famine-stricken ke bare me jankari – अकाल की जानकारी

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famine-stricken ke bare me jankari - अकाल की जानकारी

 

famine-stricken ke bare me jankari – अकाल की जानकारी:

दोस्तों, सूखा या अकाल इस शब्द से हर कोई परिचित है. लेकिन दोस्तों क्या आप जानते है की इसकी वजह क्या हो सकती है? (famine-stricken kya hai), इसी स्थिति में बचाव की सुविधाएँ क्या होती है? अकालग्रस्त क्या है? अकाल में निर्माण होने वाली समस्या, ऐसे अन्य सवाल मन में उभरते है. तो आइये प्रिय पाठक, आज हम आपको इस लेख के माध्यम से पूरी जानकारी देने जा रहे हैं. उम्मीद है इस लेख को भी उतना ही पसंद करेंगे जितना पहले के लेख को किया, .तो आइये दोस्तों जानते है.

 

A famine-stricken (अकालग्रस्त क्या है):

नमस्ते, दोस्तों आप सभी का एक बार फिर आपके अपने चहिते चैनल “अपना सन्देश” वेबपोर्टल में स्वागत है. दोस्तों, हर बार की तरह, आज हम एक नए विषय पर एक लेख के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारी बताने जा रहे हैं. आज का हमारा विषय बहुत ही महत्व पूर्ण और ख़ास विषय है.

आज हमारा विषय यह है की, जो आज बारिश ना गिरने के कारण हमारे क्षेत्र में सुखा पड जाना, अतिवृष्टि होने के कारण फसल का कम होना, और फसलो की बर्बादी होना मतलब इन सभी प्रकृति के बदलाव को ही मनुष्य की भाषा में अकालग्रस्त कहते है. ओर इसी अकालग्रस्त विषय पर बात करेंगे. जैसे की अकाल क्या है? यह किस वजह से आता है? क्या अकाल आने पर इसका सोलुशन है? क्या मानव तथा सभी जिव सृष्टि इससे बच सकते है? ऐसे अन्य सवाल हमे डिस्टर्ब करते है. लेकिन दोस्तो, जब जब ऐसी आपतकालीन परिस्थिति आती है तो हमें खुद ही संभालना पड़ता है.

जैसे इसका वर्तमान में तहलका मचाने वाला वायरस एक बहुत बड़ा उदा. है. हां दोस्तों आप सही सोच रहे है. इस आपतकालीन परिस्थिति को Novel Coronavirus (COVID-19) यह नाम से दुनिया में परिचय हो रहा है. मतलब इस स्थिति से बचने के लिए हम सभी को बहुत ही सावधानी से कदम उठाना है. और हमे सरकारी नियमो का पालन करना चाहिए, बिना वजह घर से बाहर न जाएं, तथा इस परिस्थिति का सामना करने के लिए सरकारी बताये गए नियमो का जरूर पालन करना चाहिए.

 

प्रकृति में होनेवाले बदलाव:

दोस्तों, सुंदरता, प्यार और भावनाओं से भरा प्रकृति भी कभी-कभी रौद्र रूप ले लेती है. इसका गुस्सा कोई भी रूप ले सकता है. दोस्तों अकाल प्रकृति के क्रोध का एक भयानक रूप है. भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए अकाल किसी अभिशाप से कम नहीं है. दोस्तों, कोई भी बारिश अकाल का मुख्य कारण नहीं है, कभी-कभी कई वर्षों तक किसी भी क्षेत्र में बारिश नहीं होती है. केवल जब बारिश होती है, तो हमें हर साल एक अच्छी फसल मिलती है, कभी-कभी बारिश की कमी के कारण, धरती माता को पानी नहीं मिलता है, और यह सुखी हो जाती है. और आपके और सूरज की निरंतर गर्मी के कारण, पृथ्वी की नमी सूख जाती है. नदी, नाले, तालाब सूख जाते हैं. कुएं का जल स्तर कम हो जाता है, और कुएं सूख जाते हैं.

 

अकाल का भयानक रूप :

फिर इस स्थिति में बीज बोने का कोई अर्थ नही होता, और बीज सूर्य के तपने के कारण जल जाते है. सिंचाई के लिए पानी ना मिलने पर हम खेती की कल्पना ही नही कर सकता है. और पिने के पानी का भी भारी संकट खड़ा हो जाता है.

दोस्ती, ऐसे अकाल की स्थिति बहुत ही भयंकर और सोचने वाली होती है. आकाश में बादल आते तो है, लेकिन वह निराशा के शिवाय कूछ भी नही देते है. और खाने के लाले पड़ जाते है, और खाद्यानो के कीमत के भाव तो आसमान को छूने लगते है.

मंहगाई की ज्वाला में झुलसकर लोग त्राहि-त्राहि पुकारने लगते है. गरीबो का जीना मुश्किल कर देते है, पेट की आग बुझाने के लिए उनके जानवर ही नही, बल्कि बर्तन तक बीक जाते है. घास और चारा न मिलने के कारण वह दम तोड़ने लगते है. गावो की चहल पहल वीरानी में बदल जाती है. इसी भयानक रूप को प्रकृति का क्रूर रूप भी कहते है.

 

अकाल ग्रस्त का इतिहास :

दोस्तों, जिस समय हमारे देश पर अंग्रेजो का शाशन था. उस समय अकाल-पीडितो को बेशुमार कष्ट झेलने पड़ते थे. लेकिन अब भारत स्वतंत्र हो चूका है. आज हमारे देश में ऐसी स्थिति नही है. अकाल-पीडितो को हर तरह की सहायता दी जाती है. राज्यसरकार उन्हें रोजगार और अनाज देती है, सामाजिक संस्थाए भी हर तरह से अकाल पीडितो की सहायता करते है. देशभर के कलाकार अकालग्रस्त की मदद करने के लिए सहायता कार्यक्रमों का आयोजन करते है. और लोगो को पेयजल पहुँचाने के लिए टैंकरों का इस्तेमाल करते है. जगह-जगह नलकूप लगाये जाते है. और नए कुए खोदे जाते है. आजकल हमारे देश में कृतिम वर्षा करने के प्रयोग भी होते है. पर इन्हें विशेष सफलता नही मिली है.

पर्यावरण शास्त्री अकाल की रोकथाम करने में लगे है. अकाल की स्थिति पैदा करने में वृक्ष की कटाई हद तक जिम्मेदार है. इसीलिए वृक्षारोपण की प्रवृत्ति को राष्ट्रीय स्थल पर प्रोत्साहित किया जा रहा है. वनो की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. नदियों पर विशाल बाँध बनाये जा रहे है. ग्रामीण क्षेत्र के तालाबो को अधिक गहरा कर दिया गया है. और परमाणुशक्ति-संपन्न देशो से संहारक शस्त्रों के परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा जा रहा है.

दोस्तों, अकाल राष्ट्र की विकासगामी योजनाओ का शत्रु है. इसके कारण प्रगति की और चलने वाले कदम रुक जाते है. इसीलिए अकाल के दैत्य से बचने के लिए प्रभावी उपाय करने चाहिये, दोस्तों, ख़ुशी की बात यह है, की अब लोग इस दिशा में जागृत होने लगे है.

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Author by: APARNA

 

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Famine-stricken Hindi Name:- अकाल को हिंदी में “अकाल ग्रस्त – अकाल पीड़ित (Akal Grast)” कहते हैं,

Famine-stricken Marathi Name:- अकाल को मराठी में “ दुष्काळ – दुर्भिक्ष (Dushkal)” कहते हैं

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