Aadhunik Sinchai ki Takanik – आधुनीक सिंचाई की तकनीक

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Aadhunik Sinchai ki Takanik - आधुनीक सिंचाई की तकनीक

 

Aadhunik Sinchai ki Takanik – आधुनीक सिंचाई की तकनीक:

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम खुशाल है और अपना संदेश डॉट कॉम पर यह मेरा पहला आर्टिकल है. मै सभी Agree संबंधी लेख लिखना पसंद करता हु, दोस्तो आज के इस लेख में हमारी टीम द्वारा Agree Technology से संबंधित आधुनीक सिंचाई तकनीके (MORDERN IRRIGATION SYSTEM) के बारे मे जानकारी दी जा रही है. सिंचाई कैसे करे? सिंचाई के बारे में जानकारी. सिंचाई करने के साधन, सिंचाई की विधिया तथा परंपरागत सिंचाई करने की प्रक्रिया, जाने उम्मीद है की आपको यह जानकारी पसंद आएगी, तो चलिए जानते है. नए आधुनिक सिंचाई की तकनीक.

 

आधुनीक सिंचाई की तकनीक (MODERN IRRIGATION SYSTEM):

आमतोर पर किसी फसल अथवा खेत में पानी दिये जाने के तरीके को सिंचाई की विधि कहा जाता है. सिंचाई की वैज्ञानिक विधि का मतलब ऐसी सिंचाई व्यवस्था से होता है जिसमे सिंचाई जल के साथ उत्पादन के अन्य आवश्यक लागतों के प्रभावकारी उपयोग एंव फस्लोत्पादन में बदोतरी हो सके, सींचाई की सबसे उत्तम विधि वह होती है, जीसमें जल का एक समान वितरण होने के साथ ही साथ पानी का कम नुकसान होता है. और अधिक से अधिक भुमि सींचा जा सकता है. (Aadhunik Sinchai ki Takanik – आधुनीक सिंचाई की तकनीक)

Aadhunik Sinchai ki Takanik - आधुनीक सिंचाई की तकनीक

 

ड्रिप सिंचाई (बूंद-बूंद सिंचाई पद्धत) (DRIP IRRIGATION METHOD):-

वर्तमान विधि द्वारा उपलब्ध सिंचाई योग्य पानी से सम्पूर्ण कृषि योग्य भूमि का केवल 50 प्रतिशत क्षेत्रफल हि सिंचाई किया जा सकता है. ड्रिप सिंचाई करने पर 30 – 50 प्रतिशत तक पानी की बचत के साथ-साथ उपज मे भी वृध्दि लाई जा सकती है.

Aadhunik Sinchai ki Takanik - आधुनीक सिंचाई की तकनीक

इस विधि के अंतर्गत स्त्रोत से नियंत्रित जल प्रवाह पाइप द्वारा प्रवाहित किया जाता है. इस पाइप में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं. जिनके द्वारा बूंद-बूंद कर पानी पौधे की जड के पास टपकता रहता है. इस विधि का प्रयोग शागसब्जियों,फूलों, फलदार पेड़ों की सिंचाई के लिए अधिक उपयोगी होता है।महाराष्ट्र में गन्ने की फसलों में भी सफलतापूर्वक यह विधि अपनाई जाती है.

Aadhunik Sinchai ki Takanik - आधुनीक सिंचाई की तकनीक

इस विधि से नियंत्रित मात्रा में पानी, उर्वरक एवं कीटनाशी रसायन प्रभावी ढंग से प्रयोग किए जा सकते हैं. इस विधि से सिंचाई करने पर खरपतवार एवं रोगों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इसमें जहां एक व और श्रमिकों पर व्यय में भारी बचत होती है, वही पर कम जल में अधिक सिंचाई की जा शकती है.

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ड्रिप इरिगेशन के फायदे:-

1. आवश्यकतानुसार फसल के जड़ क्षेत्र में पानी उपलब्ध कराया जा सकता है.

2. हर जगह समान मात्रा में पानी दिया जा सकता है.

3. मिट्टी की बनावट को बनाए रखा जाता है.

4. खरपतवार की वृद्धि बहुत कम है.

5. रासायनिक उर्वरकों को पानी के माध्यम से प्रदान किया जा सकता है. उर्वरक कि मात्रा मे 20 – 30 प्रतिसत बचत होती है.

6. उर्वरकों को जड़ के पास उर्वरक प्रदान करके कम किया जा सकता है.

7. मिट्टी के तापमान को अनुकूल बनाए रखने में मदद करता है.

8. इस क्रेडिट का उपयोग ग्रीनहाउस में किया जा सकता है.

9. फसल के नुसार 30 – 70 प्रतिसत पानी की बचत होती है.

10. फसलो के उत्पादन मे 15 से 20 प्रतिसत कि वृध्दि होती है.

11. रात भर मिट्टी की सिंचाई की जा सकती है.

 

ड्रिप सिंचाई की सीमाएं:-

A. एक सेट के निर्माण की प्रारंभिक लागत अधिक है.

B. मिट्टी के कणों या क्षारीय कणों का एक सेट टूटने से डरते हैं.

C. कूलिंग सेट अप और ऑपरेशन के लिए उच्च तकनीक की आवश्यकता होती है.

D. फसल के आसपास के क्षेत्र के अलावा, क्षेत्र की सूखी मिट्टी, धूल के रूप में उड़ सकती है.

E. क्षारीयता सतह पर बढ़ जाती है, फसल की जड़ के साथ भिगोती है.

F. जैसे-जैसे पेड़ की जड़ें गहरी नहीं जातीं, जड़ों से सहारा कमजोर होता जाता है.

G. ड्रिप सेट चूहों और चूहों के माध्यम से कुतरने के लिए प्रवण हैं.

मित्रोंहो इस भाग में आधुनिक सिंचाई तकनीकी के भाग एक में ड्रिप इरिगेशन के बारे में जानकारी दी गई है. अगला भाग हम जल्द ही लेकर आएंगे भाग 2 में स्प्रिंकलर पद्धत याने फवारा पद्धत के बारे में जानकारी दी जाएंगी,

 

Author By:- KHUSHAL

 

Inspection supervision:

Overview:- Aadhunik Sinchai ki Takanik – आधुनीक सिंचाई की तकनीक (Sinchai ke bare me jankari).

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Benefits of irrigation: सिंचाई से पानी की बचत होती है, तापमान को अनुकूल बनाये रखता है.

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हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा है क्योंकि आपने जाना है की Aadhunik Sinchai ki Takanik – New irrigation Technology ki jankari और यदि आपको इस लेख से कुछ मदद मिलती है, तो इसे अपने मित्रों तथा ज़रूरतमंद व्यक्ति को साझा करें ताकि हम भी इन लेखों को लिखना जारी रख सकें,

धन्यवाद….

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