सुरक्षा और सावधानिया कैसे बरते – How to take safety and precautions

सुरक्षा और सावधानिया – Safety precautions, आग से बजाने के उपाय-Ways to play with fire, सुरक्षा के प्रकार-Type of protection, सुरक्षा क्या होती है-What is protection? सुरक्षा का महत्व क्या है-What is the importance of safety? सुरक्षा किसे कहते है-What is security? सुरक्षा के बारे में जानकारी, स्वास्थ सम्बन्धी सुरक्षा (HEALTH HAZARDS), आग से बजाने के उपाय .

नमस्कार दोस्तों, APNASANDESH.COM में हम आपका हार्दिक स्वागत करते हैं, आज हम आपसे सुरक्षा और सावधानियों के बारे में बात करते हैं, सुरक्षा क्या होती है? सुरक्षा का महत्व क्या है? सुरक्षा किसे कहते है? सुरक्षा के बारे में जानकारी, आग से बचने के उपाय, तो आइये दोस्तों जानते है सुरक्षा क्या है? और इससे जुडी रोचक बाते,

सुरक्षा और सावधानिया - Safety precautions

 

आज के युग में, मनुष्य इतना व्यस्त हो गया है कि वह अपनी सुरक्षा की परवाह नहीं करता है, हमेशा काम करने में खुद को और दूसरों की सुरक्षा और सावधानियों को भूल जाता है, तो दोस्तों आइए जानते हैं अपनी और दूसरों की सुरक्षा कैसे करें और कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए बचने के आसान tips .

सुरक्षा और सावधानिया – Safety and precautions (SAFETY PRECAUTIONS)

सुरक्षा :-

आधुनिक युग मशीन और उसके अकाल पुर्जो का युग है, वर्कशॉप या फिर इंडस्ट्री इनमे होने वाली लिस्ट बनाये जाये तो एक दिन में होने वाले दुर्घटना सैकड़ो होती है. जिनमे तीन प्रतिशत बहुत ही अधिक घातक या फिर जान लेवा होती है. हर तीन दुर्घटना में दो मेकैनिंक की अपनी गलती या असावधानी के कारण होती है. बाकि बची दुर्घटना के लिए इंडस्ट्री जवाबदार होती है क्योकि कोई भी दुर्घटना किसी न किसी असावधानी के कारण ही होती है.

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वर्कशाप या इंडस्ट्री में होने वाली दुर्घटना के कारण :-

☛ मेकेनिक ने अपना काम ठीक तरीके से नहीं करना,

☛ जॉब पे काम करते समय काम पर ध्यान न देना, लापरवाही बरतना,

☛ मेकेनिक को काम पसंद नहीं या फिर काम बराबर नहीं आना,

☛ मेकेनिकल की मानसिक स्तिथि बराबर न होना,

☛ मेकेनिक को अपना काम जल्द बाजी में ख़तम करने की इच्छा होना,

☛ मेकेनिक को उसे दिए गए औजार का बराबर उपयोग नकरते आना,

☛ मेकेनिक ढीले कपडे पहनकर मशीन पर काम करना,

☛ मशीन मे जो घुमने वाले पार्ट्स है, जसे की फैन , बेल्ट, पुल्ली, इत्यादि वस्तुओ पर सुरक्षा गार्ड का प्रयोग न करना,

☛ चलती हुई मशीन के साथ भागदौड़ करना, उसपर तेल डालना,

☛ काम करने के स्थान पर बिजली की उचित व्यवस्था न करना,

☛ बिखरे हुए पार्ट्स को उचित स्थान पर न रखना,

☛ मशीन या फिर औजार की हालत या दशा ख़राब होना,

☛ मशीन के बारे मे जानकारी न होते हुए भी मशीन चलाना,

☛ बिजली के तार या फिर कोई इलेक्ट्रिक फिटिंग इनके साथ छेड-छाड करना, आदि.

दोस्तों हम आपको बता दे की सुरक्षा के कुछ प्रकार है, जो हमें उसे पूर्ण करना चाहिए, इसमें हमें किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करनी चाहिए, बस एक गलती हमें हमारी जिंदगी समाप्त कर सकती है, तो आइये दोस्तों हम कुछ सुरक्षा के नियम और प्रकार जानते है.

 

सुरक्षा के प्रकार (TYPES OF SAFETY ):-

✦ अपनी सुरक्षा

✦ सामान्य सुरक्षा

✦ मशीन से सुरक्षा

✦ स्वास्थ सम्बन्धी सुरक्षा

✦ हात के औजारों की सुरक्षा

 

अपनी सुरक्षा :-

हम जो सुरक्षा अपने लिए करते है उसे हम अपनी सुरक्षा कहते है, दोस्तों हमेशा ध्यान रखे, जान है तो शान है, आप अपनी सुरक्षा करोंगे तो अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर सकोंगे और अगर जान नहीं तो कुछ भी नहीं कर सकते. काम करते समय ध्यान रखे की अगर किसी मशीन या गाड़ी का कोई भी पार्ट्स टूट जाता है तो उसे बाजार से खरीद कर नया बनाकर बदल कर सकते है. लेकिन यह ध्यान रखे की अगर आपके शरीर का कोई अंग टूटू जाये, कट जाये तो बाजार में कोई ऐसी दुकान नहीं जो आपके शरीर का कोई अंग मिलता हो.

