shock absorber ke bare me jankari – शॉक अब्सॉर्बेर की जानकारी

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shock absorber ke bare me jankari - शॉक अब्सॉर्बेर की जानकारी

 

shock absorber ke bare me jankari – शॉक अब्सॉर्बेर की जानकारी:

Shock Absorber ka upyog kaise kare: दोस्तों हम सब जानते है की, हर गाडी में शॉक अब्सॉर्बेर का रहना कितना जरुरी है, सड़क पर चलते समय कभी भी रास्तो पर गड्डे, ख़राब रास्ते, मिटटी के टीले, आदि से हमें होकर गुजरना पड़ता है, अगर हमें इन सारी मुसिबुतो से निजात पाना है तो हमें हमारे गाडियों में शॉक अब्सॉर्बेर लगा होना बहुत ही अनिवार्य है. दोस्तों, शॉक अब्सॉर्बेर यह सस्पेंसन सिस्टम (suspension system) का मुख्य हिस्सा है. और इससे जुडी पूरी इनफार्मेशन आज के लेख में प्रकाशित कर रहे है. नमस्कार प्रिय पाठक, उम्मीद है आपको हमेशा की तरह यह लेख भी पसंद आएगा, तो आइये जानते है.

 

शॉक अब्सॉर्बेर क्या है (Shock Absorber ka upyog):

Shock Absorber का मतलब है रोड से मिलने वाले शॉक को अब्जोर्ब करना, वास्तव में देखा जाये तो शॉक अब्सोर्बेर के अन्दर लगे स्प्रिंग ही सड़क पर आने वाले शॉक को अब्जोर्ब करती है. हम सभी यह जानते है की, सड़क ऊँची नीची होने के कारण गाडी उछलती है. उसी समय यह स्प्रिंग भी उपर निचे उछलती रहती है, जिससे गाडी भी उछलती है, शॉक स्प्रिंग और शॉक अब्जोर्बेर लगाने से सड़क कैसी भी हो गाडी सीधी चलती रहती है. और हम सब यह भी जानते है की, अगर स्प्रिंग को दबा कर रखे तो वह अपनी जगह वापस आने की पूरी कोशिश करती है, जिसे हम Oscillation of spring कहते है.

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शॉक अब्सॉर्बेर के प्रकार (Types of shock Absorber):

1. फ्रिक्शनल शॉक अब्सॉर्बेर (Frictional Shock Absorber)

2. हाइड्रोलिक शॉक अब्सॉर्बेर (Hydraulic Shock Absorber)

 

फ्रिक्शनल शॉक अब्सॉर्बेर (Frictional Shock Absorber):-

इस तरह की शॉक अब्सॉर्बेर पुराने ज़माने में प्रयोग में लाया करते थे, लेकिन आज कल नए ज़माने की गाडियों में यह शॉक अप प्रयोग में नहीं लाते. और अगर आप देखेंगे की पुराणी मोटर साइकिल के चिमटो में लगे हुवे दिखेंगे, इस तरह की पुराणी गाडियों के शॉक अब्सोर्बेर के अन्दर दो प्लेट लगी रहती है, इसमें एक भाग तो बॉडी के साथ और दूसरा भाग चिमटे या फिर एक्सेल के साथ बंधा दिखाई देंगा, इन दोनों प्लेटो के बिच मे एक डिस्क लगी रहती है, और इसे स्प्रिंग की सहायता से आपस में दबाकर रखा जाता है, जब गाड़ी सड़क पर चलती हो तो एक्सेल के उपर निचे होने पर डिस्क प्लेट बिच में रहने के कारन एक्सेल को जम्पिंग करने से रोक लेती है.

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हाइड्रोलिक शॉक अब्सॉर्बेर (Hydraulic Shock Absorber):-

दोस्तों आप शायद जानते होंगे की हर गाडियों में अलग अलग प्रकार के शॉक अब्सोर्बेर लगे होते है. और इन शॉक उप में साइज़ भी निर्माण करने वाली कंपनी के हिसाब से अलग अलग होते होते है, इसलिए इस तरह के शॉक अब्सोर्बेर के प्रकार भी अलग अलग होते है. तो आइये जानते है हाइड्रोलिक शॉक अब्सोर्बेर (Hydraulic Shock Absorber) के प्रकार कितने है,

1. वेन टाइप शॉक अब्सॉर्बेर (Vane Type Shock Absorber)

2. पिस्टन टाइप शॉक अब्सॉर्बेर (Piston Type Shock Absorber)

