How to practice Tally – Tally (Accounting) का अभ्यास कैसे करे

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नमस्कार, फिर एक बार हमारे वेब पोर्टल apnasandesh.com में आप सभी का स्वागत है. दोस्तों वर्तमान के दृश्य को सामने रखते हुए आज के इस लेख में हम Accounting तथा Tally के बारे में जानकारी देने का प्रयास कर रहे है, उम्मीद है की आपके उम्मीदों पर हम खरे उतरेंगे, तो आइये जानते है इसके बारे में विस्तार से.

Tally का अभ्यास कैसे करे - How to practice Tally

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How to practice Tally – Tally (Accounting) का अभ्यास कैसे करे :-

टैली क्या है – What is Tally in Hindi

कंप्यूटर के इस युग में, अधिक से अधिक कार्यों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है. दोस्तों, आप सभी जानते हैं कि कंप्यूटर के माध्यम से, मानव ने अपने कार्यो को आसान बना दिया है. इसलिए, वर्तमान युग में, कंप्यूटर का उपयोग करना, कंप्यूटर में खातों का लेखा रखना या लेखांकन (Accounting) करना, आदि. कंप्यूटर में जितना संभव हो उतना डेटा रखा जा सकता है और गणना भी कर सकते है. इस प्रकार के कार्यो तथा अन्य कामो के लिए सिस्टम उपयोग में आता है.

वास्तव में अकाउंटिंग कंप्यूटर के शुरुआती उपयोगो में से एक है. इस काम के लिए टैली नाम का सॉफ्टवेयर का उपयोग शुरुआती से ही किया जा रहा है. वैसे तो टैली एक ”अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर” नाम है. लेकिन आजकल यह अकाउंटिंग दिनचर्या बन गया है. आप देखते हैं कि अपने दैनंदिन जीवन में हम ज्यादातर अकाउंटिंग का ही कार्य करते हैं. हम अगर देखें तो अकाउंटिंग पर्यावरण बन गया है. टैली के कई पार्ट्स उपयोग में आ चुके हैं इसके शुरुआती के संस्करणों में सिर्फ अकाउंटिंग का ही काम किया जा सकता था,

लेकिन आज के युग में इसमें हम हर क्षेत्र के नए विभाग में अकाउंटिंग के साथ Inventory control भी कर सकते हैं, तथा हम अपने डाटा को इंटरनेट पर भी भेज सकते हैं. टैली का Version 6.3 है लेकिन यह अभी ज्यादा प्रचलित नहीं है और आजकल तो Version 5.4 का उपयोग किया जाता है.

टैली एक Business Accounting software पैकेज है, हमें सोच पर काम करने के लिए लेखांकन का ज्ञान होना चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको टैली का उपयोग करने के लिए ”B.Com” या ”M.Com” करना होगा, लेकिन अकाउंटिंग के Other Knowledge को ध्यान में रखकर आप Tally के साथ अच्छा काम कर सकते हैं.

 

क्यों जरुरी है अकाउंटिंग सीखना?

जिन लोगों को लेखांकन का कोई ज्ञान नहीं है, उनके लिए कुछ लेखांकन नियमों को जानना बहुत महत्वपूर्ण है, ऐसे व्यक्तियों का अकाउंटिंग आवश्यक है.

अब आप सोच में पड़ गए होगे कि यह Accounting क्या है? इसके बारे में सुनते तो आ रहे है लेकिन क्या कभी आपने इसका अभ्यास किया? जानने का प्रयास किया? क्योंकि यह Accounting हमारे जीवन में सभी कामों में उपयोगी है. तो चलिए दोस्तों जानते हैं Accounting के बारे में विस्तार से. अगर हम किसी संगठन या कंपनी के व्यापारियों के खातों से संबंधित उनके दो पार्ट में विभाजित किया जा सकता है. जैसे,

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1. Financial account – वित्तीय खाता

२. Inventory Management – सूची प्रबंधन,

 

Financial account – वित्तीय खाता :-

किसी भी लेखांकन के बारे में पता होना महत्वपूर्ण है. क्योंकि इसे एक ही खाते में रखने के लिए सही जानकारी होना अनिवार्य है ताकि हम हाथ से किए जाने वाले कार्यों का संबंध कंप्यूटर में किए जाने वाले कामों को भी ठीक से जोड़ सकें और उनके अनुसार काम कर सकें.

लेखांकन यह एक व्यापार पद्धति की भाषा है जिसमें हम किसी भी व्यापारी के काम करने के प्रकार, आर्थिक स्थिति जान सकते है. हालांकि, इसमें व्यापारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है और किसी भी वित्तीय स्थिति के मामले में, व्यापारियों के लेखांकन करने को तथा व्यापारियों का लेनदेन और हिसाब-किताब रखने को ही अकाउंटिंग कहा जाता है.

वैसे किसी व्यक्ति या कंपनी के लेनदेन को अलग प्रकार के खातों में लिखा जाता है. किसी भी उपयोग व्यापारी में से ऐसे प्रत्येक व्यक्ति का अलग-अलग खाता होता है, जिससे व्यापारी का लेनदेन चलता है. जिस खाते में वृद्धि होती है और जिनके खाते में कमी होती है, इन को क्रमश : जमा (Credit) और नामें (Debit) कहते हैं.

प्रत्येक प्रकार के खाते में लेन-देन, Credit या Debit करने के विशेष नियम होते हैं. अगर खाते में लेने-देने की Entry करते समय लेने-देने के साथ ही उसका विवरण भी लिखा जाता है और जहाँ भी जरूरत हो वह Documents या खातों का संदर्भ दिया जाता है.

