What is the ideal routine – आदर्श दिनचर्या किसे कहते है?

आदर्श दिनचर्या किसे कहते है – What is the ideal routine, आदर्श दिनचर्या का महत्व – Importance of ideal routine, आदर्श दिनचर्या का पालन कैसे करें – How to follow the ideal routine, दिनचर्या का महत्व – Importance of routine, Adarsh dincharya kaisi honi chahiye in Hindi, दिनचर्या कैसे होनी चाहिए – How should a routine be, दिनचर्या को परिभाषित कैसे करे – How to define routine, आदर्श दिनचर्या क्या है – What is the ideal routine, आदर्श दिनचर्या का परिचय in Hindi, दिनचर्या में व्यायाम का महत्व in Hindi.

आदर्श दिनचर्या किसे कहते है - What is the ideal routine

नमस्कार दोस्तों फिर से एक बार आपका हमारे Web Portal www.apnasandesh.com पर स्वागत है। मुझे यह लेख लिखते हुए खुशी हो रही है क्योंकि आज के युग में, हमारी दिनचर्या नियमित नहीं होती है। हमारे पास ना जागने का समय निश्चित है और ना सोने का समय निश्चित है। इससे लोगों में बीमारियां आ जाती है और हमारे बच्चे एक अच्छे संस्कार से दूर रह जाते हैं। आज हर माता-पिता चिंतित हैं कि उनके बच्चे देर से जागते हैं और रात को देर से सोते हैं, इसलिए यह लेख सभी उम्र के लोगों के लिए है, खासकर छात्रों के लिए। तो आइए जानते हैं कि हमारी दिनचर्या कैसी होनी चाहिए। और इसके बारे में लाभ कैसे उठाया जाए…..

 

What is the ideal routine – आदर्श दिनचर्या किसे कहते है?

दिनचर्या किसे कहते है – Who is the routine :-

हम सबेरे उठकर रात को सोने तक जितने भी काम करते हैं उसे दिनचर्या कहते हैं। सब की दिनचर्या अलग-अलग होती है। दो व्यक्ति की दिनचर्या एक जैसी नहीं हो सकती, हां उनके काम में समानता हो सकती है। सबसे पहले तो आप अपनी दिनचर्या के बारे में जान ले इसके लिए हमने आपको आगे में एक टेबल दिया हुआ है वह आप अपनी दिनचर्या लिख सकते हैं। इसके बाद हम आपको आदर्श दिनचर्या का टेबल दिखाएंगे।

आदर्श दिनचर्या किसे कहते है - What is the ideal routine

दोस्तों अब आपने अपनी दिनचर्या के बारे में जान लिया होगा। इसमें Saturday and Sunday की दिनचर्या अलग रहती है। आप Student है इसलिए हम आपको आदर्श दिनचर्या के बारे में बताते हैं। आप अपनी दिनचर्या और आदर्श दिनचर्या की तुलना करके देखे और जो सही है और जो अच्छा है। इस हिसाब से अपनी दिनचर्या में बदल कीजिए।

 

आदर्श दिनचर्या :-

Monday to Friday :-

आदर्श दिनचर्या किसे कहते है - What is the ideal routine

हमने यह दिनचर्या Student लाइफ के हिसाब से बनाई है। बच्चे इसमें अपने स्कूल टाइम और घर के वातावरण के हिसाब से कुछ बदल कर सकते हैं। और ऐसा ही Saturday and Sunday की दिनचर्या बना सकते हैं। बड़े लोग अपने काम के हिसाब से अपनी दिनचर्या बना सकते हैं।

Read More –

1. Manglashtka ek Jivan shiksha

2. Pariksha ke dar ko dur karne ke tantra

3. Bharat ke purvkalin nam aur jankari

4. Interest kya hai aur jankari

 

प्रातकाल जल्दी उठिए :-

जल्दी उठने से हमारी दिल की सुरवात अच्छी होती है। पढ़ाई को समय मिलता है। वातावरण शांत रहता है और मन शांत प्रसन्न होता है। और शरीर आराम के बाद ताजा तवाना हो जाता है।

मैंने बहुत से लोगों को देखा है कि वह जल्दी उठ जाते हैं लेकिन उनकी नींद पूरी नहीं होती है और वह चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं। और कहते हैं कि जो जल्दी उठने की बात करने वाले लोग गलत है। और उनकी बात भी गलत है। लेकिन यह बात समझने के लिए मैं आपको एक किसी महान व्यक्ति ने कही कहावत बताना चाहता हूं।

”लवकर निंजे लवकर उठे”

”तया आरोग्य संपदा भेटे”

अर्थात जो व्यक्ति जल्दी सोता है वह व्यक्ति जल्दी उठता है। और वह व्यक्ति बहुत कम बीमार होता हैं तथा प्रसन्न रहते हैं।

