automobile engineering courses and syllabus – ऑटोमोटिव में भविष्य बनाये

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automobile engineering courses and syllabus - ऑटोमोटिव में भविष्य बनाये

 

Automobile Engineering Courses and Syllabus – ऑटोमोटिव में भविष्य बनाये:

Automotive (automobile) me Career:- क्या आप ऑटोमोबाइल में अपना सुनहरा करियर बनाना चाहते हैं? क्या आप एक अच्छा ”Automotive Scientist” बनना चाहते है? क्या आप चाहते है की Automobile Engineering me career kaise banaye, तो आप सही आर्टिकल पढ़ रहे हैं. जी हां दोस्तों इसके पहले वाले लेख में आपने ”ऑटोमोबाइल इंजीनियर बनने के टोटके” जाने है. और उसी लेख को पूरा करते हुए आज हम ”ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के लिए कौनसा कोर्स और सिलेबस” महत्वपूर्ण है. इसके बारे में विस्तार से जानेंगे, जिससे आप आसानी से ऑटोमोबाइल अभियांत्रिकी (Automobile Engineering) में अपना सुनहरा करियर बना सकते हैं.

दोस्तों ऑटोमोबाइल इंजीनियर बनने से पहले आपके जानकारी के लिए बता देते है की ऑटोमोबाइल का एक्चुअल अर्थ क्या है? ऑटोमोबाइल में दो अलग-अलग श्रृंखला है ”Auto” और ”Mobile”, विशेष रूप से, “ऑटो” का अर्थ है “स्वयं” और ऐसी चीज़ को संदर्भित करता है जो बाहरी सहायता के बिना अपने दम पर संचालित हो सकती है. “मोबाइल” का अर्थ है “गति में सक्षम” या तो धकेल दिया, खींचा, लुढ़काया, आदि. (वस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाने में सक्षम है)

 

ऑटोमोबाइल इंजीनियर के आवश्यक टर्म्स:

ऑटोमोबाइल इंजीनियर आमतौर पर किसी विशेष क्षेत्र के विशेषज्ञ होते हैं. जैसे निकास प्रणाली, इंजन और संरचनात्मक, आदि. लेकिन सोचा जाये तो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना कोई बड़ी बात नहीं है. इसीलिए अगर ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में अपना भविष्य अच्छा बनाना है तो उसे ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग प्रक्रिया के तीन पहलुओं पर काम करने की हमेशा आवश्यकता होती है; अनुसंधान, डिजाइनिंग और परीक्षण,

इस नौकरी के लिए अक्सर एक वित्तीय पक्ष भी होता है, जिसमें सामग्री और उत्पादन प्रणाली खरीदने की लागत शामिल होती है. इस नौकरी के कानूनी पहलुओं को महसूस करना भी महत्वपूर्ण है.

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2. हीट इंजन क्या होता है

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ऑटोमोबाइल इंजीनियरों को सभी सुरक्षा नियमों के साथ अद्यतित होना चाहिए, ताकि वे ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग प्रक्रिया से संबंधित कानून का उल्लंघन न करें,

Automobile या ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र में मास्टर डिग्री भावी ऑटोमोबाइल इंजीनियरों को एक अलग लाभ देती है. इसीलिए ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में अपने उज्वल भविष्य के लिए एक बेहतर कोर्स करके ऑटोमोबाइल इंजीनियर बनाना है.

 

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का सिलेबस:

यह 4 साल का अंडरग्रेजुएट लेवल बैचलर डिग्री प्रोग्राम है. 4 साल की अवधि को 8 सेमेस्टर में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक सेमेस्टर 6 महीने की अवधि के होते है. प्रत्येक सेमेस्टर के दौरान, छात्रों को सैद्धांतिक विषयों के साथ-साथ उन विषयों से जुड़े व्यावहारिक प्रयोगशाला में अलग-अलग सेटों का प्रात्यक्षिक करना होता है.

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग कारों, बसों, मोटरसाइकिलों आदि जैसे वाहनों के डिजाइन, निर्माण और काम करने जैसे विषयों पर केंद्रित है. ऑटोमोबाइल क्षेत्र उपकरण, इंजन, मशीनरी, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम के साथ-साथ वाहनों में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों पर केंद्रित है. साथ ही, लागत आकलन, संयंत्र प्रक्रियाओं और प्रबंधन, सीएडी, सुरक्षा पहलुओं, अनुसंधान और विकास जैसे विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है.

