हमारे ब्रह्मांड की जानकारी – Information of our universe

हमारे ब्रह्मांड के बारे में जानकारी – Information about our universe, ब्रह्मांड की जानकारी देने वाले टिप्स – Tips to make Universe Information, ब्रह्मांड के बारे में कैसे जाने? ब्रह्मांड क्या है? 



Brahmand ki jankari kaise bataye : दोस्तों, अगर आप ब्रह्मांड के बारे में जानना चाहते हैं. तो हम आपको इस लेख में ब्रहमांड के बारे में जानकारी देंगे, ब्रह्मांड किसे कहते है? ब्रह्मांड का रहस्य जाने? ब्रह्मांड का परिचय जाने.

नमस्कार दोस्तों, आज हम एक बार फिर से आपका हमारे website apnasandesh.com में स्वागत है. जैसे की आपने ब्रह्मांड के बारे में सूना है, लेकिन ब्रह्मांड के बारे में पूरी जानकारी नहीं पता है. इसीलिए दोस्तों आज हम उसी की जानकारी इस Topic के माध्यम से जानने वाले है.

हमारे ब्रह्मांड की जानकारी - Information of our universe

यह Topic बहुतही Interesting है क्योकि हम बारवी के बाद कम लोग है जो ब्रह्मांड के बारे में पढ़ाई करते है. और हम इस बारे में सिर्फ आठवीं या नववि तक ही पढ़ पाते है, लेकिन तब हम इसके बारे में ज्यादा लगाव देकर नहीं पढ़ पाते थे. और जितना पढ़ा है, उतना भूल जाते थे, तो आज का हमारा Topic सिर्फ Students के लिए नहीं बल्कि सभी व्यक्ती के लिए है. क्योकि जब कोई छोटे-छोटे बच्चे हमें ब्रह्मांड के बारे में पूछते है तो हम इसका जवाब ही नहीं दे पाते. इसलिए आइये दोस्तों हम जानते है, हमारे ब्रह्मांड की जानकारी – Information of our universe के बारे में.


 

हमारे ब्रह्मांड की जानकारी – Information of our universe :-

जब हम आकाश को देखते हैं, तो हम प्रकाश, तारे, सूर्य और चंद्रमा (चंद्रमा) का द्रव्यमान देखते हैं. पृथ्वी को घेरने वाली अपार आकाश तथा उसमे उपस्थित सभी खगोलीय पिंड जैसे मंदाकिनी (Galaxy), तारे (Star), ग्रह (Planet), उपग्रह (Satellite) आदि. एवं सम्पूर्ण ऊर्जा को समग्र रूप से ब्रह्मांड (Universe ) कहते है.

ब्रह्मांड से सम्बंधित अध्ययन को ब्रह्मांड विज्ञान – Cosmology कहते है. ब्रह्मांड इतना विशाल है की जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते. इसके आकार की विशालता इसमें बसे तारों संख्या, अपार दुरी तथा द्रवमान का अनुमान लगाना कठिन है. फिर भी बड़े परिणाम की संख्याओं के सहारे इनका अनुमान लगाने की कोशिस की जाती है. खगोलीय वैज्ञानिको के अनुसार ब्रह्मांड में सैकड़ो अरब मंदाकिनी है. तथा प्रत्येक मंदाकिनी में लगभग एक सौ अरब तारे है. इस प्रकार कुल मिलाके लगभग १० हजार अरब कोटि की संख्या होगी.

ब्रह्मांड की उत्पत्ति – Origin of the Universe :-

ब्रह्मांड के प्रारंभ तथा इसके भविष्य के प्रश्न को लेकर अनेक सिद्धांत व्यक्त किये गए है. उन सभी सिद्धांतो में बिग बैंग (Big Bang Theory) को सर्वाधिक मान्यता प्राप्त हुयी है. इस सिद्धांत में यह बताया की ब्रह्मांड लगातार फैलता जा रहा है. जी हां दोस्तों ब्रह्मांड लगातार फैलता जा रहा है, और ब्रह्मांड के प्रसार के सिद्धांत को RED SHIFT कहा जाता है. क्या है यह रेड शिफ्ट आइये जानते है.

RED SHIFT :-

यदि हम प्रकाश स्त्रोत की और चले तो प्रकाश तरंग की आवृति में आभांसी होगी, अर्थात यह दृश्य प्रकाश क्र Spectrum के निले वर्ण की और विस्थापित होगी.

इसके विपरीत यदि प्रकाश स्त्रोत की दुरी हमसे बढ़ती जाए तो प्राप्त प्रकाश की आवृति में आभासी ऱ्हास (नास) होगा, और यह आवृति दृश्य Spectrum के लाल वर्ण की और विस्थापित होगी. इस प्रकार के विस्थापित को अवरक्त विस्थापित ( RED SHIFT ) कहते है.

इस सिद्धांत के अनुसार :-

✾ सभी मंदाकिनी (Galaxy) हमसे दूर जा रहे है.

✾ कोई मंदाकिनी हमसे जीतनी दुरी पर है, वह उतनी ही तेजी से हमसे दूर जा रहा है.

महत्वपूर्ण :-

Scientist हब्बल के मंदाकोनिओ के प्रतिसरण के नियम पर आइजक एसीमेव का कहना है की हब्बल के निस्पान के अनुसार यदि दुरी के साथ प्रतिसरण की गति बढ़ती जाए तो 125 करोड़ प्रकाश वर्ष की दुरी पर मंदाकिनी इस तेजी से प्रतिसरण होगा, की उन्हें देखा पाना हमारे लिए संभव नहीं होगा. दोस्तों यह था ब्रह्मांड के उत्पत्ति का रहश्य, अब जानते है Galaxy क्या है?

