diwali ke Five Din ka Mahatva | Deepavali Laxmi pooja kab aur kaise kare?

Deepavali Kyo Manate Hai? diwali ke Five Din ka Mahatva jane, Deepawali Tyohar ka Mahatva, Laxmi pooja kab Hai? Govardhan Puja ka mahatva, दीवाली के पांच दिन के लाभ जाने? दीपावली कैसे मनाये, Diwali festival kaise और kab manana चाहिए? दीवाली के बारे में पढ़े इन Hindi.

दीवाली ke Five Din ka Mahatva | Deepavali Laxmi pooja kab aur kaise kare?

 

दीवाली ke Five Din ka Mahatva | Deepavali Laxmi pooja kab aur kaise kare?

Hello Friends. आप सभी का ApnaSandesh.Com में आपका स्वागत है. दोस्तों, जैसा कि हमने पिछले कुछ लेख में दीपावली के रहस्य और महत्व की जानकारी दी है. तो आइये दोस्तों आज हम diwali ke Five Din ka Mahatva Kya Hai? और Deepavali Kyo Manate Hai? तथा Deepavali Tyohar ke Labh, जानते है. Lakshmi pooja. Deepavali. Lakshmi god. Goddess Laxmi. Laxmi pooja. Lakshmi pooja at home. Lakshmi and Ganesh

दोस्तों, Deepavali खुशियों का त्योहार है जिसे पूरे भारत में मनाया जाता है. दीपावली को रोशनी के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है. यह एक त्योहार है जिसे सभी त्योहारों में से एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले इस त्योहार का रहस्य अलग ही माना जाता है. जब अयोध्या नगरी के राजा श्री राम ने अपना चौदह वर्ष का वनवास पूरा किया और अपने शहर लौट रहे थे. तब अयोध्यावासियों ने अपने महाराज का स्वागत करने के लिए कार्तिक महीने की रात को दीपों की रोशनी से रोशन किया था.

 

यह पुराणों और ग्रंथों में भी लिखा गया है. तभी से यह त्योहार दीपावली के रूप में मनाया जाता है. दीपावली: यह खुशियों का एक त्यौहार है, सत्य का त्यौहार, सत्य की जीत का त्यौहार है. यह त्योहार भारतीय लोगों की सच्चाई का विश्वास है. इसीलिए Deepavali के इस मौके पर हर व्यक्ति अपने घर को रोशन करता है.

 

दीपावली त्यौहार का महत्व – Deepawali Tyohar ka Mahatva

Deepavali यह भारत में बहुत बड़ा त्यौहार है, यह पांच दिवसीय त्यौहार है जिसके महत्व को जानना बहुत लाभकारी है. दोस्तों जब भी इस त्यौहार को मनाने की बात आये तो सबसे पहले एक बात जरूर याद रखे, की इस दीवाली के त्यौहार पर एक पेड़ जरूर लगाए, Lakshmi pooja. Deepavali. Lakshmi god.

दोस्तों दीपावली भारत का सबसे उज्ज्वल त्यौहार है, जो भारत की सबसे प्राचीन संस्कृति और राष्ट्रीय त्यौहार है.

वेदों की रोशनी और इस प्रकाश की महिमा का वर्णन किया गया है.

पुरातन काल की धारणा दीपावली परदेवी देवताओ की पूजा इस त्यौहार के प्राचीन काल का प्रतीक है.

यह पवित्र त्यौहार भारतीय संस्कृति की अस्थायी और सांस्कृतिक विरासत के रूप में मनाया गया है. Deepavali भारत का एक राष्ट्रीय और सांस्कृतिक त्यौहार है.

लेकिन 2020 के Deepavali त्यौहार को Covid-19 के कारण, अब इस त्यौहार को बड़े ही सावधानी से सेलिब्रेट करना है. तो दोस्तों आईये जानते है Deepavali festival ke labh
और diwali ke Five Din ka Mahatva.

 

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दीपावली त्यौहार के लाभ – Benefits of Diwali festival

दोस्तों Deepavali त्यौहार का सबसे बड़ा लाभ यह है की बढ़ती हुई दूरिया कम होने लगती है.

हाँ क्योंकि किसी न किसी कारण फॅमिली मेंबर एक दूसरे से अलग रहते है, जैसे पढाई, नौकरी या अन्य कारणों से लोग अलग-अलग जगह रहते है.

लेकिन दीपावली उत्सव आता है तो सभी छुट्टी मनाने अपने गांव आते है. और सभी ख़ुशी से रहते है.

