Festival of Deepawali – दीपावली (Diwali) का त्यौहार क्या है

दीपावली का त्यौहार क्या है – What is the festival of Deepawali, दीपावली त्यौहार का रहश्य जानिए आपकी भाषा में, In Hindi.

दोस्तों आज के लेख हम आपको Deepawali tyohar ki jankari in Hindi इसके बारे में बताने जा रहे हैं. अगर आप भी पौराणिक रहस्यों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को जरूर पढ़े. हम आपको दीपावली त्यौहार की जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से पूरी देंगे, तो चलिए जानते है. दिप पूजा क्या है – What is dip worship, दीपावली का परिचय – Introduction to Deepawali, जानिए दिपावली का महत्व – Importance of Deepawali, दिवाली में पांच दिनों का महत्व – Importance of five days in Diwali Info in Hindi सभी जानकारी हिंदी में.

दीपावली का त्यौहार - festival of Deepawali

सभी को नमस्कार और ApnaSandesh.Com में आपका स्वागत है. दोस्तों, जैसा कि हमने पिछले कुछ लेखन में पौराणिक रहश्य से संबंधित जानकारी दी है. आशा करते हैं कि आपको यह लेख अधिक पसंद आए होंगे, What is the festival of Deepawali in Hindi

 

Festival of Deepawali – दीपावली (Diwali) का त्यौहार क्या है

दीपावली त्यौहार का रहश्य जानिए

दिवाली एक खुशियों का त्यौहार है जीसे सम्पूर्ण भारतवर्ष में हिन्दू संस्कृति में मनाया जाता है. दिवाली को रोशनी के त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है. यह एक ऐसा त्यौहार है जो सभी त्योहारों से महत्वपूर्ण त्यौहार माना जाता है. अँधेरे से प्रकाश की ओर लेके जाने वाला यह त्यौहार का रहस्य कुछ अलग ही माना जाता है. जब अयोध्या नगरी के राजा श्री राम अपना चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अपने नगरी वापस आ रहे थे. तब अयोध्यावासियो ने अपने महराज के स्वागत के लिए उस कार्तिक मास की काली अमावश्या के रात्रि को दियों की रोशनी से प्रकाशित किया था. जानिए

ऐसा पुराणों में और ग्रंथो में लिखा है. तभी से दीपावली यह त्यौहार मनाया जाता है. दिपावली यह दियो का त्यौहार है, सत्य का त्यौहार है, सत्य की जित का त्यौहार है. यह त्यौहार भारतीय लोगो का सत्य पर जित का विस्वास है. इसीलिए दिवाली के इस अवसर पर हर एक व्यक्ति अपने घर को प्रकाशमय करते है.

 

दीपावली का त्यौहार – Festival of Deepawali :

दीपावली का त्यौहार - festival of Deepawali

दीपावली यह भारत में बहुत बड़ा त्यौहार है, इसे भारतवर्ष में सत्य का प्रतिक मानते है. सत्य याने सच की जित और बुराई की हार, दीवाली के दिनों में सभी अपने घरों को साफ करते हैं. वे सभी अपने घरों में चावल से रंगोली बनाते हैं.

दिवाली के दिन भारत की राष्ट्रीय अवकाश है. यह पांच दिवसीय त्यौहार है जिसके बारे में सविस्तर जानकारी प्राप्त किए है. दीपावली भारत का सबसे उज्ज्वल त्यौहार है, जो भारत की सबसे प्राचीन संस्कृति और राष्ट्रीय त्यौहार है. वेदों की रोशनी और इस प्रकाश की महिमा का वर्णन किया गया है. पुराणिक काल की धारणा दीपावली पर देवता की पूजा इस त्यौहार के प्राचीन काल का प्रतीक है. यह पवित्र त्यौहार भारतीय संस्कृति की अस्थायी और सांस्कृतिक विरासत के रूप में मनाया गया है. दीवाली भारत का एक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक त्यौहार है.

 

दिवाली में पांच दिनों का महत्व – Importance of five days in Diwali

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी – Kartik Krishna Triadshi :

Kartik krishna त्रयोदशी को ”धनतेरस” कहा जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा करते है. पुराणों में, या कहानी में लिखा है की सागर मंथन के समय धन्वंतरी सफेद अमृत कलस लेकर अवतरित हुए थे. इस दिन धन की पूजा करते है, कुछ लोग नई खरीददारी करते है. इस दिन यम देवता के लिए दिपदान करना चाहिए, इससे अकाल मृत्यु का नास होता है. पुराणों और ग्रंथो में इसके बारे विस्तृत में बताया है.

 

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी – Kartik Krishna Chaturdashi :

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जानते है. नरक चतुर्दशी याने नरक चौदस या नर्का पूजा के नाम से जानी जाती है.

इस दिन विधि विधानों से पूजा करने वाला व्यक्ति पापो से मुक्त होकर स्वर्ग प्राप्ति कर सकते है. पुराणों के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन सुबह तेल लगाकर अपामार्ग के पत्तियों को पानी में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है.

इस दिन को छोटी दीवाली भी कह सकते है. पौराणिक कहनियो के अनुसार आज के दिन भगवान श्री कृष्ण ने दुराचारी नरकासुर का वध किया था ओर नरकासुर के बंधी गृह से कन्याओं को मुक्त कर संमान प्रदान किया था. इसी उपलक्ष में आज के दिन दिए जलाए जाते है इसलिए आज का दिन भी छोटी दिवाली के नाम से परिचित है. Festival of Deepawali – दीपावली का त्यौहार क्या है.

