Manglashatka one life education – मंगलास्टका एक जीवन शिक्षा

मंगलास्टका एक जीवन शिक्षा – Manglashatka one life education, अच्छा सोचे, अच्छा पाए – Good thought, Good luck, दिन की सकारात्मक शुरुआत – Positive start of day, सकारात्मक नई चीजें सीखें – Learn positive new things, मन का बदलाव – Change of mind, सभी जानकारी प्राप्त करे हिंदी में।

नमस्कार, apnasandesh.com पर आप सभी का स्वागत है। दोस्तों, एक बार फिर, हमारी टीम आपके लिए एक महत्वपूर्ण लेख लेकर आई है, जो मनुष्य जीवन की शिक्षा के बारे में सच्चाई बताता है।

मंगलास्टका एक जीवन शिक्षा - Manglashatka one life education

 

Manglashatka one life education – मंगलास्टका एक जीवन शिक्षा :-

नमस्कार दोस्तों आपका हमारे वेब पोर्टल में स्वागत है। आज का हमारा आर्टिकल बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के बारे में है। जी हां दोस्तों बच्चे स्कूल में तो पढ़ाई करते हैं लेकिन इससे हमारी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती यहां से तो हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। क्योंकि स्कूल वर्क के साथ साथ बाहर की कुछ चीजें भी सीखते हैं। क्योंकि अब उनके संपर्क में ज्यादा लोग आने लगते हैं। बस हमें एक ही काम करना है, बच्चे अगर कोई नई बात जानते हैं तो हमें वह ओब्सर्व करना है कि लड़के वहां से क्या सीख रहे हैं। सभी तरह से कुछ चीजें बच्चों के लिए अच्छे देखने की आदत लगाइए। आप जानते आप अपने संपर्क में आने वाले व्यक्ति, वस्तु या कोई घटना में जो कुछ अच्छी बातें होंगी वहीं देखिए।

आदमी को बुरे देखने की ज्यादा आदत होती है। हमारे पिता के पास क्या नहीं है, मां के पास क्या नहीं है, वैसे ही रास्ते में आते-जाते लोगों में कमियां देखते हैं, कोई काला है, किसी की नाक बड़ी है, उनकी आंखें बड़ी है, कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना है, यही आदत हमको गिरा देती है यही आदत हमें बदलती है।

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अच्छा सोचे अच्छा पाए – Good thought :-

अच्छा देखिए अच्छा सोचिए, इसकी शुरुआत अपने घर से कीजिए। एक सुंदर टिकाऊ नोटबुक लीजिए और अपने से बड़े सभी व्यक्ति के 10 गुण लिखिए और यह काम 3 से 4 दिन कीजिए, इसके बाद आपको अच्छे गुण देखने की आदत लग जाएगी।

आदर और प्रशंसा करना सीखिए, आप सवेरे उठने के बाद किसी ना किसी से बात करते हैं। घर के लोग आपस में क्या बात करते हैं। जगने पर कितने देर से बात करते हैं, कोई काम होगा तभी बात करते हैं, कि बिना कोई काम के बात करते हैं, अगर घर के लोग सिर्फ काम होगा तभी बात करते होंगे तो यह वातावरण आप को बदलना होगा।

 

दिन की सकारात्मक शुरुआत – Positive start of day :-

आप उठने के बाद सबसे पहले शुभ प्रभात कीजिए। आप कब उठे या किसी भी कारण से बोलना शुरू कीजिए इससे अपने मन में आत्मविश्वास बढ़ता है। और एक खुशहाली भरा वातावरण तैयार हो जाता है। अतिथि देवो भव – अपने घर में आए सभी व्यक्ति से बात कीजिए। आइए अंकल, बैठिए, नमस्कार, वेलकम अंकल या अपने रिलेशन के हिसाब से संबोध ना चाहिए।

अपने घर में आए मेहमान से कुछ ना कुछ बोलना चाहिए। इससे हमारे इससे हमारा डर निकल जाता है। और मेहमान हमारी प्रशंसा करने लगते हैं। इससे हमारे ज्ञान में और increase होती है। अच्छे काम की प्रशंसा करनी चाहिए अगर कोई अच्छा काम कर रहा है तो उसकी प्रशंसा करने में कंजूसी मत कीजिए।

