Introduction to Electrical Chemical Cell – विद्युत रासायनिक सेल का परिचय

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विद्युत रासायनिक सेल का परिचय - Introduction to Electrical Chemical Cell

 

विद्युत रासायनिक सेल का परिचय – Introduction to Electrical Chemical Cell :-

Electrochemical सेल एक ऐसा उपकरण है जो या तो रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करता है, या विद्युत ऊर्जा के प्रभाव से रासायनिक प्रतिक्रियाएं करता है.

विद्युत उत्पन्न करने वाली इलेक्ट्रोकेमिकल सेल को ”वोल्टाइक” या ”गैल्वेनिक” सेल कहा जाता है. और दूसरे को इलेक्ट्रोलाइटिक सेल कहा जाता है.

 

प्राथमिक सेल क्या है :-

इस प्रकार की Cell में पदार्थों की रासायनिक क्रिया द्वारा EMF का उत्पादन किया जाता है.

 

सेकंडरी सेल क्या है :-

इस प्रकार की ऊर्जा में विद्युत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है और Cell में संग्रहीत किया जाता है, और बाद में, जब आवश्यकता होती है, रासायनिक ऊर्जा को एक संशोधित ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है.

 

विद्युत Current के प्रकार – Types of Electrical Current :-

➢ डायरेक्ट करंट सप्लाई,

➢ अल्टरनेटिंग करंट सप्लाई,

Daniell cell ka upyog kaise kare

प्राथमिक सेल और सेकंडरी सेल के बीच का अंतर :-

विद्युत रासायनिक सेल का परिचय - Introduction to Electrical Chemical Cell

डायरेक्ट करंट सप्लाई दो पद्धत से तैयार होता है :-

➣ यांत्रिक पद्धत,

➣ रासायनिक पद्धत,

Daniell cell ka upyog kaise kare

रासायनिक पद्धत से डीसी सप्लाई तैयार कैसे करें :-

समझ लो एक कांच के प्याले में Benign sulfuric acid लेकर अब उसमें दो अलग-अलग धातु की प्लेट डालिए इसके बाद दोनों प्लेट में बिजली का दबाव निर्माण होता है. निम्नलिखित R1 में व्होल्टिक सेल की क्रिया होती है.

कांच के प्याले में Benign sulfuric acid और H₂ SO₄ लिया गया है. और उनमें एक कॉपर प्लेट और झिंक रोड को डाला गया है. जब सर्किट बाहर से जोड़ा जाए तब सेल में रासायनिक क्रिया चालू होती है. यह क्रिया चालू होने पर Sulfuric acid यह उनके मूल घटक में विभाजित होता है. इसमें से सल्फर प्लेट के कन (SO₄) झींक प्लेट के साइड खींचा जाता है और जिंक सल्फेट (ZnSO₄) तैयार होता है और हाइड्रोजन यह बबल्स के रूप में कॉपर प्लेट पर जुड़ जाता है.

Read More – How to use of secondary cell battery

 

Electrical Chemical Cell

डेनियल सेल :-

इस प्रकार के सेल में तांबे के प्याले में Anions रहने पर उसमें एक सछिद्र Ceramic के प्याले में रखा जाता है. उसे Porus Spot कहा जाता है. Porus Spot में Sulfuric acid रहने पर एक अलग से झींक प्लेट डाली जाती है. Copper की प्लेट (”+”) पॉजिटिव से कार्य करती है और झींक की प्लेट (”-”) नेगेटिव से कार्य करती है.

बिजली प्रवाहित Copper के तरफ से झींक के तरफ बहती है. प्रवाह बने रहने पर अंदर में तैयार होने वाला हाइड्रोजन वायु Cations के पानी में मिलाकर उससे Copper और Sulfuric acid तैयार होता है.

Introduction to Electrical Chemical Cell

लेक्लेन्च सेल – Leclanche cell :-

इस सेल में एसिड के अलावा अल्कली का उपयोग किया जाता है. इसके लिए ammonium chloride का सोलुशन उपयोग किया जाता है. इसमें पॉजिटिव पोल के लिए कार्बन रोड उपयोग किया जाता है और निगेटिव पोल के लिए झींक रोड उपयोग किया जाता है.

कांच के प्याले में Ammonium chloride paste और उसमें Graphite rod रखी जाते हैं. Graphite rod में कार्बन की रोड रहती है और उसके सराउंडिंग में Mixture of manganese dioxide and powdered carbon रहता है. सेल में जब प्रवाह लिया जाता है तब Hydrogen गैस बाहर आती है, और पॉजिटिव पोल यानी कि कार्बन रोड पर जमा होता है. उस कारण से सेल का रेजिस्टेंस पावर लॉस होता है. यह क्रिया कम होने के लिए मैग्नीज डाई क्लोराइड का उपयोग किया जाता है.

Magnesium chloride से कार्बन पर जमने वाली Hydrogen जल्दी से पानी में रूपांतर होता है. लेकिन इस सेल में Hydrogen बाहर गिरने की क्रिया जोर से होती है ताकि मैग्नीज ऑक्साइड क्लोराइड Hydrogen का पानी में अंतर होता है. और Hydrogen वैसे ही कार्बन रोड पर बचा रहता है. इस कारण सेल से एक जैसा प्रेशर नहीं मिलता इसलिए यह सेल रुक-रुक कर कार्य करता है.

इस कारण बीच में Hydrogen तैयार होता नहीं लेकिन कार्बन पर रहने वाली Hydrogen का पानी में रूपांतर होने का कार्य चालू रहता है. सेल का उपयोग जहां पर एक जैसी रोड लगी नहीं होती है वह पर उसका यूज़ होता है.

Exa. :- बेल, टेलीफोन, टेलीग्राफ सर्किट, आदि

 

Introduction to Electrical Chemical Cell – विद्युत रासायनिक सेल का परिचय

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Author By :- Yogesh Chaudhari

 

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