किसी भी Small Business Accounting (Union) के लिए अकाउंटिंग करने से बहुत लाभ प्राप्त होते हैं. अकाउंटिंग से सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखा जाता है जिससे उसका अर्थ निकाला जा सकता है.

 

Type of account – टाइप ऑफ अकाउंट :-

सामान्य बहीखाता (General Ledger) में रखे या अच्छे से किए जाने वाले खातों को दो Parts में विभाजन किया जाता है,

 

Personal account – व्यक्तिगत खाता

➣ किसी व्यक्ति या कंपनी के खातों को Personal account कहा जाता है, जैसे कि ग्राहकों, मालीको, लेनदारों, तथा देनदारों के खाते, आदि.

 

Non-personal account – गैर-व्यक्तिगत खाता

➣ जो खाते Personal नहीं होते हैं उन्हें अवैयक्तिक खाते कहते हैं. इन खातों का संबंध किसी भी संपत्ति आय या व्यय से हो सकता है इस प्रकार के खातों को भी दो Parts में विभाजित किया गया है.

➪ Real account – असली खाता

➪ Nominal account – नाममात्र का खाता

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Real account – असली खाता

यह ऐसे खाते होते हैं जो किसी संपत्ति जैसे नकदी, भवन, प्रॉपर्टी, मशीनरी, वाहन, फर्नीचर आदि से संबंधित में होते हैं, उन्हें वास्तविक खाते कहा जाता है.

 

Nominal account – नाममात्र का खाता

यह ऐसे खाते होते हैं जो आय और व्यय जैसे बिक्री, खरीदी में दी गई छूट, प्राप्त छूट, मरम्मत, किराया, वेतन, ब्याज आदि से संबंधित होते हैं. कुछ लेनदेनों को दर्ज करने के कुछ नियम बनाए गए हैं जिसका पालन करना बेहद ही जरूरी है और उनके कुछ Rules बनाए जाते हैं.

 

Rules –

वैयक्तिक खाते – Personal account :-

• Debit the Receiver,

• Credit the Giver

 

वास्तविक खाते – Real account :-

• Debit what comes in,

• Credit whats Goes out,

 

नॉमिनल अकाउंट – Nominal account :-

• Debit all expenses & losses,

• Credit all income & Gains,

दैनंदिन या प्रत्येक माह के अंत में तथा किसी भी अन्य निश्चित समय बाद हम सभी खातों का बैलेंस निकालते हैं, जिस बैलेंस से मतलब किसी भी खाते के सभी नामें और जमा लेनदेन का अंतर निकाला जाता है. अगर किसी खातों में जमा की कुल राशि से ज्यादा है तो बैलेंस को जमा बैलेंस (Credit balance) कहते हैं. यदि नामें की कुल राशि से ज्यादा है तो अवशेष को नामें (Debit balance) कहा जाता है.

 

Business document – व्यापार दस्तावेज़ :-

1. व्यापारी अकाउंटिंग में किताबों के अलावा उनके लिखित डॉक्यूमेंटका उपयोग किया जाता है,

2. जिन से लेनदेन सही तरीके से किया जाता है इन दस्तावेजमें से एक को Voucher कहा जाता है

3. कोई Voucher किसी लेनदेन का पहला या मुख्य प्रमाण होता है और Voucher को सुरक्षित रखा जाता है अगर कोई प्रॉब्लम होने पर यह प्रमाण का काम करता है,

4. कर निर्धारण और अंकेक्षण के समय अन्य दस्तावेज के साथ उन्हें भी दिखाना जरूरी होता है,

5. Voucher के आधार पर ही तय किया जाता है कि खाते को नामें और किस को जमा किया जाएगा,

 

✦ Financial statement – 

अगर किसी व्यापार की स्थिति जानने के और उसके लिखितो की जांच करने के लिए अलग प्रकार के दस्तावेज Ready किए जाते हैं. जिन्हे Financial statement कहते हैं. इसमें से कुछ मुख्य स्टेटमेंट का परिचय इस प्रकार है,

 

✦ Trial balance –

हमने इसके पहले भी देखा है कि सभी मॉनिटरी लेन-देन या घटनाओं को अलग-अलग प्रकार के खातों में Classifieds किया जाता है. यह निश्चित समय के बाद इन खातों का Summary याने सारांश निकाला जाता है. इसी सारांश को Trial balance कहते हैं. यह सभी Financial खातों के एक निर्धारित टाइम को क्लोजिंग बैलेंस बताता है. Trial balance के आधारपर ही किसी व्यापारिक कर्म या अन्य Financial statement जैसे Balance sheet और आय तथा व्यय विवरण या लाभ हानि विवरण बनाई जाती है.

 

✦ Profit & Loss Statement – 

अगर हम देखे तो उस Statement में किसी निश्चित अवधि में व्यापार की सभी आयोग तथा खर्चो का उल्लेख होता है. आय और व्यय के अंतर से व्यापार के शुद्ध लाभ या हानि का नॉलेज होता है.

 

How to practice Tally – Tally (Accounting) का अभ्यास कैसे करे

✦ Balance sheet – 

यह एक ऐसी स्टेटमेंट है जिससे किसी फिक्स टाइम पर व्यापारी की सभी Assessed properties और Liabilities का उल्लेख किया जाता है. इससे किसी व्यापार की Financial स्थिति का ज्ञान होता है और एक प्रकार से यह किसी व्यापार की सबसे महत्वपूर्ण Statement है.

तो दोस्तों इस तरह आप अपने लेखांकन की जानकारी रख सकते है, जो आपके लिए बेहद ही उपयोगी है.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको Tally का अभ्यास कैसे करे – How to practice Tally यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ.

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