3. टेलीस्कोपिक शॉक अब्सॉर्बेर (Teliscopic Shock Absorber)

 

वेन टाइप शॉक अब्सॉर्बेर (Vane Type Shock Absorber):-

इस तरह के शॉक अप के अन्दर एक लोहे की बॉडी होती है. इसके अन्दर एक वेन जो शाफ़्ट पर फिट होती है, शाफ़्ट का एक भाग बॉडी की दूसरी और निकला रहता है, जिसे लीवर द्वारा फ्रंट एक्सेल के साथ बाँध दिया जाता है, इस शॉक उप के बॉडी के अन्दर वाल्व लगे रहते है, जिसमे हाइड्रोलिक ऑइल भर दिया जाता है, और शॉक उप चेसिस के साथ बंधा रहता है, जब कभी एक्सेल उपर की और उठता है, तब लीवर और वेन घूम जाते है, वेन के अन्दर हाइड्रोलिक ऑइल होने के कारण यह दब जाता, और इस दबे हुए ऑइल को वाल्व प्रेशर के द्वारा धीरे धीरे ऑइल निकल दिया जाता है, जिसके कारण शॉक अब्सोर्बर अपना कार्य बड़ी आसानी से कर सकते है.

 

पिस्टन टाइप शॉक अब्सॉर्बेर (Piston Type Shock Absorber):-

दोस्तों हम आपको बता दे की इस तरह के शॉक अप के अन्दर एक पिस्टन और डबल पिस्टन वाले शॉक अब्सोर्बेर प्रयोग में लाये जाते थे, पहले एक पिस्टन कम्प्रेशन करके शॉक अब्सोर्बेर की बॉडी और सिलेंडर में हाइड्रोलिक ऑइल भरा रहता है, जब पिस्टन चलता है तब प्रेस किया हुआ ऑइल को निकलने का एक ही रास्ता है, और वह है रिलीफ वाल्व क्योंकि रिलीफ वाल्व का साइज़ बहुत ही छोटा होता है, इस ऑइल को निकलने के लिए समय लग जाता है, और जैसे जैसे एक्सेल जम्प करता रहता वैसे वैसे ऑइल भी धीरे धीरे भरते रहता है, इसलिए इस तरह के शॉक अब्सोर्बेर आज कल बहुत कम प्रयोग में लाया करते है.

डबल पिस्टन वाले शॉक अब्सॉर्बेर में दो पिस्टन अपने आमने सामने फिट किये जाते है, इन पिस्टन में बारीक़ होल किये जाते, इनमे एक स्प्रिंग और साइड में खुलने वाला वाल्व फिट किया जाता है. इसमें लगे कैम पिस्टन को आगे पीछे करने का काम करते है. जब कभी गाड़ी सड़क पर चलती हो तब एक्सेल जम्प के कारण ऊपर की और उठती हो तब कैम घूमता है और पिस्टन बाहर की और आता है, तब सामने लगे हाइड्रोलिक ऑइल को पिस्टन के द्वारा प्रेस करके वाल्व को बंद कर दिया जाता है. जब कभी डबल पिस्टन में पहिला पिस्टन जा रहा होता है तब दूसरा भी पिस्टन अपने आप खीचा चला आता है, जिसके कारण हाइड्रोलिक चेम्बर में ऑइल भर जाता है.

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टेलीस्कोपिक शॉक अब्सॉर्बेर (Telescopic Shock Absorber):-

इस तरह के शॉक अप अब्सोर्बेर सभी तरह के गाडियों में उपयोग में लाये जाते है, सड़क पर चलते हुए जब जब गाड़ी को झटका लगता है, तब तब यह शॉक अप अपना कार्य करते रहते है, इन शॉक अब्सोर्बेर के अन्दर भी दो चेम्बर होते है एक इनर चेम्बर और दूसरा आउटर चेम्बर. इस चेम्बर के अन्दर पिस्टन लगे होते है, जो इनर ट्यूब असेंबली अपना कार्य करती है, इसमें लोवर चेम्बर और अप्पर चेम्बर होता है, जब गाड़ी सड़क पर चलने के कारण स्प्रिंग को झटका लगता है, तब पिस्टन वाल्व पर जोर का झटका लगने के कारण वह खुल जाता है, जब कभी शॉक अब्सोर्बेर ख़राब हो जाये तो उसे तुरंत रिपेयर कर लेना चाहिए या फिर बदल देना चाहिए.

Author by: Prashant

 

Inspection supervision:

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Benefits of shock absorber: वाहन का अधिक लोड सहन करना. आराम प्रदान करना,

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