 

कार्तिक कृष्ण अमावस्या – Kartik Krishna Amavasya :

कार्तिक कृष्ण अमावस्या को दीपावली कहा जाता है। दिवाली के इस दिन लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है, लक्ष्मीजी के पूजन से घर में शांति और धन की प्राप्ति होती है.

लक्ष्मी पूजा को कुबेर पूजा के नाम से भी जानते है. शुभ समय में, पुजन के लिए जैसे लक्ष्मी जी की फोटो, सिक्के या मंदिर, श्रीयंत्र, दीपक, कमल फूल और फल आदि सामग्री एकत्र की जाती है.

घरों में लक्ष्मी पूजन के दिन व्यंजन तैयार किए जाते हैं. शुभ समय में, लक्ष्मी का वैदिक या पौराणिक मंत्रों से पूजन किया जाता है. Festival of Deepawali – दीपावली का त्यौहार क्या है

 

कार्तिक शुक्ला प्रतिपिदा – Kartik Shukla Pratipada :

दिपावली के अगले दिन याने कार्तिक शुक्ला प्रतिपिदा को गोवार्धन पूजा के नाम से जानते है. सभी भारतीय जीवन में इस त्योहार का बहुत महत्व है. इस त्यौहार में मनुष्यों को प्रकृति से मिलने का मौका मिलता है. इस त्यौहार की अपना ही एक महत्व है. इस गोवर्धन पूजा में गायों की पूजा की जाती है. शास्त्रों में कहा गया है कि गाय लक्ष्मी का रूप है. गाय के बछड़े खेतों में काम करके अनाज बढ़ता है. इस लिए गाय पूरी मानव जाति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसीलिए आज के दिन माँ गया के प्रति श्रद्धा के कारण गोवर्धन पूजा करते है.

 

कार्तिक शुक्ला द्वितिया – Kartik Shukla Dvitiya :

कार्तिक शुक्ला द्वितिया दिन को यम द्वितीया एव भाई दूज के नाम से भी जानते है.

यह दीपावली के बाद दूसरे दिन होता है. इस दिन सभी बहने अपने भाई के खुशहाली की कामना करती है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिक शुक्ला प्रतिपिदा के दिन यमुना ने महाराज यम को स्नहभोजन कराया था. उस दिन नारकी जीवो को यातना से छुटकारा मिला और उन सब ने यम लोग के हित के लिए उत्सव मानाया इसलिए यह तिथि तीनो लोको में यम द्वितीया के नाम से प्रख्यात है.

इस तिथि में यमुना ने महाराज यम को भोजन कराया था. इसीलिए आज के दिन सभी बहन भाई एक साथ भोजन करने से. इससे कल्याण प्राप्ति होती है.

 

दिवाली त्यौहार के लाभ – Benefits of Diwali festival :

❈दीवाली त्यौहार से अवसर पर बढ़ती हुई दूरिया कम होने लगती है. किसी न किसी कारण फॅमिली मेंबर एक दूसरे से अलग रहते है, जैसे पढाई, नौकरी या अन्य कारणों से लोग अलग अलग रहते है. तो इस त्यौहार पर सभी लोग एक दूसरे से मिलते है.

1. यह त्यौहार प्रेम और सत्य का प्रतिक है. सत्य आने अच्छाई की जित, इस त्यौहार से सभी लोग खुसी से मिलकर रहते है.

2. लोगो के बढ़ते तनाव को दूर करने का दीवाली त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण उपहार है. इसे सभी लोग Tension को भूलकर एन्जॉय करते है.

3. इस त्यौहार से व्यापारी संख्या को बहुत लाभ होता है.

4. सबसे बड़ा काम याने दीवाली के समय घरो की सफाई यह महत्वपूर्ण है. जिस घर में वर्षनुवर्ष रह रहे है उसकी सफाई दीवाली के समय करने में कुछ अलग ही मजा है.

5. दीवाली के इस त्यौहार पर सभी लोग एक दूसरे से समीप होते. पुराने दोस्त मिलते है, उनसे बाते होती रहती है. यह त्यौहार एक खुसियो का भी त्यौहार है.

इस खुसियो के त्यौहार में भी कुछ हानियाँ है. जैसे बदलते वक्त के हिसाब से बिजली का अधिकतर उपयोग करना, फटाके जलना, आदि यह प्रकार होते है. लेकिन क्या कभी सोचा है इससे हमारे वातवरण में प्रदुषण बढता है. त्यौहार याने सभी को खुस रखने का उपहार है. ना की उसे बरबाद करने का, त्यौहार को अगर प्राकृतिक रूप से मनाया जायेगा तो और भी खुशहाली मिलेगी. सभी लोग आनंदित रहेंगे, और वातवरण भी अच्छा रहेगा जिससे बीमारिया नहीं होंगी,

 

conclusion

दोस्तों उम्मीद है यह आर्टिकल आपको पसंद आये, दीवाली के इस अवसर पर आपके लिए दो लाइन हमारी ओर से भी….

”दीवाली है एक मस्ती का त्यौहार,

आपके जीवन में मिलते रहे सदा उपहार”

और हम्हारे तरफ से आपको दीवाली की ढेर सारी शुभकामनाए. Happy Diwali….

धन्यवाद….

 

दोस्तों, उम्मीद है की आपको Festival of Deepawali – दीपावली का त्यौहार क्या है यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ साझा करें और हमारे साथ जुड़े रहें और इसी तरह के दिलचस्प लेखों से अवगत होकर अपने ज्ञान को बढ़ाएं.

हसते रहे – मुस्कुराते रहे…..

 

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