Ayurveda ke bare me jankari – आयुर्वेद के बारे में जानकारी

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Ayurved ke bare me jankari - आयुर्वेद के बारे में जानकारी

 

आयुर्वेद के बारे में जानकारी – Ayurveda ke bare me jankari :-

नमस्कार, आज फिर एक बार ApnaSandesh वेबपोर्टल पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है. दोस्तों हर बार हम आपको नई जानकारी से अवगत कराते है. तो दोस्तों आज आपके लिए इस लेख में आयुर्वेद के बारे में जानकारी बताने जा रहे है. क्या आप आयुर्वेद के बारे में जानते है, इसका उपयोग क्या है, (Ayurveda ke bare me jankari), दोस्तों क्या आपको पता है की, आयुर्वेद याने क्या होता है? यह हमारे किस काम का है, इस बारे में हमें तो पता ही होना चाहिए न, क्योंकि यह हमारे शरीर से ही जुड़ा है. यह किस तरह काम करता है? इन सारी बातोँ की जानकारी आज के लेख के माध्यम से हम ज्ञात करते है.

दोस्तों, मुझे आशा है कि यह लेख आपको पसंद आएगा, और हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा,

आयुर्वेद और उसके उपयोग के बारे में जानने से पहले आपको आयुर्वेद का बेसिक महत्व और परिचय से वाक़िफ़ होना ज़रुरी है. इसलिए सबसे पहले हम आयुर्वेद के इतिहास के बारे में जानते है.

 

Ayurveda क्या है?

आयुर्वेद यह भारतीय परंपरा से तैयार हुआ प्राचीन वेद विज्ञान है, तथा प्राचीन वेद काल से ज्ञात हुआ, यह उपचार पद्धती याने आयुर्वेद है. जैसे की हम दिवाली की सुरवात हम धनतेरस के दिन से करते है, उसी दिन को आयुर्वेद का आराध्यदेव माना जाता है. शदियों से आयुर्वेद के ज्ञानभंडार में ज्ञान देने का काम चरकाचार्य, वाग्भट, सुश्रुत इन्हों ने किया है.

निदान और चिकित्सा इस विषय पर औषधि निर्माता वाग्भट और सुश्रुत यह आज भी प्रमानभूट माने जाते है. आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी में और अनेक सस्त्रक्रियाओ में ब्रिटिश राजवट से आयुर्वेद की प्रगति विलुप्त होती गयी थी. क्योंकि अब नए नए तकनीक के विकास के कारण और अतिजैविक और मोर्डन मेडिसिन की तरफ भारतीय लोगो का लक्ष केन्द्रित होते जा रहा है.

दोस्तों, वेद परंपरा और उसका शंशोधन यह संभवतः रुक गया है, इसीलिए मानवी पेशीया घसने तथा बदलते वातावरण के कारण हमें आज नई नई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है.

अब नए आविष्कार और मानवी उपचार के लिए आयुर्वेद को सही माना जा रहा है. ऐसा जगभर में 40 सालो के अनुभव में पता चला है, की इटली, फ्रांस, होलैंड जैसे शहरो में आयुर्वेद के परंपरा का उपयोग करके वहां पर संशोधन करना सरू हुआ है. आज फिर एक बार भारत ही नही बल्कि सारे विश्व में एक अच्छी उपचार पद्धती के नजरिये से लोग हमें देखने लगे है. क्योंकि आयुर्वेद का निर्माण भारतीय संस्कृति में हुआ है.

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शरीर  होने वाली क्रिया:

हर मानवी शारीर में अलग-अलग क्रियाये होती है, और उस शरीर में एक दिमाग भी होता है जो हर एक मुव्हमेंट पर नजर रखता है या यु कहे हमारे शरीर रचना को नियंत्रित करता है. हर एक की प्रकृति कुछ मूलभूत घटकों के मिश्रणों की बनी हुई होती है. उस प्रकृति में निदान खाने का योग्य विचार और इस सारी चीजो के कारण होने वाली बिमारिया, और उसके साथ-साथ ही उपचार पद्धती होती है. वात, कफ, पित्त, यह तिन जगहों में इनका वर्गीकरण किया जाता है, मतलब सरीर में जो क्रिया होती है, वह पेशिसमुह के यंत्रन में होती रहती है. उसमे आनेवाली मुसीबते इनपर कुछ उपाय है.

