मोटर गाड़ी के बारे में जानकारी – Information about motor vehicle

नमस्कार दोस्तों, apnasandesh.com पर आप सभी का स्वागत है। Technology के इस युग में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज में काफी विकास हुआ है। वाहनों की संख्या और दुर्घटनाओं में वृद्धि के कारण, इसे रोकने के लिए हमें अपने वाहन और इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसिलए दोस्तों आज के इस लेख में हम मोटर वाहन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे। (मोटर वाहन के बारे में जानकारी, मोटर गाड़ी के बारे में जानकारी, उत्कृष्ट ड्राइवर होने के लिए कुछ आसान Tips. gadi ko kaise chalaye, motar cycle ke prakar, driver kaise bane)

मोटर गाड़ी के बारे में जानकारी - Information about motor vehicle

 

मोटर गाड़ी के बारे में जानकारी – Information about motor vehicle :-

भारतीय मोटर वाहन कायदा के अनुसार कोईभी वाहन चालक को लायसेंस के बिना सार्वजनिक जगह पर वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। और वाहन चलाते समय पक्के लायसेंस से पहले कच्चे लायसेंस ( शिकाउ लायसेंस ) प्राप्त करना जरूरी है। इसलिए हमें वाहन के प्रकार और उनके उपयोग में आने वाले अलग – अलग लायसेंस के बारे में पता होना चाहिए, तो दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल इसी मद्दे पर है। इसमें हम देखेंगे की गाडी के अलग – अलग प्रकार, उनकी लायसेंस और भारतीय राज्य Registration के बारे में।

 

मोटर वाहन के प्रकार :-

मोटर सायकल ( Motor Cycle ) :-

मोपेड, स्कूटर, आदि प्रकार के वाहन मोटर सायकल Group में आते है।

खाजगी वाहन ( Non – Transport Vehicle ) :-

जिन vehicle का उपयोग निजी कामो के लिए या Personal काम के लिए किया जाता है उसे भारत राज्य ट्रांसपोर्ट कार्यालय के द्वारा Non – Transport Vehicle में समावेश किया है।

परिवहन वाहन ( Transport Vehicle ) :-

जिन वाहनों का उपयोग किराये के काम तथा Transport के काम के लिए किया जाता है उन्हें Transport Vehicle कहते है। इन Vehicle के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट और Permit की जरुरत होती है।

हलके मोटर वाहन ( Light Motor Vehicle ) :-

जिन वाहनों का Registered load capacity ( नोंदणीकृत भार क्षमता ) 6.500 से 12000 kg के कम में हो इन वाहनों का समावेश हलके वाहन में होता है। उदा. कार, जीप, टेम्पो, ट्रैक्टर आदि।

मध्यम मोटर वाहन ( Medium Motor Vehicle ) :-

जिन वाहनों की भार क्षमता ( load capacity ) 6.500 से 12000 kg के बिच में हो तो इन वाहनों का समावेश मध्यम मोटर वाहन में होता है। उदा. मिनी बस, टेम्पो आदि।

जड़ मोटर वाहन ( Heavy Motor Vehicle ) :-

जिन वाहनों की भार क्षमता ( load capacity ) 12000 kg से ज्यादा है उन वाहनों का समावेश जड़ मोटर वाहन में होता है। उदा. प्रवासी बस, ट्रक, रोडरोलर आदि। मोटर गाड़ी के बारे में जानकारी – Information about motor vehicle

ज्वालाग्राही पदार्थ वाहतूक वाहन :-

ज्वालाग्राही पदार्थ की वाहतूक में निचे दिए गए घातक और रासायनिक पदार्थ का Transport किया जाता है।

☘ स्पोटक पदार्थ,

☘ ज्वलनशील वायु,

☘ ज्वालाग्राही द्रव,

☘ प्राणवायु पूरक पदार्थ,

☘ विषारी और ससर्गजन्य पदार्थ,

☘ किरणोस्तर्गी पदार्थ,

☘ ज्वालाग्राही घातक पदार्थ आदि।

 

घातक पदार्थ Transport करने वाले वाहन को उन पदार्थो का बोधचिन्ह, क्लास लेबल, रसायन का नाम, U N Number, हॉजकेम कोड और दूरध्वनी क्र. रंगाना अनिवार्य है। उदा.LPG, U. N. नंबर 1075, हॉजकेम कोड 2WE, पोलिस दूरध्वनी क्र. 100, फायर क्र. 101, एम्बुलेंस क्र. 102, 108 आदि।

 