कार्य तत्पर अंग बनाइए, हमें अपना कोई भी काम समय रहते करना चाहिए या समय पर करना चाहिए। जैसे कि खाना, पीना, सोना, पढ़ाई करना, आदि। इसके साथ भी हमें घर के कामों में माता-पिता को मदद करना चाहिए। हमें ज्ञात होना चाहिए कि हमारे पिता कौन से काम करते हैं और हम उनकी क्या और कैसे मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही हमें माता को भी मदद करनी चाहिए, घर को डेकोरेट करने में, खाने के चॉइस को लेकर घर का किराना लाने में, घर की सब्जी का मार्केट करने में और हरी एक काम जो हम कर सकते हैं। इससे हमारे स्कूल के ज्ञान के साथ-साथ व्यवहार करने का ज्ञान भी प्राप्त होता है। और हमारी कम्युनिकेशन स्किल बढ़ने में मदद होती है।

 

सकारात्मक नई चीजें सीखें – Learn positive new things :-

हमें अलग-अलग चीजें सीखनी चाहिए। स्कूल के पढ़ाई के अलावा बहुत कुछ सीखने को है। स्कूल में अपने पढ़ाई के अलावा बहुत से अलग-अलग प्रोग्राम होते हैं, वह हमें देखना है और पार्टिसिपेट भी करना है। यह मेरे काम का नहीं या मेरे क्षेत्र का नहीं, कह कर उससे दूर मत भागिए क्योंकि इससे हमारा जनरल नॉलेज बढ़ता है। हमारे किताबी ज्ञान से भी ज्यादा व्यावहारिक ज्ञान का ज्यादा फायदा होता है। नेपोलियन अपने युद्ध में पारंगत था उन्होंने सभी लड़ाई जीत ली थी। फिर जब इसको टाइम मिलता तब तब वह इतिहास, भूगोल, युद्ध नीति ऐसी किताबें पढ़ता था। यहीं से अपना ज्ञान बढ़ाया और बहुत सी लड़ाई जीत ली।

खुद की ताकत को पहचानिए हमें अपने अंदर की प्रतिभा पहचाननी। कभी-कभी हम अपनी अंदर की ताकत भूल जाते हैं। परिस्थिति ऐसी ही जाती है कि हम नाराज और तनाव में रहते हैं। तनाव के कारण भूल जाते हैं कि मैं क्या कर रहा हूं। रामायण में भी जब वानर सेना माता सीता का खोज करने निकले तो उन्हें समुंदर पार करना था तो अब हनुमान जी बहुत नाराज हुए कि अब माता सीता को कैसे ढूंढा जाए वह निराशा के वजह से अपनी सारी ताकत भूल गए थे। लेकिन उन्हें जब बताया गया कि तुम क्या कर सकते हो, हनुमान जी को उनकी ताकत याद दिलाई और वे जागृत होकर माता सीता को ढूंढ ही लिया ऐसे ही आपको अपनी ताकत पहचाननी चाहिए इसके लिए आपको निराश लोगों से दूर रहना होगा।

 

मन का बदलाव – Change of mind :-

1. नकारात्मक वस्तु वाले लोगों से दूर रहिए।

2. अपने संपर्क में आने वाले नकारात्मक वस्तु से दूर रहिए क्योंकि यही आपको हानि पहुंचा सकते हैं।

3. शुरूआत में ऐसे लोगों को सकारात्मक करने का प्रयत्न कीजिए इसके बाद भी वह अपनी सोच नहीं बदलता तो ऐसे लोगों से दूर ही भली है।

4. हमें अपने दिन की शुरुआत सकारात्मक ही करना चाहिए। आज का दिन अच्छा नहीं है, आज बादल है, आज मैंने उनका चेहरा देखा, बारिश गिर रही, ठंड बहुत है, ऐसे बहुत से कारण होते हैं। लेकिन दिन इन कारणों से नहीं तो आपकी सोच की वजह से आपका दिन खराब हो जाता है।

5. अगर आप इन चीजों का सोचना 30 दिन तक बंद करेंगे तो आपको एक अच्छी आदत लग जाएगी और आप एक अच्छे आदमी बन जाओगे और बच्चों को इन सभी बातों को हम माता पिता और गुरु ही नियंत्रण कर सकते हैं।

6. तो हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम अपने बच्चों को अच्छे संस्कार सिखाने में मदद करें।

दोस्तों, उम्मीद है की आपको Manglshatka one life education यह आर्टिकल पसंद आया होगा। यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें। और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ।

 

धन्यवाद।

हसते रहे – मुस्कुराते रहे।

 

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