Mountaineering ke bare me jankari – पर्वतारोहण के बारे में जानकारी

पर्वतारोहण के बारे में जानकारी, Mountaineering ke bare me jankari, माउंटेनियरिंग की ट्रेनिंग कैसे करे. (6 parvatarohi ke naam in hindi), माउंटेनियरिंग के लिए जरुरी टिप्स, (parvatarohan se sambandhit jankari), parvatarohi essay in hindi.

Mountaineering ke bare me jankari - पर्वतारोहण के बारे में जानकारी

 

Mountaineering ke bare me jankari – पर्वतारोहण के बारे में जानकारी:

parvatarohan se sambandhit jankari: नमस्कार, आज फिर एक बार ApnaSandesh वेबपोर्टल पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है. दोस्तों हर बार हम आपको नई जानकारी से अवगत कराते है. तो दोस्तों आज आपके लिए इस लेख में माउंटेनियरिंग के बारे में जानकारी बताने जा रहे है. क्या आप पर्वतारोहण के बारे में जानते है, (parvatarohi ke naam janate hai), दोस्तों क्या आपको पता है की, Mountaineering याने क्या होता है? और पहाड़ पर चढ़ने के ट्रेनिंग की ट्रेनिंग कैसे होती है? इन सारी बातोँ की जानकारी आज के लेख के माध्यम से हम ज्ञात करते है.

दोस्तों, मुझे आशा है कि यह लेख आपको पसंद आएगा, और हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि यह लेख आपको कैसा लगा. तो दोस्तों आइये जानते है.

पर्वतारोहण और उस के बारे में जानने से पहले आपको माउंटेनियरिंग के लिए जरुरी टिप्स, तथा बेसिक महत्व और परिचय से वाक़िफ़ होना ज़रुरी है. इसलिए सबसे पहले हम माउंटेनियरिंग क्या है इसके बारे में जानते है.

 

Mountaineering ke bare me jankari:

दोस्तों, ऊँचाई का एक आकर्षण और यह हर किसी के मन छिपा हुआ होता है. बड़ी उंचाई से अपने आसपास के प्रदेश देखना कितना अलग ही लगता है न, उसकी हम कल्पना भी नही कर सकते है. वैसे ही एखादी ऊँची पहाडीयों की चोटी पर हम बहुत मेहनत करके जाने के बाद वहां की ठंडी हवा का झोका और पूरी जमीन हमारे पाँव के निचे, और उसका आनंद एक अलग ही मजा है. दोस्तों, इस अनुभव की इच्छा रहने वाले लोग गिर्यारोहन के ध्यास से गिरिप्रेमी हो जाते है.

 

माउंटेनियरिंग क्या है:

पहाड़ी पर चढ़ना और गिर्यारोहन इन दोनों में फरक रखना चाहिए. एखादा पर्वत चढ़ना यानि की मौन्टैनीरिंग नही होता है, दोस्तों इसे सिर्फ हम एक ट्रेनिंग का भाग कह सकते है. विविध साधनों की मदद लेना, जहा पर सामान्य आदमी नही जा सकता ऐसा शिखर चढ़ना इसे हम “mountaineering” कह सकते है. लेकिन ऊँची हिमशिखारे चढ़ना यह इसका दूसरा प्रकार है. इसके लिए हमें कूछ मुख्य कौशल्य लगती है. जैसे की हात, और पीठ के स्नायु एकदम मजबूत होना चाहिए, पाँव लेकिन शरीर के उपर के हिस्से के स्नायु को व्यायाम करने की जरुरत रहती है.

 

पर्वतारोहण:

ऊंचाई से डर लगने वालो को इस प्रकार से दूर ही रहना चाहिए. ऊंचाई से निचे देखने पर चक्कर आना, या फिर पाँव की ताकद जाना, ऐसे लोगो ने इस विषय से दूर ही रहना चाहिए. अपना वेट संभालते हुए उपर चढ़ने वाले प्रस्तरारोहक साथ वाले व्यती को जखड के बांधते है. एखाद का पाँव फिसल भी गया तो निचे पकड़ने का खतरा टल जाता है. दोस्तों, हमारे महाराष्ट्र में विविध खेलो में ऐसे आव्हान दिए जाते है. लोनावला के नागफनी की ऊंचाई 700 फूट है, कलसुबाई शिखर और नाशिक के पास यह तो आव्हानात्मक है. ऊंचाई से अपने पाँव से इचबिच में चलते हुए जमीन के तरफ देखकर उतरना यह एक प्रकार गिर्यारोहन बहुत ही लोकप्रिय है, उसे दूसरी भाषा में ”रापलिंग’’ भी कहते है.