यह त्यौहार प्रेम और सत्य का प्रतिक है. सत्य आने अच्छाई की जित, इस त्यौहार से सभी लोग खुशी से मिलकर रहते है.

दोस्तों एक बात बता दू की भागदौड़ की जिंदगी में लोग अब तनाव में जीते है.

लोगो के इसी बढ़ते तनाव को दूर करने का दीवाली त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण उपहार है. इसे सभी लोग Tension को भूलकर एन्जॉय करते है.

सबसे बड़ा काम याने दीवाली के समय घरो की सफाई यह महत्वपूर्ण है.

जिस घर में वर्षनुवर्ष रह रहे है उसकी सफाई Deepavali के समय करने में कुछ अलग ही मज़ा है.

Deepavali के इस त्यौहार पर सभी लोग एक दूसरे से समीप होते. पुराने दोस्त मिलते है, उनसे बाते होती रहती है. यह त्यौहार एक खुशियों का भी त्यौहार है.

 

दीपावली में पांच दिनों का महत्व – Diwali me five days ka Mahatva

1. कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी – Kartik Krishna Triadshi :

दोस्तों बता दू की कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को ”धनतेरस” कहा जाता है. इस दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा करते है.

पुराणों में तथा कहानी में लिखा गया है की सागर मंथन के समय धन्वंतरी सफेद अमृत कलस लेकर अवतरित हुए थे.

इस दिन धन की पूजा करते है, कुछ लोग नई खरीददारी भी करते है.

इस दिन यम देवता के लिए दिपदान करना चाहिए, इससे अकाल मृत्यु का नास होता है.

पुराणों और ग्रंथो में इसके बारे में विस्तृत बताया है. दोस्तों यह दिन दीवाली के पांचो दिनों के शुरुआत का दिन है. तथा आप इस दिन से दीवाली उत्सव की शुरुआत का लाभ ले सकते है.

 

2. कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी – Kartik Krishna Chaturdashi :

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जानते है.

नरक चतुर्दशी याने नरक चौदस या नर्का पूजा के नाम से जानी जाती है.

इस दिन विधि विधानों से पूजा करने वाला व्यक्ति पापो से मुक्त होकर स्वर्ग प्राप्ति कर सकते है.

पुराणों के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन सुबह तेल लगाकर अपामार्ग [Achyranthes aspera] के पत्तियों को पानी में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है.

दोस्तों इस दिन को छोटी Deepavali भी कह सकते है.

पौराणिक कहानियो के अनुसार आज के दिन भगवान श्री कृष्ण ने दुराचारी नरकासुर का वध किया था और नरकासुर के बंधी गृह से कन्याओं को मुक्त कर संमान प्रदान किया था. इसी उपलक्ष में आज के दिन दिए जलाए जाते है इसलिए आज का दिन भी छोटी दिवाली के नाम से परिचित है.

 

3. कार्तिक कृष्ण अमावस्या – Kartik Krishna Amavasya :

कार्तिक कृष्ण अमावस्या को Deepavali कहा जाता है.

दीवाली के इस दिन लक्ष्मी [Laxmi] जी की पूजा की जाती है,

Laxmi के पूजन से घर में शांति और धन की प्राप्ति होती है. और इसे Laxmi-Puja के नाम से भी जानते है.

Lakshmi Puja को कुबेर Puja के नाम से भी जानते है. शुभ समय में, पुजन के लिए जैसे Laxmi जी की फोटो, सिक्के या मंदिर, श्रीयंत्र, दीपक, कमल फूल और फल आदि सामग्री एकत्र की जाती है. और Puja की तैयारी की जाती है.

घरों में Laxmi पूजन के दिन व्यंजन तैयार किए जाते हैं. शुभ समय में, Laxmi का वैदिक या पौराणिक मंत्रों से पूजन किया जाता है.

 

4. कार्तिक शुक्ला प्रतिपिदा – Kartik Shukla Pratipada

Deepavali के अगले दिन याने कार्तिक शुक्ला प्रतिपिदा जिसे गोवार्धन पूजा के नाम से जानते है.

सभी भारतीय जीवन में इस त्योहार का बहुत महत्व है. इस त्यौहार में मनुष्यों को प्रकृति से मिलने का वरदान मिलता है. इस त्यौहार की अपना ही एक महत्व है.

इस गोवर्धन पूजा में गायों की पूजा की जाती है.