 

आयुर्वेद और विज्ञान:

आयुर्वेदिक चिकित्सा (“आयुर्वेद” संक्षेप में) दुनिया की सबसे पुरानी समग्र (“पूरे शरीर”) चिकित्सा प्रणालियों में से एक है. यह भारत में 3,000 साल पहले विकसित किया गया था.

यह इस विश्वास पर आधारित है कि स्वास्थ्य और कल्याण मन, शरीर और आत्मा के बीच एक नाजुक संतुलन पर निर्भर करता है. इसका मुख्य लक्ष्य अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है, बल्कि बीमारी से भी लड़ना.

संयुक्त राज्य में, इसे पूरक और वैकल्पिक चिकित्सा (CAM) का एक रूप माना जाता है.

 

आयुर्वेद का प्राचीन महत्व:

Ayurveda को कई विद्वानों द्वारा प्राचीनतम चिकित्सा विज्ञान माना जाता है. संस्कृत में, आयुर्वेद का अर्थ है “जीवन का विज्ञान” आयुर्वेदिक ज्ञान की उत्पत्ति भारत में 5,000 साल से भी पहले हुई थी और इसे अक्सर “मदर ऑफ ऑल हीलिंग” कहा जाता था. यह प्राचीन वैदिक संस्कृति से उपजा है और कई वर्षों से मौखिक परंपरा में निपुण आचार्यों से लेकर उनके शिष्यों तक को पढ़ाया जाता था. इस ज्ञान में से कुछ को कुछ हजार साल पहले मुद्रित करने के लिए सेट किया गया था, लेकिन इसमें से बहुत अधिक दुर्गम थे. पश्चिम में अब परिचित कई प्राकृतिक चिकित्सा प्रणालियों के सिद्धांतों की जड़ें आयुर्वेद में हैं, जिनमें होम्योपैथी और पोलारिटी थेरेपी शामिल हैं.

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आयुर्वेद का वर्तमान महत्व:

आयुर्वेदिक दवाओं का अनुसंधान प्रकृति से लिया जाता है, जैसे कि केरल पंचकर्म उपचार में उपचार के बाद, लोग अपनी मर्जी से इलाज के लिए भारत आ रहे हैं. और इतना ही नहीं, आज फाइव स्टार होटल को इस उपचार प्रणाली के लिए जगह दी जा रही है, दोस्तों, पिछले 60 वर्षों का अभ्यास पुणे विद्यापीठ में पढ़ाया जा रहा है.

दोस्तों, अब यह सुविधा बड़े स्कूलों में उपलब्ध हो गई है. आज हमें उस दिशा में संशोधन करने की आवश्यकता है. मित्रों, स्वस्थ जीवन की कुंजी खोजने के लिए, प्राकृतिक वनस्पति को पैमाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है.

आज के लिए आयुर्वेद यह एक हमारे जीवन का राजरास्ता बन गया है. इसीलिए इसका विकास करना आज की जरूरत बन गई है. आज अगर यह वेद ना होता तो हमें मेडिसिन का भी ज्ञान ना होता.

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आयुर्वेद और आपकी जीवन ऊर्जा:

CAM थेरेपी के छात्रों का मानना ​​है कि ब्रह्मांड में सब कुछ – मृत या जीवित – दोनों से जुड़ा हुआ है. यदि आपका मन, शरीर और आत्मा ब्रह्मांड के साथ तालमेल रखते हैं, तो आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है. जब कोई चीज इस संतुलन को बाधित करती है, तो आप बीमार पड़ जाते हैं. जो चीजें इस संतुलन को परेशान कर सकती हैं उनमें आनुवंशिक या जन्म दोष, चोटें, जलवायु और मौसमी बदलाव, उम्र और आपकी भावनाएं होती हैं.

 

Author by: RITIK

 

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