अब मैं यह बताना चाहूंगा की ”लवकर निजे” यानी जल्दी सोना चाहिए अगर हमें जल्दी उठना है तो जल्दी सोना भी होगा क्योंकि अगर हम रात देर तक सोए तो हमारी नींद पूरी नहीं होगी और हम सुबह जल्दी उठने के बाद भी चिड़चिड़ापन महसूस करते है।

इसके बाद मैं आपको दूसरी बात बताना चाहूंगा कि जो भी Successful लोग है वह सुबह अलार्म बजने से पहले अपने सारे काम निपटा लेते हैं जैसे कि व्यायाम करना, नाश्ता, अखबार पढ़ना और किसी व्यक्ति को समय देना आदि।

एक न्यूज रिपोर्टर के मुताबिक फिल्म स्टार कुमार जी अपनी सारी इंटरव्यू सवेरे ही देते हैं। इस वजह से वे बाकी पूरा दिन भर अपने मुख्य काम पर फोकस करते हैं। हम बहुत से व्यक्ति को यह कहते हुए देखते हैं कि मुझे यह काम के लिए सही समय नहीं मिलता, मुझे यह करना है लेकिन समय ना होने के कारण से कर नहीं सका, आदि इसका मुख्य कारण है की देर से सोकर उठना।

 

Adarsh dincharya kaisi honi chahiye in Hindi

1. सुबह जल्दी उठे (Wake up Early in the Morning),

2. प्रतिदिन व्यायाम और योग करें (Exercise and do yoga every day),

3. रूटीन की योजना बनाएं (Plan Routine),

4. प्रतिदिन स्नान करें (Bathe daily),

5. भगवान में ध्यान करें(Meditate in god),

 

व्यायाम :-

शरीर को शुद्ध मजबूत और बीमारियों से दूर रखने के लिए व्यायाम बहुत जरूरी है।

ज्यादातर सुबह उठकर व्यायाम करना चाहिए। सुबह का समय शांत रहता है वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है, इसके लिए हमें ध्यान लगाने के लिए और योग करने के लिए यह उचित समय है।

अगर आप इस बात को जानना चाहते हो तो आप सुबह उठकर 2 से 3 किलोमीटर घूम कर आइए और अपने शरीर को महसूस करें बाद में वही काम श्याम को करें आप 2 से 3 किलोमीटर शाम को घूम कर आए और उसके बाद अपने शरीर को महसूस करें आपको शाम को घूम कर आने के बाद थकान महसूस होगी इसका यह कारण है की शाम को वातावरण में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा होता है इसलिए आप व्यायाम करने का समय सुबह ही चुनिए।

वैसे देखा जाए तो सब की दिनचर्या अलग अलग होती है और वह डिपेंड होती है हमारे काम पर। हमारी घर पर क्या जिम्मेदारी है, हमारी नौकरी पर क्या जिम्मेदारी है, हमारी बिजनेस पर क्या जिम्मेदारी है, इस पर हमारी दिनचर्या निर्भर है,

इसलिए दोस्तों हमने सिर्फ इस लेख में Student की आदर्श दिनचर्या बताने का प्रयास किया है।

दोस्तों दिनचर्या के अलग अलग प्रकार तथा सभी उम्र के व्यक्ति के लिए दिनचर्या कैसी हो यह आर्टिकल जल्दी ही प्रकाशित करेंगे तब तक हमसे जुड़े रहे और बड़े व्यक्ति आप अपने हिसाब से दिनचर्या खुद ही तैयार कर सकते है, यह आपके लिए फायदेमंद होगा।

 

Adarsh dincharya ke Tips aur benefits

1. दो गिलास गर्म पानी पियें,
2. सूर्य नमस्कार करें,
3. शारीरिक व्यायाम करें,
4. योग व प्राणायाम करें,
5. आंवला व बादाम का सेवन,
6. भगवान की पूजा,
7. प्रतिदिन का काम जो आप चाहें,
8. शाम को कोई शारीरिक खेल खेलें,
9. रात का हल्का भोजन करें,
10. मैडिटेशन, आदि.

 

आदर्श दिनचर्या किसे कहते है – What is the ideal routine

दोस्तों, उम्मीद है की आपको आदर्श दिनचर्या किसे कहते है – What is the ideal routine यह आर्टिकल पसंद आया होगा। यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें। और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ।

धन्यवाद।

हसते रहे – मुस्कुराते रहे।

 

यह भी जरुर पढ़े

1. नीबू के महत्वपूर्ण गुण

2. पुदीना के जबरदस्त फायदे

3. पनीर सलाद कैसे बनाए

4. रक्त और हिमोग्लोबिन

5. विटामिन के लाभ

6. संतुलित आहार के फायदे

7. 5 ” S ” का महत्व

Post Comments

error: Content is protected !!