प्रवासी वाहन (Migrant vehicle ) :-

कम से कम चार चाक वाली वाहन और सिर्फ Passenger और उनके सामन ( Lagged ) वाहतूक करने वाले वाहन को Passenger Vehicle कहा जाता है।

 

बैटरी ऑपरेटेड वाहन ( Battery Operated Vehicle ):-

बैटरी पे चलने वाले वाहन 3 मिनिट की शक्ति 0.25 Kilo Watt से कम हो और उनका तासी वेग 25 km से कम हो उन वाहनों को मोटर वाहन नहीं समजा जाता है।

 

वाहन परवाना ( Vehicle Permit ) :-

कोई भी परिवहन वाहन या मालवाहु वाहन उनके संबधित Permit के शिवाय सार्वजनिक जगह पर वाहन नहीं चला  नहीं सकते। राज्य सरकार, केंद्र सरकार या स्थानिक स्वराज्य संस्था की परिवहन वाहने, 3000 kg से कम नोंदणीकृत मालवाहु वाहने, रुग्णवाहिका, शववाहिका इनको Permit की जरुतत नहीं है। मोटर गाड़ी के बारे में जानकारी – Information about motor vehicle

 

वाहतूक Permit के प्रकार :-

Stage Carriage Permit :-

जिन वाहनों में टप्पा पद्धति या फिर दो ठिकान के रास्ते से प्रवास वाहतूक की जाती है। ऐसे वाहन को टप्पा वाहतूक परवाना ( Stage Carriage Permit ) जरुरी होता है। इनमे राज्य परिवहन महामंडळ और महानगरपालिका इनके प्रवासी वाहन का समावेश होता है।

 

Contract Carriage Permit :-

जिन वाहनोंने करार किय हुए Passenger वाहतूक की जाती है ऐसे वाहनों को Contract Carriage Permit जरुरी है। इनमे रिक्षा, टॅक्सी, टेम्पो, ट्रक, आदि वाहनों के लिए दिय गए परवाने शामिल होते है।

☘मालवाहतूक परवाना

☘ साधा कंत्राटी परवाना

☘ पर्यटन परवाना

☘ कंपनी वाहतूक परवाना

☘ वातनाकुलित बस परवाना

 

☘ विशेष परवाना

☘ राष्ट्रिय माल वाहतूक परवाना

☘ अंतरराज्य मार्ग वाहतूक परवाना

☘ आंतरराष्ट्रीय वाहन वाहक परवाना 

 

उत्कृष्ट ड्राइवर होने के लिए कुछ आसान Tips :-

✤Drive करते समय खुद की शारीरिक और मानसिक स्थिति हमेशा अच्छी होनी चाहिए। ग़ुस्सा, इर्षा, व्यसन, अमली पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।

✤ नींद पूरी होनी चाहिए, खाली पेट या अधिक खाना खाके Drive नहीं करनी चाहिए।

✤ Driving करने के लिए बूट का used करने की आदत लगाइये।

✤ जिन गाड़ियों का लायसेंस है वही गाडी चलाइए।

✤ दूषित पानी से बीमार होने की संभावना होती है इसिलय खुद अपने साथ अच्छा पानी हमेशा रखें।

✤ Driving करने से पहले सभी Document साथ रखें ( Driving License, वाहन नोंदणी प्रमाणपत्र ( RC Book ), कर प्रमाणपत्र, विमा प्रमाणपत्र, धुर तपासणी प्रमाणपत्र ( PUC ) और आप जिस Permit की गाडी चला रहे है वो प्रमाणपत्र जरूर साथ रखें )।

दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल जो गाड़ी के प्रकार, वाहन चलाते समय लगने वाले Document तथा उन्हें लगने वाले Permit इसके बारे में जाना है, दोस्तों Permit बनाने के लिए कुछ राशि अदा करने होते है और Permit बनाने के लिए क्या जरुरी है इसके बारे में हम अगले आर्टिकल में जरूर बताना चाहेंगे तो आशा करते है, दोस्तों आज का लेख गाड़ी और गाड़ियों को चलाने के लिए क्या जरुरी है इसके बारे में आपने जाना है। दोस्तों ऐसे ही Technical बाते जानने के लिए हमसे जुड़े रहे और अपने दोस्तों के साथ हमारे आर्टिकल साझा करते रहे एवं अपना ज्ञान बढ़ाते रहे, तब तक के लिए धन्यवाद।

हसते रहे – मुस्कुराते रहे।

 

संबंधित कीवर्ड :-

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Author By :- सचिन सर ..

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