Introduction to Thread – थ्रेड्स का परिचय (Tread ka Upyog kaise kare)

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नमस्कार दोस्तों हम आप सभी का एक बार फिर से apanasandesh.com में स्वागत करते हैं, आज के इस लेख में हम आपको Threads के बारे में बताएंगे, Threads क्या है और इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए हमसे जुड़े रहे.

थ्रेड्स का परिचय - Introduction to Thread

 

Introduction to Thread – थ्रेड्स का परिचय (Tread ka Upyog kaise kare) :-

किसी भी बोल्ट की बाहरी सरफेस के उपर जो गोलाकार भाग दीखता है और जिसपर नट के व्दारा बोल्ट पर घूमते हुए चढ़ाया जाता है, उस गोलाकार भाग को हम चूड़ियाँ या फिर थ्रेड्स भी कहते है. थ्रेड्स हमेशा Helix angle की बनी होती है. जॉब की बाहरी सरफेस पर कटी Thread (computing) को External Threads कहते है और स्टड या बोल्ट के गोल छिद्र में जो कटी थ्रेड्स दिखती है उसे Internal Threads कहते है. इन थ्रेड्स का काम सीधा और उल्टा होने के कारण इन्हें इनके कार्य के अनुसार और आकार के अनुसार यह अलग-अलग प्रकार के होते है.

 

थ्रेड्स के प्रकार – Types of threads

1. स्क्वेअर थ्रेड (Square Thread)

2. एक्मे थ्रेड (Acme Thread)

3. वर्म थ्रेड (Worm Thread)

4. नकल थ्रेड (Knuckle Thread)

5. बटरेस थ्रेड (Buttress Thread)

6. वी – थ्रेड (V – Thread)

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स्क्वेअर थ्रेड – Square Thread :-

इस तरह की थ्रेड्स बहुत अधिक मजबूत होती है, और इन थ्रेड द्वारा भारी वजन उठाने वाली मशीन में उपयोग किया जाता है, और उसी तरह इनके शक्ति को एक दुसरे को समर्पित करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. स्क्वेअर थ्रेड की सभी साइड समान्तर होती है, और इस थ्रेड्स की गहराई, चौड़ाई सब कुछ बराबर होता है, V आकार वाली थ्रेड्स के मुकाबले में यह थ्रेड्स ताकतवर होती है.

 

एक्मे थ्रेड – Acme Thread :-

एक्मे थ्रेड वाली चूड़ी देखने में तो स्क्वेअर थ्रेड की तरह होती है, और इस तरह की थ्रेड्स उपर से पतली और निचे से मोटी होती है, इस थ्रेड का उपयोग चाल और शक्ति संक्रमित के लिए भी किया जाता है. इस तरह की थ्रेड का इस्तेमाल लेथ मशीन पर किया गया है, जिस पर लीड स्क्रू कटी हुई होती है, और यह स्क्वेअर थ्रेड से भी ज्यादा मजबूत होते है, तथा इसके साइड में होल होने के कारन इसमें आसानी से नट फिट कर सकते है.

 

वर्म थ्रेड – Worm Thread :-

इस तरह के थ्रेड देखने में एक्मे थ्रेड के जैसे ही होते है, और इनका समकोण भी एक्मे थ्रेड के तरह ही होता है. लेकिन इन दोनों में फर्क सिर्फ इतना होता है की, इसकी थ्रेड की गहराई कुछ और ज्यादा होती है, और इनके रुट में थ्रेड की तुलना में कम होती है, वर्म थ्रेड का उपयोग भी एक दुसरे को शक्ति प्रदान करने में होता है.

 

नकल थ्रेड – Knuckle Thread :-

इस थ्रेड का उपयोग ज्यादा से ज्यादा रफ काम के लिए किया जाता है, इस थ्रेड्स के रूट और क्रस्ट आधे गोलाई में होते है, इन थ्रेड का प्रयोग रफ काम के लिए, उपयोग में लाया जाता है. जैसे की रेल्वे की कपलिंग बनाते समय और शीशे की बोतल पर उनके सिरे पर इस तरह के थ्रेड रोल करके बनाये जताए है, क्योंकि रोल की हुई टूल ज्यादा मजबूत होती है.

 

बटरेस थ्रेड – Buttress Thread :-

इस तरह के थ्रेड का उपयोग वहाँ किया जाता है जहाँ एक ही दिशा में अधिक से अधिक दबाव पड़ता हो, इस थ्रेड का कोण ४५ डिग्री का होता है, और इसकी थ्रेड साइड अक्ष पर बनी होने के कारण 45 के कोण को बनाती है.

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वी थ्रेड – V Thread :-

इस तरह के थ्रेड की आकृति इंग्लिश शब्द V के बराबर होती है. इस तरह की थ्रेड मिलिंग, टेप, और डाई इनके द्वारा कटी जाती है, और ज्यादा से ज्यादा समय तक इन थ्रेड का इस्तेमाल फास्टनिंग के लिए किया जाता है, इसके थ्रेड कोण इसके अनुसार अलग-अलग होती है.

 

राईट हैण्ड थ्रेड – Right hand thread :-

इस तरह की थ्रेड्स को ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लाया जाता है. जो थ्रेड्स को घडी की सुई की तरह, सुई की दिशा में घूमते समय टाईट होती जाये उन थ्रेड्स को राईट हैण्ड थ्रेड कहते है, साधारण सभी लोग राईट हैण्ड वाली ही थ्रेड्स का ही प्रयोग किया करते है, और जब राईट हैण्ड वाली थ्रेड पर जब बोल्ट के उपर नट को सीधी दिशा में घुमाया जाता है, तब वह कोई भी पार्ट्स को टाइट करता है, और इनका झुकाव राईट साइड में होता है.

Introduction to Thread

लेफ्ट हैण्ड थ्रेड – Left hand thread :-

जो थ्रेड्स घडी की विपरीत दिशा में घुमाते समय कसी जाती है उन्हें लेफ्ट हैण्ड थ्रेड कहते है. और इस तरह के थ्रेड का उपयोग बहुत ही कम लोग करते है. क्योंकि यह बाजार में भी ज्यादा बिकाऊ नहीं रहती और इसकी थ्रेड लेफ्ट साइड होने के कारन इसका झुकाव लेफ्ट साइड ही रहता है, और इस तरह के थ्रेड का उपयोग Industry and Automobile Company में करते है, ऑटोमोबाइल के फ्रंट एक्सेल में इसका प्रयोग किया जाता है, और जॉब के अनुसार और जरुरत के अनुसार ही इस थ्रेड का उपयोग करते है.

 

पिच – Pitch :-

अब जानने वाली बात यह है की, पिच किसे कहते है? पिच में 1 इंच में कितने थ्रेड्स उस हिसाब से ही मतलब TPI कितनी है इसको देख कर ही इसकी थ्रेड के हिसाब से खरेदी और बिक्री की जाती है. सीधे बात करे तो साधारण शब्दों में एक थ्रेड के सेंटर में दुरी थ्रेड के सेंटर के बिच की दुरी को ”Pitch” कहते है.

थ्रेड्स का परिचय - Introduction to Thread

 

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Author By :- Prashant Sayre Sir

 

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