Rivets ka parichay kaise kare – रिवेट्स का परिचय कैसे करे

रिवेट्स का परिचय कैसे करे, Rivets ka parichay kaise kare, रिवेट का अर्थ क्या है (What does rivet meaning) रिवेट्स का उपयोग कहा होता है, रिवेटिंग किसे कहते है? Reveting process Kya Hai, रिवेट्स प्रकार क्या है?

Rivets ka parichay kaise kare - रिवेट्स का परिचय कैसे करे

 

Rivets ka parichay kaise kare – रिवेट्स का परिचय कैसे करे:

नमस्कार दोस्तों, लंबे समय के बाद आज फिर आपके लिए ऑटोमोबाइल तंत्रज्ञान के संबंधित लेख प्रकाशित करने जा रहे है. उम्मीद है की आप इस लेख को भी उतना ही पसंद करेंगे, जितना पहले के लेख को पसंद किया. क्योंकि हमारा यही प्रयास है की आप तक सही और बेहतर जानकारी पंहुचा सके.

दोस्तों, क्या आप ऑटोमोबाइल में use होने वाले रिवेट के बारे में जानते है? क्या आप रिवेट के उपयोग के बारे में जानते है? रिवेट के प्रकार कितने है? क्या आप रिवेट का बेसिक महत्व जानते है? या फिर रिवेट्स और रिवेटिंग के बारे में जानना है तो आप सही आर्टिकल पढ़ रहे हैं. जी हां दोस्तों आज के इस लेख में, हम आपको रिवेट्स के बारे में विस्तार से बताएंगे, और जानेंगे की कैसे दो लोहे की प्लेट को आपस में जोड़ा जाता है, और कैसे रिवेट्स की सहायता से दो अलग-अलग पार्ट्स को जोड़कर काम पूरा किया जा सकता है.

रिवेट्स के प्रकार और उसके उपयोग के बारे में जानने से पहले आपको रिवेट्स के महत्व और परिचय से वाकिब होना जरुरी है. इसलिए सबसे पहले हम रिवेट्स का परिचय कराते है.

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रिवेट्स का परिचय कैसे करे:

दोस्तों, आपके जानकारी के लिए बता दे की रिवेट्स यह एक गोलाकार आकार का होता है. जो किसी भी धातु से बनाया जाता है. जिसका मुख्य उपयोग दो या दो से जादा धातु की प्लेट को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है. अधिकतर रिवेट्स का प्रयोग फेब्रिकेशन सेक्टर में काम में लाया जाता है. रिवेट्स का प्रयोग मुख्यतः उसी प्लेट पर किया जाता है जहा पर प्लेट और रिवेट्स का धातु एक हो,

रिवेट्स माइल्ड स्टील या फिर रॉट आयरन की बनी होती है. लेकिन किसी भिन्न कार्यो के लिए यह Aluminum, brass, copper, और दुसरे alloy metal, की भी बनाई जाती है.

Rivets का उपयोग जिस मटेरिअल की प्लेट को जोड़ना हो, उसी मटेरिअल का रिवेट्स होना चाहिए, और उसी मटेरिअल का रिवेट्स को प्रयोग मे लाया जाता है.

रिवेट्स के कई भिन्न भिन्न प्रकार है, जो की उनके काम और उनके आकार पर निर्भर होता है. जो काम के अनुसार प्रयोग में लाया जाता है, इनमे छोटे बड़े सभी साइज़ के रिवेट्स प्रयोग में लाया जाता है.

तो आइये समझते है की, किस मटेरियल के प्रकार का रिवेट्स बनता है, इसके कितने प्रकार होते है. और सभी प्रकार का उपयोग कैसे और कहा किया जाता है पूरी जानकारी जाने,

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रिवेट्स के प्रकार:

1. स्नेप हेड रिवेट (Snap head Rivet)

2. पैन हेड रिवेट (Pan Head Rivet)

3. कोनिकल हेड रिवेट (Conical Head रिवेट)

4. पैन हेड टेपर रिवेट (Pan Head Taper Rivet)

5. फ्लेट हेड रिवेट (Flat head रिवेट)

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स्नेप हेड रिवेट (Snap head Rivet):-

यह रिवेट सबसे जादा प्रचलन में पाया जाता है, क्योंकि इस रिवेट का सर अर्ध गोलाकार होता है, और इसके इसी रूप के कारण इसे कप रिवेट भी कहा जाता है, जहा पर पुल का निर्माण हो या फिर फेब्रिकेशन का कोई काम हो, जिसमे बहुत जादा तादाद में मजबूती प्रदान करना हो, उसी मजबूत ज्वाइंट को मिलाने के लिए या मजबूत बनाने के लिए इसका उपयोग होता है, और इसका ज्यादा से ज्यादा प्रयोग किया जाता है.

 

पैन हेड रिवेट (Pan Head Rivet):-

इसका उपयोग बहुत ही आवशकता के अनुसार किया जाता है. जैसे की इंजन, गार्डर इंजन, बायलर्स, जहा पर भारी काम की जरुरत होती है, इंजीनियरिंग क्षेत्र में इसको सबसे जादा प्रयोग में लाया जाता है.