लेकिन दोस्तों ध्यान दें कि यहां केवल महत्वपूर्ण विषयों को सूचीबद्ध किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि पाठकों को पाठ्यक्रम की संरचना के बारे में बुनियादी विचार मिल सके,

1 और 2 सेमेस्टर में, इंजीनियरिंग विषयों के सामान्य सेट मौजूद होते हैं.

A. इंजीनियरिंग गणित,

B. संचार कौशल,

C. इंजीनियरिंग भौतिकी,

D. पर्यावरण विज्ञान,

E. इंजीनियरिंग ग्राफिक्स,

F. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के तत्व,

G. मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तत्व,

H. सॉलिड्स के मैकेनिक्स,

I. सिविल इंजीनियरिंग की मूल बातें,

J. कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और यूटिलाइजेशन,

Read More – Automotive technician kaise bane

 

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग सेमेस्टर का सिलेबस:

तीसरे सेमेस्टर के बाद से ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइनिंग, मशीनरी, पार्ट्स आदि पर ध्यान केंद्रित करने वाले विषयों को पेश किया जाता है.

A. मशीन डिजाइन और औद्योगिक प्रारूपण,

B. इलेक्ट्रिकल मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक्स,

C. भौतिक विज्ञान,

D. निर्माण प्रक्रिया, निर्माण कार्यविधि,

E. तरल यांत्रिकी,

F. ऊष्मप्रवैगिकी,

G. मशीनों की गतिशीलता,

H. विकृति निकायों के यांत्रिकी,

I. ऑटोमोबाइल इंजन,

J. ऑटोमोबाइल सिस्टम,

K. नियंत्रण इंजीनियरिंग,

L. इलेक्ट्रॉनिक्स,

M. ऑटोमोबाइल रखरखाव,

N. प्रबंध,

O. घटक डिजाइन,

P. ऑटोमोबाइल्स में हीट ट्रांसफर,

Q. ऑटोमोबाइल चेसिस और बॉडी इंजीनियरिंग,

R. गुणवत्ता की जाँच और प्रबंधन,

S. वाहन की गतिशीलता,

T. यांत्रिक माप,

U. ऑटोमोबाइल सिस्टम डिज़ाइन,

V. एयर कंडीशनिंग सिस्टम,

W. इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम,

X. कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और सीएडी,

Y. हाइड्रोलिक्स और न्यूमेटिक्स,

Z. सैन्य/विशेष प्रयोजन वाहन डिजाइन,

A1. टू व्हीलर/थ्री व्हीलर डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी,

B1. वैकल्पिक ईंधन और इंजन,

C1. वायुगतिकी,

D1. लागत अनुमान,

E1. संयंत्र विधानसभा प्रक्रियाओं,

उपर्युक्त विषयों में से कुछ आवर्ती विषय हैं, जिसका अर्थ है कि वे एक से अधिक सेमेस्टर में दिखाई दें सकते है, उदा. इंजीनियरिंग गणित, Manufacturing process, आदि.

 

आपको ऑटोमोबाइल में करियर टिप्स जानना है तो ☛ यहां क्लिक करे.

 

अवलोकन या परिशीलन:

Overview:- automobile engineering courses and syllabus – Automobile Engineering me Career.

Name:- ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में भविष्य (Future) कैसे बनाएं,

Educational Qualification:- डिप्लोमा, डिग्री या फिर मास्टर डिग्री, आदि.

Skill:- नए विषयों की जानकारी प्राप्त करना,

Job location:- इंडिया. और अन्य कंट्री में,

Job Category:- Automobile Engineer, Designer, Scientist. Automotive Technician,

Final Word:- Automotive engineer Kaise bane. ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग कोर्स कैसे करे.

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हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा है क्योंकि आपने जाना है की automobile engineering courses and syllabus – Automotive engineer Kaise bane और यदि आपको इस लेख से कुछ मदद मिलती है, तो इसे अपने मित्रों तथा ज़रूरतमंद व्यक्ति को साझा करें ताकि हम भी इन लेखों को लिखना जारी रख सकें,

धन्यवाद…

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