☛ वर्कशॉप में काम करते समय बहुत अधिक ढीले कपडो का प्रयोग नहीं करना चाहिए,

☛ वर्कशॉप में कभी भी नंगे पैर या चप्पल पहनकर नहीं आना चाहिए,

☛ वर्कशॉप में हमेशा जूते पहन कर आना चाहिए,

☛ वर्कशॉप के फर्श पर यदि ग्रीस या तेल गिरा हो तो उस पर मिटटी डाल दे ताकि कोई फिसल न सके,

☛ वर्कशॉप में कभी भी शराब, सिगरेट, आदि का सेवन न करे, वर्कशॉप में ग्रैन्डिंग मशीन पर काम करते समय हमेशा SAFETY GOGGLE का प्रयोग करे,

☛ हमेशा वर्कशॉप के अन्दर फर्स्ट ऐड बॉक्स होना चाहिए,

☛ काम करते समय अपना ध्यान काम पर पूरा देना चाहिए,

☛ जिस मशीन के बारे में जानकारी नहीं उसे कभी नहीं चलाना चाहिए,

☛ काम करने की जगह पर पूरी रौशनी होनी चाहिए,

☛ चोट लगने पर तुरंत प्राथमिक उपचार लेना चाहिए,

 

सामान्य सुरक्षा (GENERAL SAFETY ):-

 

☘ काम करने के जगह पर आग से बचने के लिए आग बुजाने वाले यंत्र होने चाहिए,

☘ वर्कशॉप में आते हे मशीने चेक करनी चाहिए,

☘ बैटरी को लाने और ले जाने के लिए ट्राली का उपयौग करना चाहिए,

☘ जिस मशीन के बारे में हमें नहीं मालूम उसे नहीं चलाना चाहिए,

☘ फालतू का सामान डस्ट बिन में डाले,

☘ हर एक औजार को उनकी सही जगह पर रखे,

☘ काम के बाद सभी औजार और टूल साफ़ करना चाहिए,

☘ भारी वस्तु को पूरी सावधानिय के साथ उठाना चाहिय,

☘ स्वास्थ सम्बन्धी सुरक्षा (HEALTH HAZARDS)

☘ दोस्तों हमारे शरीर के लिए धुल हानिकारक है इसलिए कोई भी काम करते समय धुल नियंत्रक यंत्र लगाने चाहिए,

☘ हमारा काम समाप्त होने पर हात अच्छी तरह धो लेना चाहिए,

☘ गन्दा त्वचा और गन्दी आँखे हमारे शरीर को हानिकारक है,

 

हाथ के औजारों से सुरक्षा (HAND TOOLS SAFETY ):-

✦ वर्कशॉप में काम कारते समय जॉब को अच्छी तरह से रखे ताकि ओ गिरे न,

✦ काम करते समय Screwdriver पर जोर से दबाव नहीं देना है,

✦ कभी भी टूटे हुए औजारों से काम नहीं करना चाहिए,

✦ फाइल्स को अलग जगह रखना चाहिए ताकि उसके दात ख़राब न हो,

✦ जॉब वौइस् में अच्छी पकड़ होनी चाहिए,

✦ स्टील रूल को Screwdriver के जगह उपयौग नहीं करनी चाहिए,

✦ वर्कशॉप में काम आने वाले औजारों को उनके जगह रखना चाहिए,

✦ हेक्सा ब्लेड कभी भी ढीले नहीं होनी चाहिए,

 

आग लगने के कारण :-

☛ इलेक्ट्रिक के तारो के लूज या ढीले कन्नेक्शन,

☛ जगह जगह तेल फैला हुआ,

☛ इलेक्ट्रिक के तारो पर ओवरलोड होना,

☛ विस्फोटक ज्वलनशील सामन ध्यान से न रखना,

☛ कारखाने में ध्रूमपान कारके आना,

☛ बिजली के शोर्टसर्किट से आग लगना,

 

आग से बजाने के उपाय :-

✦ काम करने की जगह पर पानी की भरी बाल्टी होनी चाहिए,

✦ काम करने की जगह पर रेत से भरी बाल्टी होनी चाहिए,

✦ काम करने की जगह पर केनवस शिट होनी चाहिए,

✦ अग्निशामक जैसे CO2 फोम होना चाहिए,

 

सावधानिया ( SAFETY PRECAUSTIONS):-

☛ वर्कशॉप में काम करते समय ध्रूमपान नहीं करनी चाहिए.

☛ जल्दी आग लगने वाली चीजो को अलग स्थान पर रखना चाहिए,

☛ आग लगने पार फायर ब्रिगेड के अधिकारी को तुरंत सूचना देना चाहिए,

☛ अगर आग लगी हो तो बिजली का मेन स्विच बंद कर देना चाहिए,

☛ बिजली पर कभी भी पानी नहीं डाले,

☛ पानी डालने से आपको करंट लग सकता है,

☛ तेल में लगी आग पर पानी नहीं डालनी चाहिए,

☛ इसे रेत या फिर गैस से बुजाना चाहिए,

☛ वर्कशॉप को बंद करते समय मेन स्विच बंद कर देना चाहिए,

☛ अगर आग लगी हो तो फर्श पर लेट जाना चाहिए,

☛ और रेंगते हुए बहार आना चाहिए,

conclusion

दोस्तों, उम्मीद है की आपको सुरक्षा और सावधानिया – Safety precautions (SAFETY PRECAUTIONS)यह आर्टिकल पसंद आया होगा। यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें। और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ।

धन्यवाद।

हसते रहे – मुस्कुराते रहे।

 

 

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Author By :-Prashant Sayre Sir

 

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