truth of chandra gemstone pearl – चन्द्र रत्न मोती का सच क्या है?

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नमस्कार दोस्तों APNASANDESH.COM में आप सभी का हार्दिक स्वागत करते है, आज के लेख में हम आपको मोती के बारे में जानकारी देंगे, जी हाँ जिसे हम Chandra gemstone pearl (Pearl or Moti – Gemstone for Planet Moon) कहते है.

चन्द्र रत्न मोती का सच क्या है - truth of chandra gemstone pearl

 

truth of chandra gemstone pearl – चन्द्र रत्न मोती का सच क्या है?

दोस्तों, आपको पता होगा कि चंद्रमा को एक रत्न मोती के रूप में दर्शाया जाता है. आपको पता होगा कि ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को माता, मन, शीतलता, चंचलता, सौंदर्य और मानसिक प्रेरणा, मातृत्व, दया, दया और माया कारक माना जाता है.

मोती एक भौतिक पदार्थ है, यह समुद्र से प्राप्त किया जाता है. यह एक ही घूंट से उत्पन्न होता है, जो समुद्र द्वारा निर्मित होता है. मोती का मोती पेट के अंदर एक विशिष्ट प्रकार के हार्मोन को रिलीज करता है, और यह स्त्राव समुद्र में पाए जाने वाले चुने के कण को, सिप के पेट में पहुचते ही, मोती बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इस हार्मोन के निर्वहन से, चुने के कण और कवरिंग परत कणों को कवर करते हैं, और मोती बन जाते हैं. मोती बनाने की प्रक्रिया के कारण, कुछ लोग नकली मोती बनाकर और उन्हें बाजार में बेचकर पैसा कमाते हैं. तो इससे बचने के लिए, इस लेख को अंत तक पढ़ें और असली मोती की मान्यता प्राप्त करें.

 

मोती की पहचान :-

1. मोती के बारे में जानकर हमें बताते है की मोती साफ़, स्वछ, दुधिया, और चमकदार, अधिक बलवाला, मलरहित, गोल मोती, निर्दोष और प्रभावकारी होता है,

2. दोस्तों पुराणों में बताया गया है की वास्तविक मोती को गोमूत्र में २४ घंटे पड़ा रहने दे , और बाद में उसे चेक करे यदि मोती टूट जाए या पिघलकर उसमे मिल जाये तो समझिये मोती नकली है, क्योकि वास्तविक (असली) मोती गोमूत्र में नही टूटेंगा,

3. असली मोती दांतों से दबाने पर टूट जायेंगा और जबकि नकली मोती नहीं टूटेंगा,

 

मोती के प्रकार – Type of moti :-

सर्प मोती :- भारतीय संस्कृति में बहुत से लोग रत्न के बारे में जानते हैं, यह माना जाता है कि हजारो सर्प में से सिर्फ एक सर्फ के मस्तिक पर मोती पाए जाते हैं.

मिन मोती :- यह मोती सुनहरे रंग की मछली के मस्तक पर पाया जाता है,

शंख मोती :- कुछ विचित्र प्रकार के पांच जन्य नामक शंख में यह मोती निर्माण होता है,

मेघ मोती :- जो मोती बादलो में बनकर जमीन पर गिरते है, उसे मेघ मुक्ता के नाम से जाना जाता है,

टाल मोती :- यह मोती ऑस्ट्रेलिया और उसके आसपास के क्षेत्र में पाया जाता है, इस मोती में चमक और सुंदरता भरपूर होती है.

बसरा मोती :- बसरा मोती यह चमक टिकाऊपन और सुन्दरता के लिए सर्वश्रेष माना जाता है,

असमी मोती :– इनमे शानदार चमक और कुछ कच्चापन के लिए ये मोती प्रसिद्ध है, यह अधिकतर असम प्रदेश में पाए जाते है,

कागवासी मोती :- यह मोती अमेरिका में पाया जाता है, और यह अधिक आय वाला मोती है जिसे सर्वसामान्य व्यक्ति धारण नहीं कर सकता,

गज मोती :-यह मोती भारतीय संस्कृति में नर हाथी के सिर में पाया जाता है, यह मोती प्रथक हाथी के सिर में नहीं पाया जाता है, केवल हजारों हाथियों में से एक हाथी के सिर में होता है, जिसे हाथी की मृत्यु के बाद निकाला जाता है.

 

मोती के दोष/उपाय  :-

कोणदार मोती :-

जिस मोती में एक, दो, तिन, और चार, इससे अधिक कोण हो तो उसे धारण करने पर योन समस्या का सामना करना पड़ सकता है,

खंडित मोती :-

जिस मोती का खंड विखंडित हो चूका है, उस मोती को धारण करने पार मन विचलित और कष्टों में बढ़ोतरी होती है,

धारीदार मोती :-

जिस मोती में अधिक धरिया और गोलाकार या किसी भी अन्य प्रकार कुई धरिया हो तो वह अधिक समस्या पैदा कर सकती है,

चपटा मोती :-

जो मोती चपटा हो जो पूर्ण गोल न हो येसे मोती धारण करने से मानसिक अशांति रहती है,

 

लेकिन दोस्तों पहले ही बता दिया है की यह धारण या  इसका उपयोग करने से प्रथम अच्छे ज्योतिष या फिर चंद्र रत्न से वाकिब व्यक्ति की सलाह जरूर ले इससे आपको यह विधि ओर भी फायदेमंद साबित होगी.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको चन्द्र रत्न मोती का सच क्या है यह आर्टिकल पसंद आया होगा। यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें। और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

धन्यवाद…

हसते रहे – मुस्कुराते रहे…..

Author By :- Prashant Sayre Sir

 

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