारी सरकार ने इंधन की गुणवत्ता सुधार में कई कदम उठाए है. वाहनों के उचित रखरखाव से उत्सर्जन की कमी द्वारा प्रदुषण पर नियंत्रण किया जा सकता है. धीरे धीरे ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में मुक्त इंधन , सीएनजी इंधन , जैव इंधन आदि जैसे नए उपाय अपनाये जा रहे थे.

ईंधन की गुणवत्ता बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए यूरो 2, यूरो 3 और यूरो 4 से यूरोपीय ईंधन विनिर्देशों के साथ पेट्रोल और डीजल के ईंधन विनिर्देशों का मिलान किया गया है. जैसे की आप जानते होंगे भारत में वैकल्पिक इंधन उपयोग से ऊर्जा सुरक्षा और उत्सर्जन में कमी को बढ़ावा दिया है. दिल्ली और मुंबई में 100,000 से अधिक वाहन सीएनजी जैसे ईंधन का उपयोग करते हैं. दिल्ली शहर में सबसे ज्यादा सीएनजी से चलने वाले वाहन हैं.

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“PUC सर्टिफिकेट कैसे बनाये [How to create a PUC certificate] ?” इस लेख में हम जानने वाले है की भारत में ऑटो वाहन उद्द्योग वैकल्पिक इंधन की शुरुआत की सुविधा का आरंभ किया है. एलपीजी का उपयोग एक ऑटो इंधन के रूप में किया है , और तेल उद्योग ने बड़े शहरो में ऑटो एलपीजी प्रदायगी स्टेशन योजना तैयार किया है.

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PUC certificate :-

दोस्तों, सभी वाहनों को ईंधन स्टेशनों, निजी गैरेज, पीयूसी केंद्रों पर जाना चाहिए और अपने वाहनों की उत्सर्जन प्रक्रिया की जांच करनी चाहिए. उत्सर्जन परीक्षण 3 से 6 एमएएच के बीच किए जाते हैं. अब वाहनों के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण (PCU) प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है. आपने भूखे पेट्रोल पंपों पर पीयूसी प्रमाणपत्र देखा होगा. यह सभी शहरों में फैला एक प्रदूषण का पता लगाने वाला केंद्र है, इसने पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए केंद्रों का आयोजन किया है.

यदि वाहन को निर्दिष्ट उत्सर्जन मानकों के अनुसार उपयुक्त पाया जाता है, तो PUC प्रमाणपत्र जारी किया जाता है. यदि वाहन उत्सर्जन की निर्दिष्ट सिमा से अधिक प्रदुषण पाया जाता तो उसे मरम्मत की जरुरत होती है.

वाहन में PUC प्रमाणपत्र नहीं है, तो इसे मोटर वाहन अधिनियम की धरा 190 (2 ) की तहत अभियोजित किया जा शकता है. अगर पहली गलती की जाती है, तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है और दूसरी बार उस पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. राज्य परिवहन विभाग द्वारा प्रदूषण जांच नि: शुल्क की जाती है

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PUC प्रमाणपत्र बनाने के किए बहुत कम शुल्क लिया जाता है :

∎ पेट्रोल / सीएनजी / एलपीजी वाहन 25 रुपए
∎ डिझेल वाहन 50 रुपए

 

PUC सर्टिफिकेट कैसे बनाये [How to create a PUC certificate]? :-

  •  सबसे पहले निर्देशित प्रदुषण केंद्र का पता लगाए.
  •  वैध प्रदुषण नियंत्रण केंद्र का पता लगने पर वाहन के उत्सर्जन प्रक्रिया जांच ले.
  •  यदि वाहन में निर्दिष्ट से अधिक प्रदूषण है, तो उसे मरम्मत करने की आवश्यकता है.
  •  वाहन में निर्दिष्ट से कम प्रदुषण हो तो केंद्र अधिकारी को अपने वाहन क्रमांक की जानकारी दे.
  •  निर्दिष्ट किये गए पेट्रोल वाहन शुल्क ( 25 / 30 रुपए )
  •  PUC प्रमाणपत्र जांच करे.

प्रिय दोस्तों हमने “PUC सर्टिफिकेट कैसे बनाये [How to create a PUC certificate]?” के बारे में जाने  है. उम्मीद है आप इस लेख को जरूर पढ़े.

धन्यवाद …..

 

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