ट्रांसफार्मर कैसे काम करता है – how does transformer work

ट्रांसफार्मर कैसे काम करता है – how does transformer work, ट्रांसफार्मर  का कार्य – Transformer work, ट्रांसफार्मर के प्रकार – Transformer type in Hindi.

नमष्कार दोस्तों Apnasandesh.com में आपका स्वागत है. दोस्तों आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से Transformer के बारे में जानने वाले है. Transformer का उपयोग , Transformer के प्रकार , आदि.  ट्रांसफार्मर एक विद्युत उपकरण है जिसे बारी-बारी से चालू करने के लिए एक वोल्टेज से दूसरे में परिवर्तित किया जाता है. इसे “Step up” या ” step down” वॉल्टेज और चुंबकीय प्रेरण सिद्धांत पर काम करने के लिए डिज़ाइन किया जा सकता है. एक वोल्टेज तब दूसरे कॉइल में प्रेरित होता है, जिसे द्वितीयक या आउटपुट कॉइल कहा जाता है.

दोस्तों आप सभी ने अपने घर में इलेक्ट्रिक करंट ( विद्युत प्रवाह ) का उपयोग किया है. लेकिन क्या कभी सोचा की यह इलेक्ट्रिक करंट आपके घर Transformer के माध्यम से आता है. चलिए आगे इसके बारे में जानते है.

हर इंसान की अलग-अलग बॉडी क्लॉक होती हैं | अगर इसे पढ़ाई से रिलेट करे तो आसान शब्दों में इसे इस तरह समझ सकते है कि 24 घंटो के समय में एक समय ऐसा होता है जब हमारी कार्यक्षमता चरम सीमा पर होती है | इस समय जब हम कोई भी काम करते हैं तो वो ज्यादा अच्छी तरह से और बेहतर तरीके से कर पाते है | कुछ लोगों को सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने से ज्यादा समझ आता है और याद रहता है | जबकी बहुत से लोगों कों रात में पढ़ने से ज्यादा समझ आता है और अच्छी तरह याद होता है | तो किसी भी एग्जाम की तैयारी शुरू करने से पहले ये अपनी बॉडी क्लॉक की एनालिसिस करें |

Transformer - ( ट्रांसफार्मर ) कैसे काम करता है - how does transformer work

Transformer( ट्रांसफार्मर ) कैसे काम करता है [how does transformer work] :

ट्रांसफार्मर यह एक स्थिर विद्युत उपकरण है. की जहा दो Conductor Coils आयरन कोअर में एक विशिष्ट दुरी पर होते है. इस दो Coil में से एक Coil ( Primary ) AC supply को दिया होता है इसलिए इस Coil के Surrounding में Magnetic Force निर्माण होता है. यह Force दूसरे Secondary Coil को Connect करता है. इसलिए वहां EMF ( Electromagnetic Force ) निर्माण होता है.

ट्रांसफार्मर का कार्य, जैसा कि नाम से पता चलता है, बारी-बारी से चालू ऊर्जा को एक वोल्टेज से दूसरे में बदलना है. जब ऊर्जा को एक उच्च वोल्टेज में परिवर्तित किया जाता है तो ट्रांसफार्मर को स्टेप-अप ट्रांसफार्मर कहा जाता है और ऊर्जा को कम वोल्टेज में परिवर्तित किया जाता है. ट्रांसफार्मर को स्टेप-डाउन ट्रांसफार्मर कहा जाता है. यदि बिजली बदलती है, तो वोल्टेज बदलता है.

Transformer [ट्रांसफार्मर  का कार्य] :

■  विद्युत सर्किट में विद्युत प्रवाह के व्होल्टेज , Frequency ( आवृत्ति ), पावर, आदि जगह में कोई बदलाव
ना करके पॉवर बढ़ाना.

■  Transformer से दिए हुए आवृत्ति और पॉवर में कोई बदलाव ना करके व्होल्टेज कम या ज्यादा करना.

■  Transformer एक सर्किट Coil से दूसरे सर्किट Coil में व्होल्टेज व पॉवर Transfer करता है.

