heart ke bare me jankari – (Dil ka mahatva) दिल के बारे में जानकारी

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heart ke bare me jankari - दिल के बारे में जानकारी

 

heart ke bare me jankari – दिल के बारे में जानकारी:

नमस्कार दोस्तों, एक बार फिर से आपका आपके सबसे चाहिते अपनासंदेश वेब पोर्टल पर हार्दिक स्वागत है . जैसे की आप सब जानते है की हम हर बार आपको नई-नई और महत्त्वपूर्ण जानकारियो से अवगत करते रहते है. तो दोस्तों आज भी हम आपके लिए ऐसी ही एक नई जानकारी से आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बताने जा रहे है, और वह जानकारी आपके शरीर के सबसे महत्त्वपूर्ण अंग और circuleratry संस्था का मुख्य अंग HEART यानि दिल के बारे में है. तो दोस्तों आइये जानते है.

दोस्तों इस लेख में हमारे शरीर में ह्रदय (दिल) का क्या महत्त्व है? हमारे शरीर में ह्रदय (दिल) कहा होता है? दिल कम कैसे करता है? ह्रदय (दिल) में किन-किन अंगो का समावेश होता है? हृदय का आन्तरिक स्वरूप कैसा होता है? ऐसे बहुत सारे सवालो के जवाब आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से देने जा रहे है. उम्मीद है आप इस लेख को पसंद करेंगे.

 

दिल (हृदय) heart क्या है:

दिल यह अपने शरीर के सबसे महत्त्वपूर्ण अंगो में से एक है. जब तक दिल अपना काम ठीक से करता रहेगा तब तक मनुष्य जीवित रह सकता है. दिल हमारे शरीर के सभी अंगो तक उर्जा पहुचता है. हमारा दिल यह एक खली मस्कुलर कोनिकल अवयव है. दिल का स्थान यह हमारे शरीर के दोनों फेफड़ो के बिच में होता है. दिल के स्थान को mediastinum भी कहते है. यह थोडा लेफ्ट बाजू की तरफ में होता है. हमारा ह्रदय (दिल) यह cardicac muscle से बना होता है और pericardium से ढका रहता है. pericardium यह दो परतो का होता है.

1. parietal,

2. visceral.

इन दोनों परतो के बिच में लिक्विड होता है. उस लिक्विड को pericardial fluid कहते है. यह बाहर से आये हुए किसी भी प्रकार के बल या धक्के से दिल को संरक्षित करता है.

 

हृदय का आंतरिक स्वरूप:

मनुष्य का दिल यह चार हिस्सों में विभाजित होता है.

A) atria:

दो अट्रिया इन्टर अट्रिया सेप्टम से अलग हो जाती है. यह उपर का छोटा कक्ष होता है. दाये अट्रिया में तिन opning होती है.

1) superior vena cava: यह रक्त कोशिकाए शरीर के उपरी भागो से dioxygenatade रक्त लाती है.

२) inferior vena cava: यह रक्त कोशिकाए शरीर के निचले भागो से रक्त लाती है.

3) coronary sinus: यह रक्त वाहिनी हृदय के आजूबाजू रहने वाली वाहिनी से dioxygenatade रक्त लाती है.

यह पूरा रक्त दाये अट्रिया में आता है. वहां से दाये vhentrical में आता है.

बाए अट्रिया में चार ओपनिंग होती है. वह फेफड़े तक जाने वाली रक्त कोशिका होता है. वहा से oxygenatade खून को बाये vhentrical में लता है. दाये अट्रिया से दाये vhentrical में जाने वाल्व द्वार tricuspid वाल्व होती है. तो बाये अट्रियम से बाये vhentrical में जाने वाल्व द्वार bicuspid वाल्व होता है.

B) ventricle:

दो ventrical इंटर ventrical septm से अलग होते है. बाये ventrical यह avota से रक्त पुरे शरीर में प्राणवायु वाला रक्त पहुचता है. बाए ventrical से तो avota में से जाने वाले द्वार ३ सेमिनुलर वाल्व से संरक्षित है.

 

हृदय अपना कार्य कैसे करता है:

हमारे दिल के दाये कक्ष के उपरी भाग यानि right atrium में एक महत्त्वपूर्ण नोड होता है. जिसे अंग्रजी में सिनोअत्रिअल नोड कहते है. और pace maker भी कहा जाता है. उस नोड से impluse उत्पन्न होती है. वह impluse दाये और बाये एट्रिया के दिवार पर जाकर टकराती है. जिससे दया एट्रिया सिकुल जाता है. इसी को हम Atrial systol कहते है. इस दौरान दाये एट्रिया में खराब खून दाये ventrical में आता है. और बाये एट्रिया से शुद्ध खून बाये ventrical में आता है.

वही ही थोड़ी पास में और एक नोड रहता है, जिसे हम एट्रियल वेंट्रिकुलर नोड कहते है. sinotrial नोड से निकली एक impluse नोड पर गिरती है. उससे वह नोड सक्रिय हो जाती है. यह नोड दो मुख्य कार्य करती है.

1. right ventricle bundle of his

2. left ventricle bundle of his

जब bundle of his ventricle के दीवाल में जाती है तब वो अपनी branches फैलाती है. उन्ही ब्रांच को perkinje fiber कहते है.

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हार्ट कैसे काम करता है:

C) इन perkinje fiber से SA नोड से आयी impluse ventricle को सिकुलती है. उसे वेंट्रिकुलर systole कहते है. इस दौरान दाये ventricle से pulmonary आर्टरी के द्वारा खराब खून फेफड़ो में जाता है. उसी वक्त बाये ventricle से avota के द्वारा शुद्ध खून शरीर के विभिन्न अवयवो तक पहुचाया जाता है.

D) दिल में खराब खून superior venacava, inferior venacava, coranary cynus से दाये एट्रिया में आता है. और फेफड़ो से शुद्ध खून pulmonary veins से बाये वेंत्रिक्ला में आता है. इस पूरी प्रकिया को joint diastol कहते है.

हृदय के एक बार सिकुड़ने और एक बार रिलैक्स होने को 1 heart beat कहते है.

एक मिनट में हमारा दिल ७२ बार धडकता है और एक बार दिल धडकने को 0.83 सेकंड लगते है.

A.S = 0.13 SEC

V.S = 0.3 SEC

J.D = 0.4 SEC

 

महत्वपूर्ण जानकारिया:

1. दिल की आवाज लब-दब आती है, और रोगी इंसान के दिल की आवाज मुर-मुर आती है.

2. जन्म लिए हुए शिशु का दिल 1 मिनट में 170 बार धडकता है.

3. जवान इन्सान का दिल 1 मिनट में 72 बार धडकता है.

4. बूढ़े इन्सान का दिल 1 मिनट में 60 बार धडकता है.

 

Author by: DIPAK

Inspection supervision:

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Benefits of heart: Lower blood pressure. Improve blood flow. Improve workout efficiency. Lower cholesterol.

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