Communication ke bare me jankari – कम्युनिकेशन क्या है

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Communication ke bare me jankari - कम्युनिकेशन क्या है

 

Communication ke bare me jankari – कम्युनिकेशन क्या है:

नमस्ते दोस्तों, एक बार फिर आपका अपनासंदेश वेब पोर्टल पर हार्दिक स्वागत करते है. दोस्तों, जैसा कि आप जानते हैं, हम आपको हर बार नई जानकारी से अवगत कराते रहते हैं. ऐसी ही एक नई और महत्त्वपूर्ण जानकारी हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से देने जा रहे है. आज हम आपको जो जानकारी देने जा रहे है वह communication system के बारे में. दोस्तों, क्या आप जानते है की communication system का मतलब क्या है? communication सिस्टम क्या होता है? कम्युनिकेशन सिस्टम कैसे काम करता है? कम्युनिकेशन सिस्टम में किन घटकों का समावेश होता है? तो आइये इन सभी प्रश्नों के जवाब आज हम इस आर्टिकल से जानेंगे.

 

दूर संचार की जानकारी (Communication ka parichay):

प्रिय पाठक, communication सिस्टम के बारे में जान ने से पहले हमारे लिए ये जानना आवश्यक है की communication याने होता क्या है? तो दोस्तों, कम्युनिकेशन का मतलब जानकारी का आदान-प्रदान करना यह होता है. कम्युनिकेशन के बहुत से प्रकार आज अस्तित्व में है. जिनके द्वारा हम सब commnicate कर सकते है.

दोस्तो, आज हमारे पास इतने संसाधन है इस वजह से हम सब एक दुसरे से बहुत आसानी से communicate कर सकते है. लेकिन दोस्तों क्या आप ने कभी सोचा है, की प्राचीन काल में लोग कैसे communicate करते होंगे? क्योंकी उस समय में तो न कोई विद्युत् धरा, इन्टरनेट, टेलेफोन कुछ भी नहीं था . अब तो हम बहुत सरल तरीके से communicate कर सकते है, लेकिन प्राचीन काल में लोग बातो (speaking), लिखाण (writting), गानों (सिंगिंग), शारीरिक हलचल (body laungage) आदि के माध्यम से एक दुसरे के साथ communicate करते थे.

लेकिन उनके द्वारा जिस जानकारी का संचार होता था वह जानकारी ज्यादा लोगो तक या फिर ज्यादा दूर तक नहीं जा पाती थी. वह जानकारी बहुत कुछ सिमित लोगो तक ही पहुच पाती थी इस वजह से वह जानकारी सिमित स्वरूप से उपयोग में आती थी.

 

Communication ka shodh aur vikas:

19 वी सदी में संचार तंत्र (communication सिस्टम) में नाटकीय तौर पर बदलाव आने लगे. यह सब बदलाव विद्युत् के आविष्कार की वजह से आने लगे थे. क्योंकि विद्युत् के आविष्कार होने के बाद कई ऐसे तंत्र विकसित हुए की जिनके द्वारा कम्यूनिकेट किया जा सके. modern communication यह बहुत सारे वैज्ञानिक और शोधकर्ता इनके शोध और आविष्कार सफल परिणाम है. जैसे की J.C.BOSE, G. MARCONI, ALEXANDER GRAHAM BELL. (Communication ke bare me jankari)

विद्युत् धारा के आविष्कार के बाद वैज्ञानिको ने विद्युत संचार तंत्र (electronic communication सिस्टम) पर ज्यादा जोर देने लगे. जिसकी वजह से रेडिओ, टेलीफोन, मोबाइल इनका आविष्कार हुआ. इन विद्युत उपकरणों की वजह से modern communication बहुत ही सरल बन गया है.

 

कम्युनिकेशन का आधुनिक युग:

20 वी सदी में analouge सिग्नल, केबल, रेडिओ वेव इन सब चीजो का उपयोग communication के लिए किया जाता है, इनका उपयोग करके कोई भी सन्देश बहुत दूर तक भेज सकते है. आज के इस आधुनिक युग में लोग एक साथ, एक ही जगह से, एक ही समय पुरे विश्व के साथ communicate कर सकते है.

आज के इस आधुनिक युग में संचार (communicate) करने की क्षमता रखना यह सबके जीवन का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन गया है. हम सीधे (directly) पुरे विश्व के साथ बाते कर सकते है और रोजाना बहुत सारी जानकारी का आदान-प्रदान कर सकते है. और यह संभव हुआ सिर्फ मोर्डेन communication system के जरिये. हमारा यह वेब पोर्टल (अपनासंदेश.कॉम) भी एक modern communication का साधन है. जिससे आप बहुत सी जानकारिया पा सकते है.

लेकिन क्या कभी सोचा है की यह communication में ऐसे कोण से एलिमेंट है जिनके द्वारा यह सब संभव हो पाता है. तो आइये जानते है उन एलिमेंट के बारे में:

 

Communication system ke Element:

Communication सिस्टम में 3 मुलभुत घटकों का समावेश होता है,

1. Transmitter

2. Communicating channel

3. Reciver

यह सब communication सिस्टम के सबसे जरुरी और महत्त्वपूर्ण घटक है. इनके बिना communication system काम नही कर सकता है.

Transmitter: यह एक ऐसा उपकरण है जिसकी मदद से जो जानकारी हमारे पास है या जानकारी जिस स्वरूप में निर्माण हुई है उस जानकारी को सिग्नल में transfer करना. (e.g. sound wave converts into the electric wave)

Communicating channel: communicating चैनल के माध्यम से हम Transmitter से Transmitte हुई जानकारी को reciver तक ले जाने में मदद करता है. फिर वह channel wire या cable के रूप में भी हो सकते है. या फिर wireless भी हो सकते है.

Reciver: रिसीवर यह communicating channel से मिलने वाली जानकारी को प्राप्त करता है. जिस रूप में ट्रांसमीटर से जानकारी भेजी गयी थी उसी रुप में प्राप्त करता है.

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कम्युनिकेशन के प्रकार:

1. Point to point communication,

2. Broadcast communication,

Point to point communication: इस प्रकार में Transmitterसे निकलने वाली जानकारी सिर्फ एक ही Reciver तक जा पाती है. (e.g. telephone, mobile),

Broadcast: इस प्रकार में Transmitter से निकलने वाली जानकारी यह बहुत सारे लोगो तक पहुच पाती है. (e.g. tv, fm redio),

 

Author by: RITIK

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