Rim ke bare me jankari – रीम के बारे में जानकारी guide in Hindi

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Rim ke bare me jankari - रीम के बारे में जानकारी

 

Rim ke bare me jankari – रीम के बारे में जानकारी:

Tyre ka upyog kaise kare: नमस्कार, ऑटोमोबाइल तंत्रज्ञान से जुड़े इस लेख में आप सभी स्वागत है. दोस्तों इस लेख में ऑटोमोबाइल में उपयोग होने वाले रिम के बारे में जानकारी प्रकाशित करने जा रहे है, उम्मीद है आप इस लेख को भी उतना ही पसंद करेंगे, जितना पहले के लेख को पसंद किया, क्योंकि हमारा यही प्रयास है की आप तक सही और बेहतर जानकारी पंहुचा सके.

दोस्तों, क्या आप ऑटोमोबाइल के गाडियों में प्रयोग होने वाले रीम (Rim) के बारे में जानते है? क्या आप रिम क्या मतलब होता है यह जानते है? रिम और रिंग (Rim And Ring) के बारे में जानते है? क्या आप रीम और रीम के उपर लगे लोहे की परत क्यों लगायी जाती है, यह जानते है? रीम के उपयोग (Uses of Rim), और क्या आप स्पोक रीम और रिंग के बारे जानते है? (different types of rim and ring) के बारे में जानते है? अगर नहीं जानते और जानना चाहते है तो आप सही आर्टिकल पढ रहे है. जी हा दोस्तों आज के इस लेख में, हम आपको रिम या रिंग के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे, और जानेगे की कैसे रिंग या रिम बहुत ही जरुरी और लाभकारी होती है.

 

रीम का अर्थ और परिभाषा जानिए:-

किसी भी पहिए के बाहरी भाग, पहिए, या किनारे वाले भाग को ही रिम कहते है, किसी भी पुराने रिंग को उठा कर देख ले, उसके उपरी वाले हिस्से में कोर लगी रहती है, जिसमे टायर और ट्यूब फिट किया जाता है उसे ही रीम कहते है.

पुराने ज़माने में लोहे के, या फिर लकड़ी के पहिये बनाते थे, और उसे बैलगाड़ी, हातगाडी, रथ के पहिये और मोटर गाडियों के पहिये में लगाकर प्रयोग में लाया जाता था. आपको मालूम ही होंगा की, ऑटोमोबाइल सभी प्रकार की गाडियों में जो रिम होते है, इसी रिम के उपर वाले भाग में टायर लगाया जाता है, इस रिम में गोलाकार होने के साथ साथ एक गोल आवरण भी रहता है.

 

रीम का परिचय:

इसमें दो भाग होते है, एक भाग बाहर होता है. जिसमें टायर फिट होता है, और दूसरा भाग जो अन्दर होता है, उसमें टायर के साथ टयूब फिट करते है, इसी रीम के बाहरी वाले भाग जो कोनेदार, और आवरण होने के कारण से ट्यूब के अन्दर हवा भरी जाती है जिससे आपके गाड़ी का पूरा भार या वजन सहन करने के क्षमता होती है, और इसके साथ में बाहर की और टायर वाला भाग इसकी मदत करता है.

कुछ समय बाद, इन पहियों पर लोहे के पहिये लगा दिए गए, जिस तरह से वाहन उपयोग में थे, उसी तरह वाहनों में सवार यात्री, पत्थरों के बीच में गाड़ी के पहिए आने से झटके लगने लगे, इन झटको को दूर करने के लिए रीम के उपर टायर ट्यूब लगाकर इसे प्रयोग में लाया करते थे, और इसी तरह से आधुनिक युग में नए नए रिम नए आविष्कार के साथ बनाकर जरुरत के हिसाब से सभी मोटार गाडियों में प्रयोग में लाये जाते है.

 

रीम के प्रकार जानिए:

1. आर्टिलरी रीम (लकड़ी का रीम)

2. प्रेस रीम (कारो में लगने वाले)

3. हैवी रीम ( ट्रको में लगने वाले)

4. स्पोक रीम या रिंग (मोटर साइकिल में लगने वाले)

5. टू-पिस रीम (स्कूटर में लगने वाले)

 

आर्टिलरी रीम (लकड़ी का रीम):-

इस तरह के रिंग का उपयोग अभी के समय में नहीं हो रहा है क्योंकि यह रिंग बहुत पुराने समय में उपयोग में लाया जाता था, यह रिंग दिखने में सुन्दर होने के साथ साथ लकड़ी का बना होता था, इसका प्रयोग करते समय बहुत आवाज करना और इसमें चलने के कारण कुछ समय बाद बेंडिंग की प्रॉब्लम आ जाती थी, इसलिए इसमें वायर स्पोक लगाकर प्रयोग करने लगे.

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प्रेस रीम (कारो में लगने वाले):-

इस तरह का रिम एक डिस्क की तरह दीखता है, और यह हलकी गाडियों में प्रयोग में लाये जाते है. यह रीम बहुत जादा वजन सहन कर सकता है, और वायर स्पोक से जादा ताकतवर और भारी होता है. यह स्टील का बना होता है, इस तरह का रिम साइकिल की तरह होता है, और आसानी से फिट किया जा सकता है.

 

हैवी रीम (ट्रको में लगने वाले):-

इस तरह का रीम बहुत भारी या हैवी गाडियों में किया जाता है, जैसे की, ट्रक, बस, लोडिंग गाड़ियां, क्युकी हैवी गाडियों का टायर भारी और बड़े होते है. इस रीम के साथ साथ एक लॉक रीम का भी प्रयोग किया जाता है, कारण टायर को चढाने और उतारने के लिए इसे प्रयोग में लाया जाता है.

 

स्पोक रीम या रिंग (मोटर साइकिल में लगने वाले):-

इस तरह के रीम में हब और रीम को जोड़ने के लिए, स्टील के बने वायर स्पोक लगाये जाते है. इस तरह के रीम या रिंग मोटर गाडियों में इसका उपयोग नहीं कर सकते क्योंकि, इसमें लगे स्टील के वायर स्पोक को बार बार एडजस्ट करके टाइट करना पड़ता है, और अधिक भार देने के कारण यह बेंड या टूट जा सकती है, इसी कारण इसका उपयोग शुरु शुरू मे कुछ गाडियों में किया जाता था, लेकिन कुछ विदेशी गाडियों में भी आज यह रिंग उपयोग में लाया जाता है, इस तरह का रीम का उपयोग मोटर साइकिल में किया जाता है.

 

टू-पिस रीम ( स्कूटर में लगने वाले):-

इस तरह के रीम का उपयोग ज्यादा से ज्यादा स्कूटर और थ्री व्हीलर गाडियों में किया जाता है, इस रीम में कुछ नट और बोल्ट के सहायता से फिट और लूज किया जाता है. इस तरह के रीम सीधे सीधे चलते है इसमें किसी भी तरह का बेन्डिंग मूवमेंट नहीं चाहिए, वरना यह टायर को छोड़ देता है, और टायर घसना शुरु कर देता है, यह बोल्ट के व्द्वारा जोड़ा जाता है.

 

Author by: Prashant

 

Inspection supervision:

Overview:- Rim ke bare me jankari – Artilari Rim ke bare me jankari.

Name:- वायर स्पोक रीम का उपयोग कैसे करे.

Benefits of Rim: वाहन का अधिक लोड सहन करना. वाहन को स्थलांतर करना,

Type of Rim: कारो में लगने वाले, मोटर साइकिल में लगने वाले, etc.

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