Akshay Tritiya ke bare me jankari – अक्षय तृतीय की जानकारी

अक्षय तृतीय की बारे में जानकारी. Akshay Tritiya ke bare me jankari, अक्षय तृतीया क्यू मनाते है, Akshay Tritiya kyu manate hai, अक्षय तृतीय का त्यौहार कब मनाया जाता है, अक्षय तृतीय का मोहत्सव की पूरी जानकारी.

Akshay Tritiya ke bare me jankari - अक्षय तृतीय की जानकारी

 

Akshay Tritiya ke bare me jankari – अक्षय तृतीय की जानकारी in Hindi:

नमस्कार दोस्तों apnasandesh.com में आप सभी का फिर एक बार स्वागत है, दोस्तों आज का लेख हिन्दू धर्म की आस्था और भावना पर टिका है, जी हा दोस्तों हम बात कर रहे है अक्षय तृतीय की जिसे हम आखा तीज और अक्षय तीज के नाम से भी जानते है, अक्षय तृतीया यह वैशाख के महीने में शुक्ल पक्ष की तिथि को कहते है, अक्षय तृतीया के दिन जो कोई पुरुष या स्त्री शुभ कार्य करते है, उस कार्य का शुभ फल अवश्य उन्हें मिलता है, इसी कारण से इसे अक्षय तृतीया कहते है. पौराणिक ग्रंथो के अनुसार हिन्दू धर्म और जैन धर्म में इस दिन का बड़ा ही महत्व है.

दोस्तों, आइये जानते है अक्षय तृतीय क्यों मनाते है? अक्षय तृतीय का त्यौहार कब मनाया जाता है, और अक्षय तृतीय का महत्व इन सारी बातों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप सही आर्टिकल पढ़ रहे है, जिससे आपको आपके हर सवाल का जवाब मिल जायेंगा. और पता चल जायेंगा की, हम क्यूँ अक्षय तृतीय मनाते है, क्यूँ जैन धर्म के सारे लोग अक्षय तृतीय मनाते है, चलिए दोस्तों सबसे पहले हम जानते है, इसके महत्व के बारे में.

Read More – Gudi Padwa ki Jankari 

 

Akshay Tritiya ka mahatva – अक्षय तृतीया का महत्व :-

अक्षय तृतीया के दिन दान करने का बहुत अधिक महत्व होता है. इस दिन गरीबो की सहायता करना और कुछ दान पुण्य करना इस दिन बहुत शुभ मन जाता है, सभी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से कई गुना ज्यादा इसका फल मिलता है, इस दिन सभी लोगो को अपने अपने क्षमता के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए. दान करने से भगवान की नजर आप पर सदैव अच्छी बनी रहती है. और ईश्वर की कृपा दृष्टि आप पर बनी रहती है. यह दिन इतना शुभ माना जाता है की, इस दिन कोई भी कार्य बिना किसी पंचांग को देखे किया जाता है, इस दिन शादी ब्याह, धार्मिक कार्यक्रम, कुछ सोने चांदी के आभूषण की खरेदी और भी बहुत से कार्य किये जा सकते है.

 

पूर्वजो से माफ़ी मांगना:-

अक्षय तृतीया के दिन को बहुत ही श्रेष्ट माना जाता है, पौराणिक मान्यताओ के अनुसार माने तो आज के दिन मनुष्य अपने स्वगीय पधारे परिजनों से जाने अनजाने में किये गए अपराधो की सच्चे मन से भगवान से माफ़ी मांग कर पार्थना करे तो भगवान उनकी गुनाहों को माफ़ करते है, और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते है. आज के दिन ब्राह्मण को खाना खिलाना, पूर्वजों का पिंडदान करना, नए आभूषण नए वस्त्र धारण करना यह सब पौराणिक मान्यताओ के अनुसार इसका पालन अवश्य करना चाहिए.

