Jaundice ke bare me jankari – पीलिया के बारे में जानकारी

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Jaundice ke bare me jankari - पीलिया के बारे में जानकारी

 

Jaundice ke bare me jankari – पीलिया के बारे में जानकारी:

Piliya (Jaundice) ki jankari in Hindi: दोस्तों, पीलिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें बिलीरुबिन, पीले-नारंगी पित्त वर्णक के उच्च स्तर के कारण त्वचा, आंखों के श्वेत और श्लेष्म झिल्ली पीले हो जाते हैं. पीलिया के कई कारण हैं, जिनमें हेपेटाइटिस, पित्त पथरी और ट्यूमर शामिल हैं. लेकिन दोस्तों क्या आप जानते है की इस पीलिया कैसे होता है? (How does jaundice happen?), पीलिया का उपचार कैसे किया जाता है? पीलिया क्या है? ऐसे अन्य सवाल मन में उभरते है. तो आइये प्रिय पाठक, आज हम आपको इस लेख के माध्यम से पूरी जानकारी देने जा रहे हैं. उम्मीद है इस लेख को भी उतना ही पसंद करेंगे जितना पहले के लेख को किया, तो आइये दोस्तों जानते है.

Piliya rog kya hai

Jaundice (काविळ) बीमारी की जानकारी:

नमस्कार, दोस्तों आप सभी का एक बार फिर आपके अपने चहिते चैनल “अपना सन्देश” वेब पोर्टल में स्वागत है. दोस्तों, आज हम आपको बहुत ही महत्वपूर्ण विषय के बारे में जानकारी बताने जा रहे है. जी हां दोस्तों इसका वर्णन ऊपर किया है तो आइये आज हम आपको jaundice के बारे में जानकारी बताने जा रहे है, की, वह किस तरह होता है, वह किस के कारण होता है. इसके बारे में जानकारी जाने.

Piliya rog kya hai

Jaundice (पीलिया) होने का कारण:

दोस्तों, jaundice यह एक स्वतंत्र विकार मानने से अच्छा तो वह एक रोगलक्षण मानना सयुक्तिक है. पीलिया तब होता है जब आपके रक्त में बहुत अधिक बिलीरुबिन, एक पीला-नारंगी पदार्थ होता है. यह आपकी लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है. जब वे कोशिकाएं मर जाती हैं, तो लीवर इसे रक्तप्रवाह से फ़िल्टर करता है. लेकिन अगर कुछ गलत है और आपका लीवर ठीक नहीं रहता है, तो बिलीरुबिन बनता है और आपकी त्वचा पीली दिख सकती है.

 

काविळ (पीलिया) होने का कारण:

तथा अधिक का पित्त का हिस्सा खून में मिल जाता है. और पुरे शरीर में फैलता है. इसमें से ही आँखों का सफ़ेद हिस्सा पिला दिखने लगता है. और त्वचा का रंग पिला दिखने लगता है, यूरिन पिली या कमजोर होने लगती है, और तिव्र jaundise में लाल-पिली दिखने लगती है. पित्त यह liver से बाहर निकलते समय पित्तनलिका में liver के कारण मुसीबते निर्माण होती है. और शौच यह सफ़ेद होने लगती है. Piliya (Jaundice) ki jankari

अग्नाशय का कैंसर यह पुरुषों में 10 वां और महिलाओं में नौवां सबसे आम कैंसर है. यह पित्त नली को अवरुद्ध कर सकता है, जिससे पीलिया हो सकता है.

ज्यादातर समय, यह संक्रमण एक वायरस के कारण होता है. यह अल्पकालिक (तीव्र) या पुराना हो सकता है, जिसका अर्थ है कि यह कम से कम 6 महीने तक रहता है. ड्रग्स या ऑटोइम्यून विकार हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं. समय के साथ, यह यकृत को नुकसान पहुंचा सकता है और पीलिया हो सकता है.

अवरुद्ध पित्त नलिकाएं ये पतली नलिकाएं होती हैं जो यकृत और पित्ताशय की थैली से छोटी आंत में एक तरल पदार्थ ले जाती हैं. कभी-कभी, वे पित्त पथरी, कैंसर या दुर्लभ यकृत रोगों से अवरुद्ध हो जाते हैं. यदि वे करते हैं, तो आपको पीलिया हो सकता है.

Piliya upchar kaise kare

jaundice किससे होता है (पीलिया के लक्षण):

दोस्तों, हम jaundise के रुग्न देखते है, वह विशानुजन्य पानी से होने वाला संसर्गजन्य रोग होता है. मुह के द्वारा पानी से यह विषाणु हमारे शरीर में प्रवेश करते है. औए liver फुल जाता है. तथा liver के अंदर की रेड पेशी कमजोर होने लगती है और इसी के कारण jaundice दिखने लगती है.

Piliya upchar kaise kare

पीलिया के लक्षण (Symptoms of jaundice):

1. जी मचलना,

2. भूक न लगना,

3. मलावरोध होना यह लक्षण jaundice के रुग्णों में दिखाई देने लगती है.

4. रोगी के आँख का और यूरिन का कलर पिला होता है, और शौच सफ़ेद मिट्टी की तरह होने लगती है,

5. अन्न पचन के लिए आवश्यक पित्तरस का अभाव होने के कारण यह लक्षणे देखने में आती है. सामान्य तरह से 5-10 दिन में यह बिमारी ठीक होने लगती है.

दूसरे प्रकार के पीलिया का मतलब है कि वह पीलिया में एक के शरीर से दूसरे के शरीर में प्रवेश करती है जो रक्त से जुड़ा होता है. जैसे इंजेक्शन की सुई, ऑपरेशन की सुई, या फिर खून इनसे हर समय संपर्क में आनेवाले सिस्टर, डॉक्टर इन जैसे व्यक्ति को यह बीमारी होने की संभावना अधिक होती है. यह jaundice त्रिव स्वरूप की होकर इसको ठीक होने के लिए बहुत समय लगता है. कुछ समय liver काम करना भी बंद कर देता है. इसे ही हम “liver सूत्रण रोग” (“Liver threading disease”) कहा जाता है.

Kavil rog ka upchar

Jaundise पर उपाय:

दोस्तों, jaundise इस पर उपाय न होने के कारण प्रतिबंध यही एक उपाय है. पूरी तरह से विश्रांति, हल्का संतुलित आहार लेने से सर्वसाधारण jaundise यह नियंत्रण में आ सकती है. तीव्र लक्षण में ग्लूकोस-सलाइन देकर रुग्न के पचनसंस्था को आराम देकर मदद की जाती है. jaundise यह विषानुजन्य बीमारी होने के कारण रुग्न के संपर्क में आने से हात अच्छी तरह से धोना, उनके बर्तन, कपडे इनकी अलग व्यवस्था करना और अन्य लोगो ने पानी उबालकर पीना यही प्रतिबंध का महत्वपूर्ण हिस्सा है. jaundice की लक्षण और प्रत्यक्ष संसर्ग होने की कारण यह बीमारी धीरे धीरे संभलने लगती है, फिर भी रुग्न के आँख में कुछ दिनों तक पिला रंग होता है, और धीरे-धीरे हमेशा के तरह होता है.

Kavil rog ka upchar

Author by- APARNA

 

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Jaundice Hindi Name:- जॉन्डिस को हिंदी में “पीलिया (Piliya)” कहते हैं,

Jaundice Marathi Name:- जॉन्डिस को मराठी में “काविळ (Kavil)” कहते हैं

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