 

कोनिकल हेड रिवेट (Conical Head रिवेट):-

इस रिवेट का प्रयोग फेब्रिकेशन में छोटे-छोटे कामो को पूरा करने के लिए किया जाता है. और इसका सर हतोड़े के व्दारा हमेरिंग करके बनाया जाता है. इस रिवेट से दो अलग-अलग प्लेट को जोड़ने के काम में लाया जाता है.

 

पैन हेड टेपर रिवेट (Pan Head Taper Rivet):-

इस तरह का रिवेट का प्रयोग हाई प्रेशर बायलर, या फिर इंजन में किया जाता है. यह रिवेट पेन हेड की तरह होता है, इनमे सिर्फ इतना फरक होता है की, इसका हेड के निचे वाला भाग टेपर होता है, और जहा मजबूती प्रदान करनी हो वहा पर इस रिवेट का उपयोग किया जाता है.

 

फ्लेट हेड रिवेट (Flat head रिवेट) :-

इस तरह के रिवेट का उपयोग फेब्रिकेशन में पतले चादर जो की लोहे या किसी अन्य धातु से बने होते है, उन्हें जोड़ने के काम में प्रयोग में लाया जाता है. यह मुख्यतः अलग-अलग धातुओ के बने होते है. जैसे पीतल, ताम्बा, एल्युमीनियम या फिर जिस धातु की चादर हो उसी धातु का प्रयोग में लाया जाता है.

दोस्तों इस प्रकार रिवेट्स के प्रकार और उससे जुडी महत्वपूर्ण बाते तथा रिवेट्स के अलग अलग उपयोग जाना है. अब इसके महत्वपूर्ण स्त्रोत के बारे में जानते है.

 

रिवेटिंग (Riveting process Kya Hai):-

किसी लोहे की चादर या प्लेट पर होल करके उसमे रिवेट फसाकर रिवेट के सिरे पर हेंमेरिंग करके उसके टेल को फ़ैलाने की विधि को रिवेटिंग कहते है. जब दो या दो से अधिक प्लेट को आपस में जोड़ने के लिए रिवेट का उपयोग किया जाता है. यह गरम या ठण्डा करके किया जाता है.

रिवेटिंग करने के लिए सबसे पहले रिवेट को लाल सुर्ख गरम किया जाता है. कुछ लोग अलग प्रयोग के व्दारा hydraulic भाप या फिर न्युमाटिक हतोड़े का भी प्रयोग करते है. हाथो के व्दारा रिवेटिंग करने के लिए कुछ टूल्स की जरुरत पड़ती है. आइये इसके प्रकार के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करते है:

 

हाथो व्दारा रिवेटिंग टूल्स:-

A. बाल पिन हैमर (Ball Peen Hammer)

B. पोकर (pocker)

C. रिवेट सेट (Rivet Set)

D. रिवेट स्नेप टूल (Rivet Snap Tool)

बाल पिन हैमर (Ball Peen Hammer):- इसका उपयोग रिवेटिंग करते समय रिवेट के सिरे पर जोर से हैमरिंग करने के लिए किया जाता है.

पोकर (pocker):- इस टूल का प्रयोग लोहे की चादर या प्लेट को एक ही सुराख़ में लाने के लिए किया जाता है, ताकी दो चादर आपस में अच्छी तरह से रिवेटिंग हो सके.

रिवेट सेट (Rivet Set):- इस टूल का उपयोग रिवेट को अच्छी तरह से ऊपर की और खिंच सके, और उसके चारो और फेले मेटल को ठीक करके उसे सही मात्रा में ठीक कर सके.

रिवेट स्नेप टूल (Rivet Snap Tool):- इस तरह का टूल का प्रयोग हेड की फिनिशिंग करने के लिए उपयोग में लाया जाता है, यह एक छोटे छिनी की तरह या पंच की तरह का बना हुआ होता है.

 

Rivet ज्वाइंट के प्रकार (Rivet Joint):

1. लैप ज्वाइंट (Lap Joint):-

इस ज्वाइंट में जब दो लोहे की चादर एक दुसरे पर चढ़ाकर रिवेट के व्दारा जोड़ा जाता है, तब उसे लैप ज्वाइंट कहते है. जॉइंट करते समय एक ही लाइन में रखकर रिवेट से रिवेटिंग करते है तब उसे डबल रिवेट लैप जॉइंट कहते है.

Rivets ka parichay kaise kare - परिचय कैसे करे

2. बट ज्वाइंट (Butt Joint) :-

इस ज्वाइंट में दो चादर को परस्पर एक दुसरे के उपर के सिरों को एक साथ मिलाकर रखा जाता है, और इनके निचे की और कवर प्लेट लगाकर रिवेट्स के व्दारा रिवेटिंग किया जाता है. इनमें अधिक ताकत और मजबूती देने के लिए दोनों तरफ से प्लेट लगाई जाती है, इसलिए इसे बट ज्वाइंट भी कहते है.

Reveting process Kya Hai

Author By: Prashant

Reveting process Kya Hai

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