Galaxy – मंदाकिनी :-

मंदाकिनी अरबो तारों का एक विशाल रूप है. तारे मंदाकिनियों के साथ बने रहते है. इसके लिए चारो मौलिक बलो (गुरुत्वाकर्षण बल – Gravitational force, विद्युत चुंबकीय ऊर्जा – Electromagnetic energy, ताकतवर बल – Strong force, कमजोर बल – Weak force) में गुरुत्वाकर्षण बल जिम्मेदार होता है.

ब्रह्मांड में लगभग 100 अरब मंदाकिनी होती है, और हर एक मंदाकिनी में 100 अरब के आस पास तारे होते है. यानि ब्रह्मांड में तारो की कुल संख्या लगभग 1000 अरब इतनी है. प्रत्येक Galaxy में तारों के अतिरिक्त गैस तथा धूल होती है. मंदाकिनी का 95 % भाग तारों से तथा शेष 2 % भाग गैस और धूल से बना होता है.

Milky Way – आकाशगंगा :-

हमारा सौरमंडल (Milky Way) आकाशगंगा नामक मंदाकिनी की सदस्य है. दुग्धमेखला मंदाकिनी अपने केंद्र के चारों और धीरे धीरे धूमती है. पृथ्वी पर लोग दुग्धमेखला मंदाकिनी का अभिमुख दृश्य (Side View) देख पाते है, क्योकि पृथ्वी स्वयं इस मंदाकिनी का हिस्सा है.

यदि आकाश स्वच्छ है, तो दुग्धमेखला मंदाकिनी रात में उत्तर से दक्षिण आकाश में हलके सफ़ेद तारों की चौड़ी पट्टी के रूप में प्रतीत होती है. जो करोडो टिमटिमाते तारों से बनी है. अँधेरी रात में पृथ्वी से देखने पर यह प्रकाश की बढ़ती हुयी नदी की तरह प्रतीत होती है, इसीलिए इसे आकाशगंगा कहते है.

Constellation – तारामंडल :-

पृथ्वी से देखने पर तारों का कोई समूह किसी विशेष आकृति के रूप में प्रतीत होता है. हमारे पूर्वजो ने ऐसे कई तारा समूह में कुछ आकृतिया की कल्पना की और उनको विशेष नाम दिए है. तारो के किसी ऐसे समूह को तारामंडल कहते है. इन तारामंडल का नामकरण उन्ही आकृति के आधार पर की गई है, इसलिए इसे प्रमुख तारामंडल भी कहते है.

✮ सप्तर्षिमंडल – Ursa Major

✮ लघु सप्तर्षि – Ursa Minor

✮ मृग – Orion

✮ सिग्नस – Cygnus

✮ हाइड्रा – Hydra

हाइड्रा – Hydra :-

आकाश में कुल 89 तारामंडल है, इनमे सबसे बड़ा तारा सेंटान्स है. जिसमे 94 तारे है, व हाइड्रा में कम से कम 68 तारे है.

सप्तर्षिमंडल – Ursa Major :-

सप्तर्षिमंडल नामक तारामंडल में बहुत से तारे है, जिनमे सात सर्वाधिक चमत्कार तारे है. जो आसानी दिखाई देते है.

लघु सप्तर्षि – Ursa Minor :-

लघु सप्तर्षि में भी अधिक चमक वाले सात तारे है. उत्तरी गोलार्थ में सप्तर्षिमंडल बसंत ऋतु में देखा जाता है.

मृग – Orion :-

मृग तारामंडल को शीत ऋतु में देखा जाता है. मृग सर्वाधिक भव्य तारा मंडलो में से एक है, इसमें सात चमकीले तारे है, जिनमेंसे चार किसी चतुर्भज की आकृति बनाते प्रतीत होते है.

हमारे ब्रह्मांड की जानकारी - Information of our universe

Star – तारे :-

तारे ऐसे खगोलीय पिंड है, जो लगातार प्रकाश एवं उस्मा उत्सर्जित करते है. अंतः सूर्य भी एक तारा है. भार के अनुपात तारो में 70% हायड्रोजन, 28 % हीलियम, 1. 5% कार्बन, नाइट्रोजन एवं निऑन तथा 0. 5% लोह एवं अन्य भारी तत्व होते है. मुख्यतः तारो के तीन रंग होते है – काला, नीला और सफेद. जी हां क्योकि तारो का रंग उसके पृष्ठ भाग द्वारा निर्धारित होता है.

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तो दोस्तों आज लिए इतना ही, आज आपने जाना है की ब्रह्मांड (Universe) क्या है और इसका भौगोलिक ज्ञान. आशा करता हु की आपने इसे enjoy किया होगा. दोस्तों आगे भी ऐसे रोचक बाते लाते रहेंगे और जी हां अगला आर्टिकल इससे ही जुड़ा है जो होगा हमारे सौरमंडल याने Solar System के बारे में, जहा पर हम सभी ग्रहो के बारे में जानेंगे और हमारा भौगोलिक ज्ञान बढ़ाएंगे. दोस्तों तब तक के लिए धन्यवाद…..

हसते रहे – मुस्कुराते रहे।

                                                                                                                        Author By : Sachin Sir…

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