Computer ka aavishkar kaise huaa – संगणक का आविष्कार कैसे हुआ

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Computer ka aavishkar kaise huaa - संगणक का आविष्कार कैसे हुआ

 

Computer ka aavishkar kaise huaa – संगणक का आविष्कार कैसे हुआ:

Sangnak ke bare me jankari: नमस्कार, दोस्तों आप सभी का एक बार फिर Apana Sandesh वेब पोर्टल में स्वागत है. दोस्तों आज हम आपको संगणक के बारे बताने वाले है की संगणक का अविष्कार कैसे और किस तरह हुआ, तो आइये जानते है

दोस्तों, आपने बहुत से लेख पढ़े होंगे जिसमें कंप्यूटर के बारे में बहुत कुछ बताया है, लेकिन आज के लेख में हम प्राचीन वर्ष में उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर और उनके आविष्कार के बारे में जानेंगे, कंप्यूटर का मूल महत्व, कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर का आकार और किसने कंप्यूटर की विशेषताओं से परिचित किया, इसीलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान कंप्यूटर तकनीक का उपयोग हर समय और स्थानों पर किया जा रहा है. क्या यह तकनीक कैसे विकसित हुई, यह सब जानकारी किसने दी, यह सब जानकारी आप इस लेख के माध्यम से जान पाएंगे,

तो आइये, इस लेख में प्राचीन युग में संगणक का उपयोग कैसे होता था, और अब किस तरह से होता इसके बारे में जानकारी जाने.

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संगणक का इतिहास और प्रारंभ:

दोस्तों, संगणक निर्माण करने की प्रेरणा कुछ अलग ही थी. गणित और कठिन प्रश्न छुड़ाने के लिए लगने वाला समय कैसे बचेगा इस सोच में एक मशिन कैसे तैयार की जाये, इसका प्रयास करते समय ही संगणक की निर्मिती हुई. सन 1950 में संगणक का आकार और उसकी कीमत भी बहुत अधिक थी. तब तक मनुष्य के विचारो की दिशा कायम ही थी.

इलेक्ट्रोनिक प्रगति के अनुसार मायक्रोप्रोसेसर तंत्रज्ञान की प्रगति होती गई, वैसे ही संगणक का आकार कम होता गया. काम करने की गति बढ़ने लगी. इसी समय पता चला की संगणक याने सिर्फ कैलकुलेटर ही नही बल्कि इससे विविध प्रकार की जानकारी भी भरी जा सकती है.

कुछ ऐसी कल्पना लोगो के मन में आने लगी, संगणक केवल शास्त्रीय और संसोधन काम के लिए उपयोग किया जा सकता है, ऐसी मनुष्य की कल्पना थी. यही से इलेक्ट्रॉनिक टाइपराइटर उपयोग करने से अच्छा संगणक पर टाइप करना अनुकूल लगने लगा, लेकिन जब हमे एक लाइन से ज्यादा परिच्छेद का पान हम फाइल में सेव करके रख सकते है ऐसा पता चला तो संगणक के तरफ देखने का नजरिया ही बदल गया. और विविध प्रकार के कलरफुल चित्र छपाई करने की विधि हम घर बैठे-बैठे कर सकते थे.

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संगणक ऑपरेटिंग सिस्टम की जानकारी:

सन 1970 में जिस हार्ड डिस्क का स्टोरेज सिर्फ 500 पेज ही था, वही आज की हार्ड डिस्क का स्टोरेज 2 लाख से ज्यादा पेजेस आ जाएगा इतना उसका स्टोरेज है. इतना ही नहीं बल्कि गतिशील ऑपरेटिंग सिस्टम के द्वारा नेट पर जानकारी देखने के लिए पहले जैसे राह देखने नही पड़ती थी,

संगणक को सीएफ बायनरी भाषा ही समझती है, हम जो भाषा प्रोग्रामिंग मतलब कम्पायलर द्वारा ट्रांसलेट करना जरुरी होता है, वह सारे बायनरी कोड को सुरक्षित रखने वाला प्रोग्राम याने ऑपरेटिंग सिस्टम होता है.

इस नाम की सुरुवात DAS (डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम) इस नामसे होती है. इसकी गलती इतनी की, एक मनुष्य एकही संगणक पर एक ही काम कर सकता है, इसी से ही एक विलक्षण प्रगति हुई, और वो थी माउस की, प्रोग्राम चालु और बंद करने के लिए माउस क्लीक का खरे अर्थ से उपयोग होने लगा और संगणक सामान्य मनुष्य को भी समजने लगा.

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संगणक सोशियल नेट्वर्किंग का आविष्कार:

1980 में मनुष्य संगणक की बेसिक जानकारी पढ़े बिना उपयोग कर नही पाता था, अब मनुष्य इतना आगे चला गया की social networking के साथ उसने एक अनोखा रिश्ता ही जोड़ लिया हो, अब तो वो खाली समय में इंटरनेट का उपयोग करने लगा है.

इसी को तो सोशियल नेट्वर्किंग कहते है, दोस्तों अपने पास अब फेसबुक, ट्विटर इन जैसे अनेक सोशियल नेट्वर्किंग वेबसाइट बहुत लोकप्रिय हो गया है,

इस वेबसाईट पर हम मराठी भाषिक एक साथ मिलकर देवनागरी लिपि में बाते कर सकते है. इस नए माध्यम से खबरों को गति मिल रही है. एसा क्यों हो रहा है? पहले खबर जानने के लिए 24 घंटे रुकना पड़ता था, लेकिन अब तो इलेक्ट्रोनिक माध्यम से खबरों की गति बढती गयी है, और कम से कम समय में हमें खबरे पता चलने लगी है. अब कही कुछ भी हुआ तो मोबाइल फ़ोन के कैमरे के जरिये फोटो लेकर इन्टरनेट के द्वारे उसी समय सोशिअल नेटवर्किंग के माध्यम से हम प्रसारित कर सकते है. ऐसे करते-करते नयी जानकारी को गति मिलती गई.

 

सोशिअल नेट्वर्किंग वेबसाईट:

लेकिन सोशिअल नेट्वर्किंग इस वेबसाईट के द्वारा बहुत धोके भी होते है. लेकिन उसे अच्छी तरह से इस्तेमाल करे तो उसका उपयोग बहुत अच्छा है. समविचारी दोस्त जोडकर हम अपने विचारो का आदानप्रदान कर सकते है.

अपने मन में विचार आते है उनको भुलाकर हम अच्छे विचार करने की आदत डाल सकते है. मतलब हमारे विचारों को अच्छी राह मिलेगी. दोस्तों, जैसे की हम ने तो आपको बताया है की संगणक का आविष्कार कैसे हुआ,

दोस्तों अब थोड़ सवाल जवाब करते है, मुझे यह बताओ की अगर यह संगणक न होता तो क्या होता? हमें इन्टरनेट के द्वारे जो जानकारी मिलती है वह नही मिल पाती और तो और हमें संगणक के बारे में ज्ञात नहीं होता की यह चीज क्या होती है? और अज हमारा देश इस के कारण ही तो इतना विकसित हुआ है. इसीलिए दोस्तों, संगणक यह हमारे लिए वरदान है.

 

Author by: Aparna

 

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