दोस्तों, गिर्यारोहन के दूसरा प्रकार याने ऊँचे ऊँचे हिम शिखरों पर चढ़ाई करना. वह शिखर 18 हजार फूट के बर्फ से ढके हुए शिखरे होती है. लेकिन उसके बाद हवा का दाब कम होते जाता है. प्राणवायु कम पड़ने लगता है. और मुश्किलों से सामना करना पड़ता है. उसकी हमें आदत डालनी होती है, फिर उसमे बिना मौसम आने वाली बारिश भी आ जाती है, और शरीर पर पहने हुए 4-5 मोटे कपड़ो के वजन से भारी हुआ गिर्यारोहक और फिसलने वाला रास्ता, घुटने से ज्यादा गहरा पाँव फसने वाला बर्फ इनमे से उन्हें चढ़ाई करनी पड़ती है. कृतिम प्राणवायु का उपयोग वह अत्यावश्यक हो जाता है. उसका वजन पीठ पर बढ़ जाता है. बर्फ से परावर्तित होने वाली सूर्यकिरण का आँख पर परिणाम नही होना चाहिए इसलिए आंख पर गोगल लगाया जाता है.

Read More – Communication ke bare me Jankari

 

पर्वतारोहण के लिए हिम्मत और साहस:

कितनी विपरीत परिस्थिति मन शांत करके फैसले लेना और उसे हिम्मत से लढना यहाँ पर बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, और साथ ही साथ दिन, कितने घंटे अकेला रहना, एक भी मनुष्य न रहते हुए दिन गुजरना इसकी जरुरत हर बार निर्माण होती है. दोस्तों, कई बार आप सुनते आ रहे होंगे की, हम आपको भी एवेरेस्ट पर ले जाने का प्रयत्न करेंगे. सिर्फ 1 लाख डॉलर फी दो ऐसे आव्हान भी हमें सुनाने में मिलते है, दोस्तों, कंचनजंघा, त्रिशूलं, एव्हेरेस्ट इन सारे शिखरों पर शेकडो लोग यशस्वी हुए है. अति ऊंचाई के शिखरों पर बिना प्राणवायु के पहुचने का पराक्रम एक इटालियन गिर्यारोहक ने सिद्ध कर दिया है. मात्र आज तक की एव्हेरेस्ट की चढ़ाई की आकडेवारी देखे तो कुछ अगल ही दृश्य सामने आते है.

 

Indian 6 parvatarohi ke Naam:

1. Bachendri pal
2. Arunima Sinha
3. Premlata Agrawal
4. Malavath Purna
5. Mohan Singh Kohli
6. Narendra Dhar Jayal

 

Author by- APARNA

 

Inspection supervision:

Overview:- Mountaineering ke bare me jankari – पर्वतारोहण के बारे में जानकारी, (माउंटेनियरिंग की ट्रेनिंग कैसे करे)

Name- parvatarohan ki training Kaise kare

Search Keyword:-
1. माउंटेनियरिंग के लिए जरुरी टिप्स,
2. parvatarohi ke naam janate hai in Hindi,
3. parvatarohi essay in hindi,

 

यह आर्टीकल जरूर पढ़े…

1. Hima Das के बारे में रोचक बाते

2. Dhvani Bhanushali के बारे में रोचक बातें

3. कहाणी अरुणिमा की – Story of Arunima

4. मौल्यवान संपत्ति – Maulyvaan Sampati

 

हम आशा करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा है क्योंकि आपने जाना है की Mountaineering ke bare me jankari – Mountaineering ke liye jaruri tips और यदि आपको इस लेख से कुछ मदद मिलती है, तो इसे अपने मित्रों तथा ज़रूरतमंद व्यक्ति को साझा करें ताकि हम भी इन लेखों को लिखना जारी रख सकें,

धन्यवाद…

Post Comments

error: Content is protected !!