Use of biogas energy – (Indhan kaise bachanye) बायोगैस ऊर्जा का उपयोग

बायोगैस ऊर्जा का उपयोग – Use of biogas energy, Bio-gas Indhan kaise bachanye. How to make biogas fuel, What is the truth of biogas fuel, बायोगैस ईंधन बनाने का आसान तरीका, An easy way to make biogas fuel, बायोगैस ईंधन बनाने की प्रक्रिया, The process of making biogas fuel, biogas fuel banane ke aasan tarike? लगने वाले साहित्य, Materials that make up bio-gas fuel, bio-gas natural fuel,  What is biogas? सभी जानकारी हिंदी में.

बायोगैस ऊर्जा का उपयोग - Use of biogas energy

दोस्तों Agricultural science के बारे सायद आप जानते होंगे, हमारे वर्तमान में इस तंत्रज्ञान को विकशित करने के लिए कई सारे वैज्ञानिक कार्य कर रहे है. लेकिन भारत एक कृषि प्रदान देश है और इसकी मजबूती भरखरार रखने के लिए हमारे देश के किसान भाई है. और इसी किसानी में निकलने वाले सेंद्रिय पदार्थो तथा जानवरो के मूत्र, गोबर और अन्य वेस्टेज मटेरियल के माध्यम से इंधन कैसे बनाया जाये इसके बारे में “Apna Sandesh” टीम ने आज के लेख में कुछ अलग बताने की कोशिश की है, उम्मीद है की हमारे प्रिय पाठकों को इस लेख के माध्यम से जानकारीपूर्ण जानकारी मिले, यह हमारा प्रयास है. तो चलिये दोस्तो जानते है ”बायोगैस – Bio gas”  के बारे मे.

 

Use of biogas energy – (Indhan kaise bachanye) बायोगैस ऊर्जा का उपयोग :-

बायोगैस क्या है?

आजकल गाँव के इलाकों में ईंधन के स्रोत कम हो रहे हैं. पेड-पौधो कि कटाई करके लकड़ी को जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है. आनेवाले दिनो मे सारे जग मे इंधन कि समस्या ओर भी बढती जायेगी. क्योकि परिवार मे सद्स्यो कि संख्या जैसे-जैसे बढ रही है वैसे हि घर मे इंधन कि जरुरत भी बढ रही है. खाना पकाने के लिये लगणे वाले लकडीयो के लिये बडे पैमाने पर जंगल की कटाई कि जा रही है. इंधन के लिये होणे वाली पर्यावरण कि हानी को काम करणे के लिये बायोगैस एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है.

बायोगैस जानवरो के गोबर से बनाया जाता है. वैसे ही मुर्गीयो तथा जानवरो के मुत्र, गोबर, और सब्जियो के तुकडे, बचा हुवा बासी खाना, शौचालय आदि बायोगैस यंत्र को जोडकर biogas production किया जाता है. इस तरीके का उपयोग करणे से हम इंधन खाद तो बना सकते है. और आसपास फैलने वाली गंदगी से भी छुटकारा पाया जा सकता है. इससे हम अपना इलाका साफ सुथरा रख कर कई बिमारियो से भी दूर रह सकते है.

 

यह भी पढ़े ☟☟

1. बायोमास ईंधन कैसे बनाए – How to make biomass fuel

2. पशुचिकित्सा में औषधीय पौधों का महत्व – Importance of medicinal plants in veterinarian

3. नर्सरी का व्यवसाय कैसे करे – How to do a nursery business

4. खेती के लिए बहुत उपयोगी टिके – organic farming benefits

बायोगैस ऊर्जा का उपयोग - Use of biogas energy

 

बायोगैस बनाने के लिये आवश्यक वस्तूए –

1. गाय, बैल आदि का गोबर,

2. जानवरो ने छोडी हुई घास,

3. मानव निर्मित मैला,

4. किचन से निकली हुई सब्जियो के तुकडे, बासी खाना,

5. खराब फल तथा फुल,

जानवरो के मैले मे रहने वाले सेंद्रिय पदार्थो के कूछ सूक्ष्म जीवाणू द्वारा विघटन होकर बायोगैस तयार होती है. जानवरो के मैले से निर्मित जलने के लिये उपयोग मे आनेवाली वायुरूप इंधन को बायोगैस कहा जाता है. बायोगैस का अर्थ Methane और Carbon dioxide का मिश्रण होता है. इनको 65.35 के प्रमाण मे मिलाया जाता है. मिथेन यह ज्वलनशील वायु है. बयोगैस यंत्र मे गोबर तथा पाणी को 1.1 के प्रमाण मे मिलाया जाता है. बायोगैस तयार होणे हेतू 20 डिग्री से 40 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान होना अनिवार्य होता है. हर एक घर से निकलने वाले खराब चीजो से बायोगैस बनाना जरुरी है ताकी हम अपना स्वास्थ ठीक रख सके, बायोगैस से हमे ज्वलनशील गैस तथा अच्छे प्रकार कि स्लरी खाद के तौर पर मिलती है. इस तरह हमे बायोगैस यंत्र के माध्यम से दो फायदे मिलते है.