 

Transformer - ( ट्रांसफार्मर ) कैसे काम करता है - how does transformer work

Transformer [ट्रांसफार्मर के प्रकार] :

Transformer - ( ट्रांसफार्मर ) कैसे काम करता है - how does transformer work

 

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Step Up Transformer :

ट्रांसफार्मर जो वोल्टेज को प्राथमिक से माध्यमिक तक बढ़ाता है उसे Step Up Transformer कहा जाता है. स्टेप-डाउन इकाई के रूप में, यह ट्रांसफार्मर उच्च-वोल्टेज, निम्न-वर्तमान शक्ति को कम-वोल्टेज, उच्च-वर्तमान शक्ति में परिवर्तित करता है.

Step Up Transformer यह एक ट्रांसफार्मर का प्रकार है जिसके माध्यम से व्होल्टेज को बढ़ाया जाता है. जिस ट्रांसफार्मर में Primary वाइंडिंग में दिए हुए व्होल्टेज से Secondary वाइंडिंग में व्होल्टेज ज्यादा निर्माण होता है उसे स्टेप अप ट्रांसफार्मर नामसे जानते है. Step Up Transformer में Primary वाइंडिंग की तार की जाड़ी बड़ी होती है और Secondary वाइंडिंग की तार की जाडी बारीक़ होती है. स्टेप अप ट्रांसफार्मरकी दोनों वाइंडिंग L टाइप , E टाइप , और I टाइप स्टॉपिंग कोअर की बनी हुई होती है.

Transformer - ( ट्रांसफार्मर ) कैसे काम करता है - how does transformer work

ट्रांसफार्मर से बाहर कदम:

स्टेप-डाउन ट्रांसफार्मर एक प्रकार का ट्रांसफार्मर है, जो प्राथमिक तरफ एक उच्च वोल्टेज को द्वितीयक तरफ कम वोल्टेज में परिवर्तित करता है. व्होल्टेज कम करने के लिए Step Out Transformer का उपयोग किया जाता है. इस Step Out Transformer में Primary वाइंडिंग को व्होल्टेज ज्यादा और Secondary वाइंडिंग को व्होल्टेज कम मिलता है. इस Transformer में Primary वाइंडिंग तार की कोटिंग बारीक़ और Secondary वाइंडिंग तार की कोटिंग जाडी होती है.

Transformer - ( ट्रांसफार्मर ) कैसे काम करता है - how does transformer work

पॉवर Transformer :

power Transformer (421-01-01) एक स्थिर डिवाइस है जो किसी दिए गए पावर वोल्टेज को दूसरे पावर वोल्टेज में परिवर्तित करता है. यह ट्रांसफार्मर आमतौर पर एक power = substation के भीतर स्थित होता है. इस Transformer का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणोंमे AC Power supply के लिए होता है. इस Transformer में एक Primary वाइंडिंग और दो या तीन Secondary वाइंडिंग होती है. कुछ Transformer में Secondary वाइंडिंग की दो तार बाहर की तरफ होती और वह निगेटिव के तहत जाना जाता। और कुछ Transformer में तीनो Wire बाहर होते है.

 

ऑटो Transformer :

इस Transformer का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरण , थ्री फेस मोटर के स्टार्टर ,और व्होल्टेज स्टैबिलाइझर के नियंत्रण के लिए होता है। इस Transformer में एक ही वाइंडिंग होती है जो वाइंडिंग की टॉपिंग कर एक भाग Primary वाइंडिंग को और दूसरा भाग Secondary वाइंडिंग के उपयोग में आता है.

ऑडिओ Frequency Transformer :

जिस इलेक्ट्रॉनिक Device में Sound System होता है उस Device में ऑडिओ Transformer का उपयोग होता है.

रेडिओ Frequency Transformer :

जिस उपकरण में High frequency ( उच्च आवृत्ति ) निर्माण होती है उस उपकरण में Radio Frequency Transformer उपयोग होता है।

इंटरमीडिएट Frequency Transformer :

ऑडिओ और रेडिओ फ्रीक्वेंसी का मतलब इंटरमीडिएट Frequency Transformer है। इस उपकरण का उपयोग टीवी या रेडिओ में होता है.

दोस्तों “ट्रांसफार्मर  कैसे काम करता है” इस लेख के माध्यम से हमने ट्रांसफार्मर के बारे में जाना है , उम्मीद है दोस्तों आपको यह लेख जरूर पसंद आया होगा.

धन्यवाद ……

 

Transformer के कुछ अन्य महत्वपूर्ण टर्म्स :-

►इन्डक्ट वोल्टेज

►सेल्फ इंडक्शन

►म्यूचुअल इंडक्शन

 

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