शास्त्रों में कहा गया है कि गाय Laxmi का रूप है. गाय के बछड़े खेतों में काम करके अनाज उगाते है.

इसलिए गाय पूरी मानव जाति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसीलिए आज के दिन माँ गया के प्रति श्रद्धा के कारण गोवर्धन पूजा करते है.

तथा शायद आप इस दिन के दूसरे महत्व को जानते है.

जी हाँ आप सही सोच रहे, यदि आप आध्यत्मिक का अभ्यास करते है तो यह जानते होंगे, आपके लिए यह एक सवाल रहेगा जिसे आपको हमे कमेंट करके बताना है. तो दोस्तों निचे Comment Box में कमेंट जरूर दे,

 

5. कार्तिक शुक्ला द्वितिया – Kartik Shukla Dvitiya :

कार्तिक शुक्ला द्वितिया दिन को यम द्वितीया एव भाई दूज [Bhaiya Duj] के नाम से भी जानते है.

यह दीपावली के बाद दूसरे दिन होता है. इस दिन सभी बहने अपने भाई के खुशहाली की कामना करती है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार कार्तिक शुक्ला प्रतिपिदा के दिन यमुना ने महाराज यम को स्नेहभोजन कराया था.

उस दिन नारकी जीवो को यातना से छुटकारा मिला और उन सब ने यम लोक के हित के लिए उत्सव मानाया इसलिए यह तिथि तीनो लोको में यम द्वितीया के नाम से प्रख्यात है.

इस तिथि में यमुना ने महाराज यम को भोजन कराया था.

इसीलिए आज के दिन सभी बहन भाई एक साथ भोजन करने से कल्याण प्राप्ति होती है.

 

वर्ष 2020 की दिवाली – Diwali Kab hai
  • वसुबरस: निज अश्विन कृष्ण द्वादशी [Govatsa Dwadashi] – गुरुवार, 12 नवंबर, 2020.
  • धनत्रयोदशी: निज आश्विन कृष्ण त्रयोदशी [Dhantrayodashi/Dhanteras /Yama Deepam]- शुक्रवार, 13 नवंबर, 2020.
  • नरक चतुर्दशी: निज आश्विन कृष्ण चतुर्दशी [Narak Chaturdashi/ Lakshmi Puja/Diwali/ Kedar Gauri] – शनिवार, 14 नवंबर, 2020.
  • लक्ष्मीपुजन: निज अश्विन अमावस्या [Narak Chaturdashi/ Lakshmi Puja/Diwali/ Kedar Gauri] – शनिवार, 14 नवंबर, 2020.
  • बलीप्रतिपदा / पड़वा: कार्तिक शुद्ध प्रतिपदा [Diwali Devpuja/Govardhan Puja] – सोमवार, 15 नवंबर 2020.
  • भाईदूज: कार्तिक शुद्ध द्वितीया [Bhaiya Dooj/Bhau Beej/ Yama Dwitiya] – सोमवार, 16 नवंबर, 2020.
दीपावली त्यौहार – मस्ती का त्यौहार :

इस खुसियो पर्व में कुछ नुकसान भी हैं.

उदाहरण के लिए, बदलते समय के अनुसार, बिजली का अधिक उपयोग, पटाखे जलाना, आदि इस प्रकार के हैं.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इससे हमारे वातावरण में प्रदूषण बढ़ता है.

त्योहार सभी को खुश रखने के लिए एक उपहार है. नष्ट करने के लिए नहीं,

यदि त्योहार स्वाभाविक रूप से मनाया जाता है तो आपको अधिक समृद्धि मिलेगी, सभी लोग खुश रहेंगे, और पर्यावरण भी अच्छा होगा, ताकि कोई बीमारी न हो,

दोस्तों इस वर्ष Deepavali को मनाते समय बहुत सुरक्षा का पालन करे क्योंकि आप सभी जानते है.

अब Government में भी COVID-19 के कारण दीवाली त्यौहार को सुरक्षित मनाने का आदेश जारी किया है.

इसीलिए लिए Eco-friendly Diwali Celebrate kare और पर्यावरण को साफसुथरा रखे,

 

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Name- Deepavali Laxmi pooja kab Hai? diwali ke Five Din ka Mahatva?

 

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मुझे उम्मीद है कि आप लोगों को यह लेख जरूर पसंद आया होगा, मैंने अपनी तरफ से Deepavali  Laxmi pooja kab Hai? के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है, फिर भी यदि इस बारे में जानकारी छूट गयी या मिस हो गई तो हमें कमेंट करके जरूर बताये,

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