 

बायोगैस सयंत्र मे गैस तयार होणे कि प्रक्रिया –

1. सेंद्रिय पदार्थो का जीवाणू द्वारा ऑक्सिजन के बिना किये गये विघटन के बाद तयार होने वाली गैस को एक जगह रखने के लिये कि गई व्यवस्था को बायोगैस सयंत्र कहा जाता है.

2. इसमे मिथेन तथा Carbon dioxide वायू का निर्माण होता है. मिथेन वायू जलने के लिये मदत करता है.

3. बायोगैस सयंत्र से तयार होनेवाली गैस पाणी निकालने, बिजली उत्पादन तथा घरेलू खाना पकाने हेतू उपयोग मे लाई जाती है.

4. बायोगैस मे Methane 55 से 70 प्रतिशत, Carbon dioxide 30 से 40 प्रतिशत, कम मात्रा मे नायट्रोजन और हायड्रोजन सल्फाइड इन वायूओ का समावेश होता है.

5. गोबर, घर का कुडा, बासी खाना, सब्जियो के तुकडे, मानव मैला आदी का पाणी के साथ मिश्रण बनाकर बायोगैस सयंत्र के पाचक यंत्र मे डाला जाता है.

6. समय के साथ पाचक यंत्र मे कार्यक्षम जीवाणू पैदा हो जाते है और Acetic acid बन कर पांच विभिन्न प्रकार के जीवाणू पैदा करते है जो हमे बाद मे मिथेन और कार्बन डाय ऑक्साईड वायू देते है.

7. मिथेन वायू जलने के लिये मदत करता है तथा उसका उष्णता मुल्य 4700 किलो कैलरी होता है.

Read More – Use fertilizer in Farming

 

बायोगैस सयंत्र के प्रकार –

1. जनता/ दिन बंधू सयंत्र (fixed dome type)

2. खादी ग्रामोद्योग सयंत्र (floating dome type)

 

जनता/ दिन बंधू सयंत्र (fixed dome type)

मुख्य चेंबर गोल आकार का होता है. यह चेंबर सिमेंट कांन्क्रीट या ईटो के जरीये बनाया जाता है. गोबर, पाणी, मानव मैला, सडी गली सब्जीया, खाना इत्यादी फिल्टर टंकर कि नली से मुख्य चेंबर मे जाता है. सयंत्र के एक तरफ स्लरी बाहर निकलने का मार्ग होता है. मुख्य चेंबर मे जैसे जैसे मिश्रण का प्रमाण बढता जाता है वैसे हि गैस कि मात्रा भी बढती जाती है और उससे चेम्बर मे दबाव बढ जाता है और स्लरी बाहर आती है. इस तरह स्लरी का उपयोग हम खेतो मे खाद के तौर पर कर सकते है यह खाद दुनिया कि बेहतरीन खाद मे से एक होती है.

 

खादी ग्रामोद्योग सयंत्र (floating dome type)

इस प्रकार का सयंत्र उपयोग करणे मे सहज और सुलभ होता है इसलिये यह सयंत्र ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. तैरते चेंबर के इस सयंत्र का मुख्य पाचक पात्र जमीन के अंदर बनाया जाता है. उसके उपर लोहे कि उपर नीचे सरकणे वाला चेंबर बनाया जाता है. मुख्य पाचक पात्र मे गोबर, पाणी, मानव मैला, सडी गली सब्जीया, खाना इत्यादी फिल्टर टंकर कि नली से दला जाता है. जैसे हि पात्र मे गैस बनना शुरू होता है वैसे हि लोहे का चेंबर उपर उठने लगता है. चेंबर के उपर कि नली से गैस को छोडने पर चेंबर खाली होणे लगता है और धीरे धीरे नीचे आणे लगता है. इस तरह यह सयंत्र काम करता है.

 

बायोगैस के फायदे – Bio gas ke fayade

1. गोबर का उपयोग सिर्फ जलाने के लिये किया तो उससे जितना फायदा होता है उससे सयंत्र से मिळणे वाले गैस का फायदा ज्यादा होता है. यह इस्तेमाल करणे के लिये आसान होता है और जलने कि क्षमता भी बढती है.

2. बायोगैस से मिलने वाली स्लरी से हमे बेहतरीन खाद मिलता है जो हम खेतो मे डालकर उत्पादन बढा सकते है.

3. मिलने वाली गैस धुवा किये बिना जलती है इसलिये हमारे आंखो को कोई तकलीफ नही पहुचती.

4. बायोगैस से मिलने वाली गैस का इस्तेमाल हम लाईट जलाने, खाना पकाने के लिये कर सकते है.

दोस्तों, उम्मीद है की आपको बायोगैस ऊर्जा का उपयोग यह आर्टिकल पसंद आया होगा. यदि आपको यह लेख उपयोगी लगता है, तो इस लेख को अपने दोस्तों और परिचितों के साथ ज़रूर साझा करें. और ऐसे ही रोचक लेखों से अवगत रहने के लिए हमसे जुड़े रहें और अपना ज्ञान बढ़ाएँ..

धन्यवाद…

हसते रहे – मुस्कुराते रहे…

यह भी जरुर पढ़े:-

1. RCC कॉलम तैयार करे

2. इंजिन का कार्य

3. PUC कैसे बनाए

4. ट्रांसमिसन का कार्य

5. मायक्रोमीटर का कार्य

6. फेरोसिमेंट बनाने के तरीके

7. गुणकारी दही के लाभ

Post Comments

error: Content is protected !!