 

Akshay Tritiya ki jankari – अक्षय तृतीया की पूजा कैसे करे :-

अक्षय तृतीया की पूजा पाठ करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान अवश्य रखे जैसे की, इस दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए, भगवान् विष्णु का सशस्त्र नाम पाठ करना चाहिए, इसके बाद भगवान् को चने की दाल, सत्तू अर्पित करनी चाहिए, इस दिन ब्राह्मणों को दक्षिणा अवश्य देनी चाहिए, इस दिन खाने में सत्तू खाना चाहिए, और दान करते समय गेहू का सत्तू और चना दाल को दान स्वरुप प्रदान करना चाहिए, इस बार अक्षय तृतीया २६ अप्रेल को मनाई जाएँगी इस दिन भगवान विष्णु और माँ लक्षी की पूजा करने से मन चाहा फल स्वरुप प्राप्त होता है. (Akshay Tritiya ki jankari – Akshay Tritiya ka mahatva)

महाभारत में बताया गया है की इसी दिन ऋषि दुर्वासा ने महारानी द्रौपदी को अक्षय तृतीया का पात्र दिया था, जब पांडवो को 12 साल का वनवास और 1 साल का अज्ञानवास दिया गया था, और जब यह वनवास में अपने कुटिया में ठहरे थे तब ऋषि दुर्वासा वहां आकर द्रौपदी को अक्षय तृतीय का पात्र बड़ी प्रसन्नता पूर्वक दिया था,

 

अक्षय तृतीया शुभ दिन:-

दोस्तों आप को मालूम होंगा की सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत इसी अक्षय तृतीया के दिन से हुई थी, इसी दिन भगवन विष्णु ने नारायण और परशुरामजी का अवतार लिया था, कोकण में परशुराम जयंती बड़ी ही धूम धाम से मनाई जाती है, और इस दिन परशुरामजी की कहानिया भी सुनाई जाती है, इसी दिन भगवान् श्री. बद्रीनाथ जी की प्रतिमा लगायी गयी थी और उनकी पूजा की जाती है, और इसी दिन माँ लक्ष्मी और नारायण के दर्शन लिए जाते है, और तो और श्री. बद्रीनाथ जीके कपाट भी इसी दिन खुल जाते है.

पुरानो के अनुसार माने तो इसी दिन महाभारत का महा युद्ध समाप्त भी हुआ था, कहते है की इस दिन किया हुआ कार्य और किया हुआ दान कभी भी बेकार नहीं जाता इसका फलस्वरूप फल अवश्व मिलता है, इस दिन कुवारी लडकिया, शादीशुदा स्त्री इस दिन गौरी पूजा करके मिठाई फल और चने बाटती है, और इसके साथ साथ मिटटी के बर्तनों में पानी, फल, फुल, और अन्न धान्य बाटती है.

 

अक्षय तृतीय मोहत्सव की जानकारी:

जैन धर्म में भी इस अक्षय तृतीया का बहुत महत्व है, इसी दिन जैन धर्म के पहले तीर्थकर श्री. ऋषभदेवजी ने पुरे एक वर्ष कठोर तपस्या की थी, इसी दिन जैन धर्म के तीर्थकर श्री. आदिनाथ भगवान् ने सत्य और अहिंसा का प्रचार करने और अपने कर्मो को बन्धन से मुक्त करके, पारिवारिक सुखो का त्याग करके जैन धर्म स्वीकार किया था, भगवन श्री. आदिनाथ जी ने 13 महीने के तपस्या के बाद वहां से चले गए थे, आज भी जैन धर्म इस दिन को धन्य समझते है, यह तपस्या कृष्ण पक्ष के अष्टमी से लेकर दुसरे साल की वैशाख के महीने में शुक्लपक्ष के अक्षय तृतीया को समाप्त की जाती है, इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है की, हर महीने के 14 वे दिन उपवास अवश्य रखना पड़ता है.

 

Author by: Prashant

 

Inspection supervision:

Overview:- Akshay Tritiya ke bare me jankari – अक्षय तृतीय की जानकारी (Akshay Tritiya ka mahatva kya hai).

Name:- अक्षय तृतीय का त्यौहार, Akshay Tritiya ka mahatva aur Parichay.

Search Keyword:-
1. Akshay Tritiya ke bare me jankari in Hindi,
2. Akshay Tritiya tyohar kab hai,
3. Akshay Tritiya tyohar kyu manate hai.

 

यह आर्टीकल जरूर पढ़े…

1. दीवाली का आध्यात्मिक रहस्य क्या है

2. राम नवमी के बारे में जानकारी

3. गुड़ी पड़वा के बारे में जानकारी

4. नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य क्या है

 

हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा है क्योंकि आपने जाना है की Akshay Tritiya ke bare me jankari – Akshay Tritiya ka mahatva और यदि आपको इस लेख से कुछ मदद मिलती है, तो इसे अपने मित्रों तथा ज़रूरतमंद व्यक्ति को साझा करें ताकि हम भी इन लेखों को लिखना जारी रख सकें,

धन्यवाद…

Post Comments

error: Content is protected !!